सुषमा स्वराज
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सुषमा स्वराज
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| कार्यकाल १८ दिसंबर, २००९ – जारी |
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| पूर्व अधिकारी | लाल कृष्ण आडवाणी |
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| कार्यकाल १९७७ – १९८२ |
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श्रम एवं रोजगार मंत्री केन्द्रीय मंत्रीमंडल
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| कार्यकाल १९७७ – १९७९ |
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शिक्षा मंत्री केन्द्रीय मंत्रीमंडल
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| कार्यकाल १९८७ – १९९० |
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सदस्य राज्य सभा
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| कार्यकाल १९९० – १९९३ |
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सूचना एवं प्रसारण मंत्री केन्द्रीय मंत्रीमंडल
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| कार्यकाल १९९६,१९९७ – २०००-२००३ |
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| जन्म | १४ फरवरी, १९५२ अंबाला छावनी, हरियाणा |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| राजनैतिक पार्टी | भारतीय जनता पार्टी |
| जीवन संगी | स्वराज कौशल |
| संतान | १ बेटी |
| विद्या अर्जन | कला स्नातक |
| पेशा | राजनीति |
| धर्म | हिन्दू |
सुषमा स्वराज (जन्म : १४ फरवरी १९५२) भारत की भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गई हैं। सम्प्रति वे भारत की पन्द्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेत्री हैं। इसके पहले वे केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में रह चुकी हैं तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही हैं। वे सन २००९ के लोकसभा चुनावों के लिये भाजपा के १९ सदस्यीय चुनाव-प्रचार-समिति की अध्यक्ष भी रहीं थी। अम्बाला छावनी में में जन्मी सुषमा स्वराज ने एस.डी. कालेज अंबाला छावनी से बीए की डिग्री ली। पढ़ाई समाप्त होने के बाद जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में साथ लगने वाली सुषमा ने राजनीति के मैदान में पूरी तरह से कूद जाने का फैसला कर लिया और आपातकाल का पुरजोर विरोध किया। वे सक्रिय राजनीति से जुड़ीं और सुख-दुख सभी तरह के मोड़ देखे।
राजनीतिक करियर
आपातकाल के बाद उन्होंने दो बार हरियाणा विधानसभा का चुनाव जीता और चौधरी देवी लाल की सरकार में से १९७७ से ७९ के बीच राज्य की श्रम मंत्री रह कर २५ साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने का रिकार्ड बनाया था।[1] १९७० में उन्हें एस.डी. कालेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के सम्मान से सम्मानित किया गया था। वे तीन साल तक लगातार एस.डी. कालेज छावनी की एनसीसी की सर्वश्रेष्ठ कैडेट और तीन साल तक राज्य की श्रेष्ठ वक्ता भी चुनी गईं। पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा १९७३ में उन्हें सर्वोच्च वक्ता का सम्मान भी मिला। भाजपा में राष्ट्रीय मंत्री बनने वाली पहली महिला सुषमा के नाम पर कईं रिकार्ड बने हैं। १३ जुलाई, १९७५ को स्वराज कौशल के साथ उनका विवाह हुआ था।[2] वे भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने वाली पहली महिला हैं, वे केबिनेट मंत्री बनने वाली भी भाजपा की पहली महिला हैं, वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं और भारत की संसद में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी वे ही हैं। [3]
वर्तमान
वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा की सदस्या चुनी गई हैं। वे विदेशी मामलों में संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षा भी हैं। १९५७ में उनका विवाह स्वराज कौशल के साथ में हुआ था। जो छह साल तक राज्यसभा में सांसद रहे साथ ही मिजोरम में राज्यपाल भी रहे। स्वराज कौशल अभी तक सबसे कम आयु में राज्यपाल का पद प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं। सुषमा स्वराज और उनके पति की उपलब्धियों के ये रिकार्ड लिमका बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करते हुए उन्हें विशेष दंपत्ति का स्थान दिया गया है। स्वराज दंपत्ति की एक पुत्री है, जो वकालत कर रही हैं। हरियाणा सरकार में श्रम व रोजगार मंत्री रहने वाली सुषमा छावनी से विधायक बनने के बाद में लगातार आगे ही बढ़ती गईं और बाद में दिल्ली पहुँचकर उन्होंने दिल्ली की राजनीति में ही सक्रिय रहने का संकल्प लिया था।
संदर्भ
- ↑ "क्या भाजपा को मिलेगी पहली महिला अध्यक्ष" (पीएचपी). बिजनेस स्टैण्डर्ड. http://hindi.business-standard.com/hin/storypage.php?autono=21562. अभिगमन तिथि: २००९.
- ↑ प्रखर वक्ता सुषमा स्वराज ।वेब दुनिया।८ अप्रैल, २००९
- ↑ "सुषमा स्वराज पहली महिला सर्वश्रेष्ठ सांसद" (एचटीएमएल). हितचिंतक. http://hitchintak.blogspot.com/2007/09/blog-post_3303.html. अभिगमन तिथि: २००९.
Bold text she got married in 1975 not in 1957 (she was 5 yrs. old and could not get married in so early age)