भगत सिंह कोश्यारी

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भगत सिंह कोश्यारी

पूर्वा धिकारी नित्यानन्द स्वामी
उत्तरा धिकारी नारायण दत्त तिवारी

जन्म 17 अक्टूबर १९४२ (१९४२-10-17) (आयु 72)
अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
राजनीतिक दल भाजपा
धर्म हिन्दू

भगत सिंह कोश्यारी एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वे उत्तराखण्ड राज्य विधानसभा में २००२ से २००७ तक विपक्ष के नेता थे। इससे पूर्व वे उत्तराखण्ड (उनके प्रशासन में उत्तरांचल) राज्य के दूसरे मुख्यमन्त्री रह चुके हैं।

निजी जीवन[संपादित करें]

भगत सिंह कोश्यारी का जन्म १७ जून १९४२ को अल्मोड़ा में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अल्मोड़ा में पूरी की और उसके पश्चात उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में आचार्य की उपाधि प्राप्त की। वर्ष २००५-२००७ के बीच वे भारतीय जनता पार्टी के उत्तराखण्ड राज्य प्रमुख थे। उस समय मतबर सिंह कण्डारी विपक्ष के नेता थे।

राजनैतिक जीवन[संपादित करें]

वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। १९७७ में आपातकाल के समय उन्होंने विरोध किया और उन्हें बंदी बनाया गया। वर्ष २००० में उन्हें नए बने राज्य उत्तरांचल (अब उत्तराखण्ड) का ऊर्जा, सिंचाई, कानून और विधायी मामलों का मंत्री नियुक्त किया गया। २००१ में वे नित्यानन्द स्वामी के स्थान पर मुख्यमंत्री बने। उन्होंने उत्तराखण्ड में भाजपा के राज्य अध्यक्ष का भी पदभार सम्भाला। २००२ के राज्य विधानसभअ चुनावों में अपने दल की हार के पश्चात उन्होंने मुख्यमंत्री का पदत्याग किया और उत्तरांचल विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।

वर्ष २००७ के राज्य विधानसभा चुनावों में में भाजपा की जीत के पश्चात भी उन्हें मुख्यमंत्री न बनाकर उनके प्रमुख प्रतिद्वन्दी मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को उनकी प्रशासनिक योग्यता पर विश्वास नहीं था जबकि उन्हें संघ और अधिसंख्य विधायकों का समर्थन प्राप्त था। अब वे राज्यसभा के सदस्य हैं।

यह भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

पूर्वाधिकारी
नित्यानन्द स्वामी
उत्तराखण्ड के मुख्यमन्त्री
२००१–२००२
उत्तराधिकारी
नारायण दत्त तिवारी