नारायण दत्त तिवारी

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नारायण दत्त तिवारी

कार्यकाल
२२ अगस्त २००७ - २६ दिसम्बर २००९
पूर्वा धिकारी रामेश्वर ठाकुर
उत्तरा धिकारी ई. ऐस. ऐल. नरसिंहन

कार्यकाल
१९८६-१९८७
पूर्वा धिकारी पी शिव शंकर
उत्तरा धिकारी राजीव गांधी

कार्यकाल
१९७६ - १९७७, १९८४ - १९८५, १९८८ - १९८९

कार्यकाल
२००२-२००७

जन्म 18 अक्टूबर 1925 (1925-10-18) (आयु 89)
बलूटी, नैनीताल जिला, उत्तराखण्ड
राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
निवास हैदराबाद
धर्म हिन्दू

नारायण दत्त तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड (तब उत्तराञ्चल) के भूतपूर्व मुख्यमन्त्री हैं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता हैं।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]


राजनीतिक जीवन[संपादित करें]

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी को आज उस समय बड़ा झटका लगा, जब दिल्ली हाईकोर्ट में उनके रक्त के नमूने संबंधी डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक किया गया और उस रिपोर्ट के अनुसार पितृत्च वाद दायर करने वाले रोहित शेखर ही एनडी तिवारी के बेटे हैं।

दिल्ली में रहने वाले 32 साल के रोहित शेखर का दावा है कि एनडी तिवारी ही उसके जैविक पिता हैं और इसी दावे को सच साबित करने के लिए रोहित और उसकी मां उज्ज्वला शर्मा ने 4 साल पहले यानी 2008 में अदालत में एन डी तिवारी के खिलाफ पितृत्व का केस दाखिल किया था।

अदालत ने मामले की सुनवाई की और अदालत के ही आदेश पर पिछले 29 मई को डीएनए जांच के लिए एनडी तिवारी को अपना खून देना पड़ा था।

देहरादून स्थित आवास में अदालत की निगरानी में एनडी तिवारी का ब्लड सैंपल लिया गया था। कुछ दिनों पहले हैदराबाद के सेंटर फोर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायएग्नोस्टिक्स यानी सीडीएफडी ने ब्ल़ड सैंपल की जांच रिपोर्ट अदालत को सौंप दी.

सीडीएफडी की इस सील्ड रिपोर्ट में एनडी तिवारी के साथ रोहित शेखर और रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा की भी डीएनए टेस्ट रिपोर्ट शामिल हैं। हालांकि एनडी तिवारी नहीं चाहते कि उनकी डीएनए टेस्ट रिपोर्ट सार्वजनिक हो इसलिए उन्होंने अदालत में इसे गोपनीय रखने के लिए याचिका भी दी थी लेकिन अदालत इसे खारिज कर दिया और इसे खोलने का आदेश जारी कर दिया.

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]