उमा भारती

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
उमा भारती
Uma Bharti, Pachmarhi, MP, crop.jpg

भारत के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री
अवलंबी
कार्यालय ग्रहण 
26 मई 2014
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
पूर्वा धिकारी पदस्थ

जन्म 3 मई 1959 ( 1959-05-03) (आयु 55)
टीकमगढ़, मध्य प्रदेश, भारत
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी
Other political
affiliations
भारतीय जनशक्ति पार्टी
जीवन संगी अविवाहित
व्यवसाय सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता
धर्म हिन्दू

उमा श्री भारती (जन्म: 3 मई 1959), एक भारतीय राजनेता है और भारत की जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री है। वे मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी है। उन्हें ग्वालियर की महारानी विजयराजे सिंधिया ने उभारा। साध्वी ऋतम्भरा के साथ उन्होंने राम जन्मभूमि आन्दोलन में प्रमुख भूमिका निभाई। इस दौरान उनका नारा था "श्री रामलला घर आयेंगे मंदिर वहीं बनायेंगे"।

वह युवावस्था में ही भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गयीं थी। उन्होंने १९८४ में सर्वप्रथम लोकसभा चुनाव लड़ा, परन्तु हार गयीं। १९८९ के लोकसभा चुनाव में वह खजुराहो संसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी गयीं और १९९१, १९९६, १९९८ में यह सीट बरक़रार रखी। १९९९ में वह भोपाल सीट से सांसद चुनी गयीं। वाजपेयी सरकार में वह मानव संसाधन विकास, पर्यटन, युवा मामले एवं खेल और अंत में कोयला और खदान जैसे विभिन्न राज्य स्तरीय और कैबिनेट स्तर के विभागों में कार्य किया।

२००३ के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में, उनके नेतृत्व में भाजपा ने तीन-चौथाई बहुमत प्राप्त किया और मुख्यमंत्री बनीं। अगस्त २००४ उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जब उनके खिलाफ १९९४ के हुबली दंगों के सम्बन्ध में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ।[1]

शुरुआती जीवन[संपादित करें]

उमा भारती का जन्म टीकमगढ़ जिले के डुंडा नामक स्थान पर हुआ। उनकी शिक्षा छठी कक्षा तक हुई। वह लोधी राजपूत समुदाय के अंतर्गत आता है [2]

राजनीतिक असहमति[संपादित करें]

नवम्बर २००४ को लालकृष्ण आडवाणी की आलोचना के बाद उन्हें भाजपा से से बर्खास्त कर दिया गया। २००५ में उनकी बर्खास्तगी हट गयी और उन्हें पार्टी की संसदीय बोर्ड में जगह मिली। इसी साल वह पार्टी से हट गयी क्योकि उनके प्रतिद्वंदी शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया गया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनशक्ति पार्टी नाम से एक अलग पार्टी बना ली।

७ जून २०११ को उनकी पुनः भाजपा में वापसी हुई। उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति सुधारने के लिए उन्होंने "गंगा बचाओ" अभियान चलाया।[3]

मार्च २०१२ में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वह महोबा जिले की चरखारी सीट से विधानसभा सदस्य चुनी गयीं। वे वर्ष-२०१४ में झांसी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से १६वीं लोकसभा की सांसद चुनी गई हैं और उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में भारत की जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री बनाया गया हैं।[4]

विभिन्न पद[संपादित करें]

उमा भारती निम्नलिखित पदों पर रहीं:[2]

  • १९८८: मध्य प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष
  • १९८९: खजुराहो से सांसद
  • १९९०: कृषि मंत्रालय में परामर्श समिति की सदस्य
  • १९९१: खजुराहो से पुनः सांसद
  • १९९१-९३: पी.ए.सी. की सदस्य
  • १९९३: भाजयुमो की अध्यक्ष
  • १९९६: खजुराहो से पुनः सांसद
  • १९९६-९७: विज्ञान और प्रोद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण समिति की सदस्य
  • १९९८: खजुराहो से पुनः सांसद
  • १९९८-९९: कैबिनेट राज्य मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय
  • १९९९: भोपाल से सांसद
  • १३ अक्टूबर १९९९- २ फ़रवरी २०००: कैबिनेट राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन
  • ७ नवम्बर २०००-२५ अगस्त २००२: कैबिनेट मंत्री, युवा मामले एवं खेल
  • २६ अगस्त २००२-२९ जनवरी २००३: कैबिनेट मंत्री, कोयला एवं खदान
  • ८ दिसम्बर २००३-२३ अगस्त २००४: मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री
  • २०१२: उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक
  • २०१४: भारत की जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्री

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

पूर्वाधिकारी
दिग्विजय सिंह
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री
८ दिसम्बर २००३ - २२ अगस्त २००४
उत्तराधिकारी
बाबूलाल गौर