राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन

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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन या राजग (अंग्रेजी: National Democratic Alliance NDA) भारत मे एक राजनीतिक गठबंधन है। इसका नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी करती है। इसके गठन के समय इसके १३ सदस्य थे।

शरद यादव को इसका संयोजक बनाया गया था किन्तु उनकी पार्टी ने ही गठबन्धन से सम्बन्ध विच्छेद कर लिया। इसके मानद अध्यक्ष पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी हैं जबकि लाल कृष्ण आडवाणी अध्यक्ष के रूप में वाजपेयी का कार्य देख रहे हैं। इसके अलावा सुषमा स्वराज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं जबकि अरुण जेटली राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और करिया मुंडा लोकसभा में उपाध्यक्ष है।

इतिहास[संपादित करें]

मई 1998 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की घोषणा हुई थी जो उस समय गैर काँग्रेसी सरकार के गठन के निर्माण में पहला कदम था लेकिन एक वर्ष के भीतर ही ढह गया क्योंकि आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने अपना समर्थन वापस ले लिया। इसे और विस्तृत करने के लिये कुछ नये दलों के साथ मिलकर 1999 का लोकसभा चुनाव जीतने का नये सिरे से प्रयास किया गया। इसके परिणाम बेहतर निकले और राजग को पूरे पाँच साल के लिये प्रधानमन्त्री वाजपेयी के तहत सत्ता संचालित करने का अवसर मिला। वाजपेयी ने अपना कार्यकाल बेहतर ढँग से पूरा किया। 2004 के लोकसभा चुनाव जीतने की उम्मीद के साथ यह गठबन्धन पुन: मैदान में उतरा लेकिन कांग्रेस पार्टी नीत गठबन्धन को अन्य गुट निरपेक्ष पार्टियों से समर्थन मिलने से इसे विपक्ष में बैठना पडा। हालांकि कांग्रेस और राजग की प्रमुख पार्टी भाजपा को लोक सभा में मिली सीटों की संख्या में कोई बहुत बड़ा अन्तर नहीं था लेकिन बहुमत का जुगाड़ करने में भाजपा असफल रही।

संरचना[संपादित करें]

भारत में राजनीतिक दलों की मूल प्रवृत्ति गठबन्धन बनाने की कम और उसे तोड़ने की ज्यादा रही है। इस प्रवृत्ति को देखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एक कार्यकारी बोर्ड या पोलित ब्यूरो के रूप में एक औपचारिक संरचना नहीं है अपितु यह व्यक्तिगत रूप से कुछ दलों के नेताओं की महत्वाकांक्षा को पूर्ण करने के लिये सीटों के उपचुनाव में साझा रणनीति बनाने के लिये एक समझौते जैसा लगता है। राष्ट्रहित के मुद्दों पर निर्णय लेने अथवा संसद में उन मुद्दों को उठाते समय दलों के बीच विभिन्न विचारधाराओं को देखते हुए कभी सहमति तो कभी असहमति जैसी कठिनाई आती है जिसके कारण सहयोगी दलों के बीच विभाजित मतदान के कई मामले भी देखने में आये हैं। इसके पहले संयोजक ज्योर्ज फ़र्नान्डिस के खराब स्वास्थ्य के कारण शरद यादव को इसका संयोजक नियुक्त किया गया था। परन्तु आगे चलकर वे भी इससे अलग हो गये।

अतीत और वर्तमान सदस्य[संपादित करें]

यह भी देखें[संपादित करें]