मायावती
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मायावती
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![]() मायावती |
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| पदस्थ | |
| कार्यभार ग्रहण १३ मई २००७ |
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| पूर्व अधिकारी | मुलायम सिंह यादव |
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| कार्यकाल ३ मई २००२ – २९ अगस्त २००३ |
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| पूर्व अधिकारी | राष्ट्रपति शासन |
| उत्तराधिकारी | मुलायम सिंह यादव |
| कार्यकाल २१ मार्च १९९७ – २१ सितंबर १९९७ |
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| पूर्व अधिकारी | राष्ट्रपति शासन |
| उत्तराधिकारी | कल्याण सिंह |
| कार्यकाल ३ जून १९९५ – १८ अक्टूबर १९९५ |
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| पूर्व अधिकारी | मुलायम सिंह यादव |
| उत्तराधिकारी | राष्ट्रपति शासन |
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| जन्म | 15 जनवरी 1956 नयी दिल्ली |
| राजनैतिक पार्टी | बहुजन समाज पार्टी |
| संबंधी | ६ भाई और २ बहनें |
| आवास | लखनऊ |
| व्यवसाय | राजनीतिज्ञ |
| वैवाहिक स्थिति | अविवाहित |
मायावती (जन्मः १५ जनवरी, १९५६, मायावती नैना कुमारी) एक भारत की एक राजनीतिज्ञ महिला होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमन्त्री हैं। वे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता भी हैं। सन् २००७ के विधानसभा चुनावों में इनकी पार्टी ने राज्य में पूर्ण बहुमत प्राप्त किया और उसके बाद इन्होंने मुख्यमन्त्री का कार्यभार ग्रहण किया है। मायावती इससे पहले भी तीन बार छोटे-छोटे कार्यकाल के लिये सन् १९९५, सन् १९९७ और भारतीय जनता पार्टी के समर्थन के साथ सन् २००२ से २००३ तक उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री रह चुकी हैं। वे पहली दलित महिला हैं जो भारत के किसी राज्य की मुख्यमन्त्री बनीं हैं।[1] वर्ष २००७-०८ के लिये
२६ करोड़ के साथ मायावती सबसे ज्यादा आयकर देने वाली भारतीय राजनेता रही हैं[2]।
अनुक्रम |
व्यक्तिगत जीवन [संपादित करें]
मायावती का जन्म १५ जनवरी १९५६ को नयी दिल्ली में एक सरकारी कर्मचारी प्रभु दयाल की पत्नी रामरती की कोख से हुआ। बाद में उनके पिता प्रभु दयाल जी भारतीय डाक-तार विभाग के वरिष्ठ लिपिक के पद से सेवा निवृत्त हुए। उनकी माता रामरती यद्यपि अनपढ़ महिला थीं परन्तु उन्होंने अपने सभी बच्चों की शिक्षा में रुचि ली और सबको योग्य भी बनाया। मायावती के ६ भाई एवम् २ बहनें हैं। इनका पैतृक गाँव बादलपुर है जो उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित है। बी०ए० करने के बाद उन्होंने दिल्ली के कालिन्दी कॉलेज से एल०एल०बी० की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बी०एड० भी किया हुआ है। राजनीति में आने से पूर्व वे दिल्ली के एक स्कूल में एक शिक्षिका के रूप में कार्य करती थीं। किसी समय उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षाओं के लिये अध्ययन भी किया था किन्तु सन् १९७७ में कांशीराम के सम्पर्क में आने के बाद उन्होंने एक पूर्ण कालिक राजनीतिज्ञ बनने का निर्णय ले लिया। कांशीराम के संरक्षण के अन्तर्गत वे उस समय उनकी कोर टीम का हिस्सा रहीं, जब सन् १९८४ में बसपा की स्थापना हुई थी।
राजनैतिक जीवन [संपादित करें]
मायावती ने अपना पहला चुनाव उत्तर प्रदेश में मुज़फ्फरनगर के कैराना लोकसभा सीट से लड़ा था। वे अविवाहित हैं और अपने समर्थकों में 'बहनजी' के नाम से जानी जाती हैं। १३ मई २००७ को मुख्यमन्त्री के रूप में चौथी बार लखनऊ क
मायावती पर पुस्तकें [संपादित करें]
मायावती के व्यक्तित्व एवम् कृतित्व पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं. इनमें पहला नाम आयरन लेडी कुमारी मायावती का है जो पत्रकार मोहमद जमील अख्तर ने लिखी[3] है। उनके द्वारा स्वयं हिन्दी भाषा में मेरे संघर्षमयी जीवन और बहुजन मूवमेण्ट का सफरनामा तीन भागों में लिखा गया जो अंग्रेजी भाषा में A Travelogue of My struggle-ridden life and of Bahujan Samaj नाम से दो भागों में उपलब्ध है[4]। वरिष्ठ पत्रकार अजय बोस द्वारा लिखी गयी बहनजी : ए पोलिटिकल बायोग्राफी ऑफ मायावती अब तक की सर्वाधिक प्रशंसनीय जीवन गाथा है जो मायावती के व्यक्तिगत जीवन पर लिखी गयी है [5]। आजकल लखनऊ की एक पत्रकार डॉ नूतन ठाकुर मायावती के सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनैतिक महत्व को रेखांकित करते हुए एक पुस्तक लिख रही हैं [6]।
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ "Untouchable politics and politicians since 1956: Mayawati". http://www.ambedkar.org/books/tu1.htm. अभिगमन तिथि: 2007.
- ↑ Mayawati, Shah Rukh among top taxpayers
- ↑ http://bspindia.org/kumari-mayawati.php
- ↑ http://uplegassembly.nic.in/MAYAWATI%20BOI%20DATA.htm KUMARI MAYAWATI
- ↑ http://www.penguinbooksindia.com/category/Autobiography_Biography_Memoir/Behenji_9780143066323.aspx Behenji: A Political Biography of Mayawati
- ↑ http://bhadas4media.com/vividh/7256-2010-11-07-10-42-15.html म से मुलायम, म से मायावती, क से किताब
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
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