लस्सी
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| यह एक शृंखला है जो भारतीय व्यंजनों के बारे में है। |
| बनाने की विधियाँ एवं सामग्री |
| क्षेत्रीय व्यंजन |
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पंजाबी • उत्तर प्रदेश • |
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केरल • तमिल • |
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गोआ • गुजराती • मराठी • |
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इंडो-चाइनीज • फास्ट-फूड · |
| सामग्री एवं प्रकार |
| यह भी देखें: |
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लस्सी एक पारंपरिक दक्षिण एशियाई पेय है जो खासतौर पर उत्तर एवं पश्चिम भारत तथा पाकिस्तान में काफी लोकप्रिय है। इसे दही को मथ कर एवं पानी मिलाकर बनाया जाता है तथा इसमें ऐच्छिक रूप से तरह तरह के मसाले एवं चीनी या नमक डालकर तैयार किया जाता है। लस्सी एवं छाछ का जिक्र बहुत से पुराने मुगलपुस्तकों में आता है। पारंपरिक लससी में बहुधा लोग भुना हुआ जीरा भी स्वाद के लिए मिलाते हैं। पंजाब की लस्सी में अक्सर लस्सी तैयार करने के बाद ऊपर से मलाई की एक परत डाली जाती है। लस्सी को गर्मी के मौसम में फ्रिज में ठंढा करके या बर्फ डालकर पिया जाता है जिसे अत्यंत स्फूर्ति एवं ताजगीदायक माना गया है। बहुधा बदहजमी जैसे रोगों के लिए लस्सी का प्रयोग लोकोपचार के रूप में किया जाता है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] तरह तरह की लस्सी
मीठी लस्सी का चलन बहुत पुराना नहीं है। अब तो लस्सी में कई तरह की चीजें जैसे गुलाबजल, केसर, नींबू, आम, स्ट्रॉबेरी तथा अन्य फलों के रस इत्यादि मिलाये जाने लगे हैं। लाहौर, गुजरावालां, फैसलाबाद (पाकिस्तान में) एवं जोधपुर, अमृतसर(भारत में) की लस्सी अपनी खास विशेषता लिए होती है। er;klbl;cvkblgmdfmh'dfghkldfsg;dfgjkldfjgdkl;sgjkldfgfdg dfsgjdfkjgscl;gkad;fgdfgfklxgkls dgljdklfgjd;gkldfgldfgdf gdfgdfhgsdfkd ,ano sing sig ik ksi kkikklikh singh ksiandaui
[संपादित करें] भांग लस्सी
भांग लस्सी एक खास तरह की लस्सी होती है जिसमें भांग मिलायी जाती है जिसका प्रयोग होली जैसे मौकों पर काफी होता है।