जालियाँवाला बाग हत्याकांड

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
यह लेख आज का आलेख के लिए निर्वाचित हुआ है। अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें।
जालियाँवाला बाग स्मारक

जालियाँवाला बाग हत्याकांड भारत के पंजाब प्रान्त के अमृतसर में स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में १३ अप्रैल १९१९ (बैसाखी के दिन) हुआ था। रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी जिसमें जनरल ओ. डायर नामक एक अँगरेज ऑफिसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियाँ चलवा दीं जिसमें १००० से अधिक व्यक्ति मरे और २००० से अधिक घायल हुए।[1]

घटनाएँ

१३ अप्रैल १९१९ को डॉ. सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी तथा रोलेट एक्ट के विरोध में अमृतसर के जलियाँवाला बाग में लोगों ने एक सभा रखी जिसमें उधमसिंह लोगों को पानी पिलाने का काम कर रहे थे। इस सभा से तिलमिलाए पंजाब के तत्कालीन गवर्नर माइकल ओ डायर ने अपने ही उपनाम वाले जनरल डायर को आदेश दिया कि वह भारतीयों को सबक सिखा दे। इस पर जनरल डायर ने ९० सैनिकों को लेकर जलियाँवालाबाग को चारों ओर से घेर लिया और मशीनगनों से अंधाधुँध गोलीबारी कर दी,[2] जिसमें सैकड़ों भारतीय मारे गए। जान बचाने के लिए बहुत से लोगों ने पार्क में मौजूद कुएं में छलांग लगा दी। बाग में लगी पट्टिका पर लिखा है कि १२० शव तो सिर्फ कुए से ही मिले। आधिकारिक रूप से मरने वालों की संख्या ३७९ बताई गई जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय के अनुसार कम से कम १३०० लोग मारे गए। स्वामी श्रद्धानंद के अनुसार मरने वालों की संख्या १५०० से अधिक थी जबकि अमृतसर के तत्कालीन सिविल सर्जन डॉक्टर स्मिथ के अनुसार मरने वालों की संख्या १८०० से अधिक थी।

इस हत्याकाण्ड के विरोध में रबिन्द्रनाथ टैगोर ने इस हत्याकाण्ड के विरोध में 'सर' की उपाधि लौटा दी और उधमसिंह ने लन्दन जाकर पिस्तौल की गोली से जनरल डायर को भून दिया और इस हत्या काण्ड का बदला लिया।[3]

सन्दर्भ

  1. Home Political Deposit, September, 1920, No 23, National Archives of India, New Delhi; Report of Commissioners, Vol I, New Delhi
  2. "कोई भला कैसे भूलेगा जलियाँवाला बाग को" (एचटीएम). प्रभासाक्षी. http://www.24dunia.com/hindi/shownews/3913517/कोई-भला-कैसे-भूलेगा-जलियांवाला-बाग-को.html. अभिगमन तिथि: २३ अप्रैल २००९. 
  3. "डायर को मारकर ऊधमसिंह ने लिया था बदला" (हिन्दी में) (एचटीएम). वेबदुनिया. http://hindi.webdunia.com/news/news/national/0807/30/1080730024_1.htm. अभिगमन तिथि: २३ अप्रैल २००९.