वेल्लोर

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
Vellore
Vellore Fort
Vellore Fort
Map of Tamil Nadu with Vellore marked
Location of Vellore
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य Tamil Nadu
ज़िला Vellore district
Mayor P. Karthikeyan[1]
जनसंख्या
घनत्व
9,00,000
• 2,292 /किमी2 (5,936 /वर्ग मील)
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
392.62 km² (152 sq mi)
• 216 मीटर (709 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: vellorecorp.tn.gov.in/

Erioll world.svgनिर्देशांक: 12°52′07″N 79°07′08″E / 12.868719°N 79.119000°E / 12.868719; 79.119000

वेल्लोर (तमिल: வேலூர்,पंजाबी: ਵੇਲੂਰ,pronounced [veːluːr](Speaker Icon.svg listen)) एक शहर एवं भारत के राज्य तमिलनाडु के वेल्लोर जिले का मुख्यालय है. तमिलनाडु में 1 अगस्त, 2009 को नगर परिषद को नगर निगम का ताज पहनाया गया. वेल्लोर राज्य का नौवां कॉर्पोरशन है. इस सबसे बड़े कॉर्पोरशन का उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री के.करूणानिधि के हाथों किया गया.

इसे दक्षिण भारत के प्राचीनतम शहरों में से एक माना जाता है. यह शहर वेल्लोर किले के पास स्थित पलार नदी के किनारे बसा है. यह शहर चेन्नई और बैंगलोर तथा मंदिरों के शहर थिरुवन्नमलाई एवं तिरुपति के बीच स्थित है.

अनुक्रम

व्युत्पत्ति[संपादित करें]

वेल्लोर नाम तमिल शब्दों : वेळ (भाला - வேல்) + उर (ஊர் - शहर) के मेल से बना है, अर्थात भालों का शहर. प्राचीन इतिहास से पता चलता है कि वेल्लोर मूलतः युद्ध का मैदान था, जहां योद्धा युद्ध किया करते थे. उस स्थान के भौगोलिक अवस्थिति की वजह से, वहां पर साल भर भालों जैसे अस्त्र बिखरे पड़े रहते थे. एक दूसरे मत के अनुसार, वेल्लोर शब्द कीमती पत्थर के किसी आकार से लिया गया माना गया है, जिसकी ध्वनि इससे मिलती-जुलती हो. वेल्लोर में एवं उसके आसपास प्रस्तर एवं प्रागैतिहासिक सबूत हैं, जिससे प्राचीन समय में वहां अर्द्ध-कीमती पत्थरों के उद्योग के होने का पता चलता है.

इस क्षेत्र में कभी भारी संख्या में वेला पेड़ (வேல மரம்) उगते थे. मान्यता यह है कि इस शहर का नाम इन्हीं पेड़ों के नाम पर पड़ा था.

यह भी कहा गया है कि यह नाम वेळ (भाला- வேல்) शब्द से उत्पन्न हुआ, जो हिन्दू देवता मुरुगन या 'वेलायुदयन' (जो भाला धारण करते हैं) का प्रमुख अस्त्र है. साहित्यिक रूप से इसका अर्थ है - मुरुगन का स्थान .

इतिहास[संपादित करें]

वेल्लोर फोर्ट

ब्रिटिश शासन के खिलाफ आज़ादी की पहली लड़ाई यहीं लड़ी गई थी.वेल्लोर अपने समृद्ध विरासत एवं संस्कृति के मिश्रण के साथ प्राचीन द्रविड़ सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है. यह पल्लव, चोल,नायक,मराठा, अर्कट नवाब एवं बीजापुर सुल्तान साम्राज्यों का गढ़ रहा है. वेल्लोर सन 1606-1672 के दौरान शक्तिशाली विजयनगर साम्राज्य की राजधानी रहा था. वेल्लोर स्थित किले को 17वीं शताब्दी[2] में हुए कर्नाटक युद्ध का सबसे बेहतरीन और मज़बूत किला कहा गया था. ज़िले में पाए गए स्मारक इस शहर के सदियों से हो रहे विकास की जीती-जागती तस्वीर प्रस्तुत करती है.

इस क्षेत्र में,लगभग पिछले 200 वर्षों से,साम्राज्यों एवं उनकी राजधानियों के निर्माण को लेकर अनगिनत परिवर्तन हुए हैं. अर्कोट के 'उत्तरी' एवं 'दक्षिणी' हिस्से सन् 1810 में आखिरी मुग़ल शासक के समय राजनैतिक नक़्शे पर आये. बाद में 1908 में, ये दोनों ज़िले उत्तर एवं दक्षिण अर्कोट के नाम से अस्तित्व में आये. उत्तर अर्कोट ज़िले की पहली राजधानी चित्तौड़ (अब आंध्र प्रदेश में स्थित है) थी. उसके बाद से, यह ब्रिटिश सेना का प्रमुख गढ़ बना रहा. 1911 में, वेल्लोर उत्तर अर्कोट ज़िले का मुख्यालय बना, जिसमें वेल्लोर और थिरुवन्नमलाई[2] शामिल थे.

वेल्लोर सिपाही विद्रोह[संपादित करें]

1806 का वेल्लोर विद्रोह भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे पहले विद्रोह के रूप में दर्ज है एवं इसे व्यापक पैमाने पर "आज़ादी की पहली लड़ाई" माना जाता है(हालांकि कुछ इतिहासकार मेरठ के सिपाही विद्रोह को आज़ादी का पहला संग्राम मानते हैं). आज़ादी की लड़ाई में वेल्लोर ज़िला हमेशा अग्रणी रहा. ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ वेल्लोर किले में हुए सन के 1806 के सिपाही विद्रोह को 1857 के महान सिपाही विद्रोह की पूर्वपीठिका माना गया है. इतिहास का यह अंश ज़्यादातर लोगों को ज्ञात नहीं है, लेकिन यह तथ्य वेल्लोर की समृद्ध विरासत में चार चांद लगाता है. इस विद्रोह की याद में किले के सामने एक स्तम्भ स्थापित किया गया है. इसके अलावा, शहर के एक दूसरे हिस्से में उन सेनानियों की स्मृति में एक विशाल स्मारक भी बनाये जाने की योजना है.

भूगोल[संपादित करें]

वेल्लोर 12°56′N 79°08′E / 12.93°N 79.13°E / 12.93; 79.13 पर स्थित है.[3] इसकी औसत उंचाई 216 मीटर (709 फ़ुट) है.

यह शहर समुद्र तल से 200 मीटर की ऊंचाई पर, चेन्नई से 135 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व एवं बैंगलोर से 220 किलोमीटर पूर्व में स्थित है. वेल्लोर कम ऊंची चट्टानी पहाड़ों से घिरे समतल पर है. यहां का तापमान दिसंबर-फ़रवरी के ठण्ड के महीनों में न्यूनतम 10 °C से लेकर अप्रैल-जून के गर्मी के महीनों में 43 °C तक के बीच रहता है. यहां की जलवायु मूलतः शुष्क है एवं सिर्फ जून-अगस्त एवं अक्टूबर-दिसंबर के दोनों मानसून में ही बरसात एवं आर्द्रता आती है.

भारत के अन्यान्य स्तर-II एवं स्तर-III शहरों के मुकाबले वेल्लोर का क्षेत्र काफी विस्तृत है एवं यहां की आबादी 900,000 है. इस शहर का कुल क्षेत्रफल 55 किलोमीटर से भी अधिक है.

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

एक निगम के रूप में मान्यता मिलने के बाद, 2001 के अनुसार  भारत की जनगणना के अनुसार,[4] वेल्लोर शहर की आबादी 900,000 से अधिक थी. वेल्लोर में साक्षरता की औसत दर 74% है, जो 59.5% के राष्ट्रीय औसत से अधिक है :पुरुषों की साक्षरता 80% एवं महिलाओं की साक्षरता 68% है. वेल्लोर में, कुल आबादी के 11% प्रतिशत की उम्र 6 वर्ष से कम है.

यहां बोली जाने वाली राजभाषा तमिल है. भाषाई अल्पसंख्यकों द्वारा बोली जाने वाली अन्य भाषाओं में तेलुगु, उर्दू, मलयालम तथा कन्नड़ शामिल हैं. वेल्लोर के अधिकांश लोग अंग्रेज़ी एवं हिंदी में वार्तालाप कर सकते हैं.

यहां के ज़्यादातर लोग हिन्दू धर्म-सिद्धांतों के अनुयायी हैं. इस शहर में महत्वपूर्ण संख्या में मुस्लिम आबादी बसती है, खासकर मेल्विशरम,कस्पा,आर.एन.पलयम, सैदपट, हज़रत मक्कन, बकियाथ स्ट्रीट,सर्बनमेदु आदि में, जो राज्य के औसत से कहीं अधिक है. तमिलनाडु के उत्तरी जिलों में स्थित बहुत से गिरजाघर वेल्लोर धर्मप्रदेश के अंतर्गत पड़ते हैं-जिनमें एक बिशप के क्षेत्राधिकार में पड़ने वाले कैथोलिक एवं CSI दोनों शामिल हैं.

वेल्लोर भारत के उन शहरों में से एक है, जो अपने कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सबसे कम चर्चा का विषय बनते हैं. इसके अलावा, यह शहर अपने धार्मिक एवं भाषाई सौहार्द के लिए भी पारंपरिक रूप से ख्यात है.

अर्थव्यवस्था[संपादित करें]

वेल्लोर का ऑफिसर्स लेन जो रविवार की दोपहर को आम तौर पर व्यस्त रहता है

प्रशासनिक केंद्र वेल्लोर मुख्य रूप से स्वयं अपने ज़िले का एवं चित्तूर ज़िला (आन्ध्र प्रदेश) एवं थिरुवन्नमलाई ज़िला जैसे पड़ोसी ज़िलों का बाज़ार है.

चेन्नई, रोयापुरम तथा वालाजाह के बीच दक्षिण एशियाई द्वितीय रेलवे ट्रैक के कार्यान्वयन के बाद से यह शहर अपने पड़ोसी औद्योगिक शहरों के साथ सतत औद्योगिक विकास का गवाह रहा है. गोल्डेन क्वाड्रीलैटरल रोड ने इस क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण इज़ाफा किया है.

वेल्लोर IT प्रमुख शहरों(चेन्नई एवं बैंगलोर) तथा प्रमुख तीर्थ केन्द्रों (तिरुपति एवं थिरुवन्न्मलाई)के बीच अवस्थित है. यहां के हज़ारों पुरुष एवं महिलायें काम के सिलसिले में रोज़ाना चेन्नई और आसपास के औद्योगिक शहरों में आते-जाते हैं.

चमड़ा उद्योग[संपादित करें]

वेल्लोर एवं उसके आस-पास रानीपेट,अम्बुर एवं वानियमबाडी आदि जैसे शहरों के चारों ओर सैकड़ों चमड़ा एवं चर्म-शोधन उद्योग स्थित हैं. यह ज़िला पूरे भारत में चमड़े की तैयार वस्तुओं का शीर्ष निर्यातक है. चमड़ा एवं उससे संबंधित वस्तुओं, जैसे - तैयार चमड़े, जूते, कपड़े,दस्ताने इत्यादि के निर्यात में वेल्लोर का चमड़ा भारत के कुल निर्यात का 37% है.

रसायन और अन्य उद्योग[संपादित करें]

रानीपत-SIPCOT में स्थित अनगिनत रसायन उद्योग आय के मुख्य स्रोत हैं. BHEL(भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड - देश में सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों में गिने जाने वाले नवरत्नों में से एक), EID पैरी (सैनेटरीवेयर उत्पाद विनिर्माण कम्पनी, जिसके पास बाथरूम के सामानों की श्रेणी में दुनिया के बाज़ार-शेयर का 38% है), तिरुमलाई केमिकल्स ऐंड ग्रीव्स आदि उन अनेकों अंतर्राष्ट्रीय ब्रैंडों में से हैं,जो यहां पर स्थित हैं. वेल्लोर के पास स्थित शहर अराकोनम MRF जैसी प्रमुख कंपनियों का घर है, जबकि TVS लुकास की प्रमुख निर्माण सुविधाएं शोलीनगर (वेल्लोर से 40किमी. पर स्थित) में हैं.

एशिया की सबसे बड़ी विस्फोटक निर्माण कंपनी TEL (तमिलनाडु एक्सप्लोसिव लिमिटेड)वेल्लोर के कत्पदी में अवस्थित है.

यह शहर चिकित्सा-पर्यटन के लिए भी बहुत मशहूर है. शहर के ठीक बीचों-बीच स्थित CMC हॉस्पिटल शहर का सबसे बड़ा निजी नियोक्ता है. यह भारी संख्या में अस्थायी आबादी का निर्माण करता है,जिनमें से ज़्यादातर देश के दूसरे राज्यों एवं विदेशों से आये होते हैं. शहर के केन्द्रीय हिस्से में आवास, आतिथ्य एवं संबद्ध व्यवसाय आय के मुख्य स्रोत हैं. अपोलो KH हॉस्पिटल, मेल्विशरम एवं श्री नारायणी मेडिकल रिसर्च सेंटर, अरियुर आदि अस्पतालों तथा CMC, VIT जैसे कॉलेजों एवं अन्यान्य इंजीनियरिंग एवं साइंस कॉलेजों के आगमन से आतिथ्य-उद्योग तेज़ी से शहर में अपने पांव पसार रहा है.

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका कृषि पर नहीं बल्कि बुनाई, बीड़ी बनाने एवं माचिस की तीलियां बनाने जैसे घरेलू उद्योगों पर निर्भर है. दिलचस्प बात यह भी है कि भारतीय सेना में वेल्लोर ज़िले के लोग भारी तादाद में हैं. नतीजतन, यह इस क्षेत्र के लिए आय के प्रमुख स्रोतों में से एक है.[3]

इसके अलावा, यह शहर दुनिया भर में भारी संख्या में फैले अपने प्रवासी जनसंख्या के लिए भी मशहूर है, ख़ास तौर पर मध्य पूर्व एवं उत्तर अमेरिका में, जो संपत्ति का प्रमुख स्रोत है.

शहर के दक्षिणी कोने में स्थित श्रीपुरम ने शहर में एवं उसके आसपास के इलाकों में पर्यटन की रुचियों को दिलचस्प रूप से बढ़ावा दिया है.

SAME-DEUTZ, TVS-ब्रेक्स इण्डिया, MITSUBHISHI, GREAVES COTTON, MRF इत्यादि विश्व ब्रैंड की ऑटोमोबाइल एवं मेकेनिकल कम्पनियां वेल्लोर में ही स्थित हैं.

SAME-DEUTZ ट्रैक्टर की MNC कंपनी भी वेल्लोर के रानीपत में ही अवस्थित है. भारत के द्वितीय विद्युतीय कार संयंत्र BAVINA को भी वेल्लोर के रानीपत SEZ में स्थापित किये जाने का प्रस्ताव है.

MITSUBISHI टूल्स(पूर्व में SRP टूल्स, GREAVES COTTON LTD, वेल्लोर के रानीपत में अवस्थित है.

TVS-ब्रेक्स इण्डिया अपने दोनों संयंत्रों - एक ब्रेक्स प्रभाग के लिए तथा दूसरा फाउंड्री प्रभाग के लिए वेल्लोर के शोलिंगुर में व्यापक क्षेत्र लिए हुए है. इसके साथ ही, यह इस इंजीनियरिंग औद्योगिक क्षेत्र में रियल टैलेंट इंजीनियरिंग, लाईट अलॉय प्रोडक्ट्स, शोवा इंजीनियरिंग लिमिटेड जैसे अनेकों आपूर्तिकर्ताओं को भी लिए हुए है.

वेल्लोर-कनियामबडी में भारी कास्टिंग के लिए SAMCO धातु एलॉयज़.

जर्मन कंपनी KRAMSKI स्टैम्पिंग ऐंड मोल्डिंग इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड ने वेल्लोर-अनाइकट में उच्च परिशुद्धता की मुहर लगी धातु एवं BOSCH के लिए प्लास्टिक में ढले पुर्ज़ों की आपूर्ति, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिकी एवं हेल्थकेयर उद्योग के लिए में अपना चौथा संयंत्र शुरू किया है.

प्रस्तावित/भावी घटनाक्रम[संपादित करें]

तमिलनाडु सरकार ने वेल्लोर में SEZ स्थापित करने की घोषणा की है, जिनमें से एक चमड़े के उत्पादों का SEZ रानीपत में 260 एकड़ (1.1 किमी2) पर तथा दूसरा, विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र कट्पडी में होगा. राज्य सरकार के अधीन ELCOT (इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड कॉर्पोरेशन ऑफ तमिलनाडु)द्वारा निजी उपक्रमों के साथ साझेदारी में आगामी वित्तीय वर्ष (2008-2010) में वेल्लोर में एक नए आईटी पार्क की स्थापना किये जाने की भी प्रस्तावना है.[16]

चेन्नई-बैंगलोर-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर[संपादित करें]

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिद्धांततः मुख्यमंत्री एम.करूणानिधि के चेन्नई-बैंगलोर राजमार्ग के फैलाव को एक औद्योगिक कॉरिडोर घोषित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें एक बुलेट रेल, एक छः लेन सड़क एवं चेन्नई से बैंगलोर तक जाने वाली मेट्रो रेल के विस्तार की योजना शामिल है. राज्य सरकार की यह सोची-समझी राय थी कि चेन्नई-बैंगलोर राजमार्ग को औद्योगिक कॉरिडोर बनाये जाने पर राजमार्ग की आधारभूत संरचनाओं के विकास में केंद्र सरकार विश्व-मानकों के अनुरूप मदद करेगी. इसके अलावा, यह वेल्लोर, रानीपत, होसुर एवं कृष्णगिरी के भावी औद्योगिक विकास में भी मददगार साबित होगा.

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री(CII) ने प्रस्तावित कॉरिडोर का स्वागत किया, जिसे इसी तर्ज़ पर दिल्ली एवं मुंबई के बीच औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में निर्मित किये जाने की योजना थी. अपने सिटी कनेक्ट कार्यक्रम के तहत, CII ने तमिलनाडु सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ नए कॉरिडोर के विकास पर कई चर्चाएं की.[5]

CII के तमिलनाडु परिषद् के अध्यक्ष गोपाल श्रीनिवासन ने कहा 'चेन्नई-बैंगलोर औद्योगिक कॉरिडोर दोनों राज्यों के निवेश आकर्षित करने की क्षमता में इज़ाफा करेगा एवं एक कुशल कार्यबल के गठन में भी मददगार साबित होगा.'[6]

=== खुदरा व्यापार ===

शहर के प्रमुख व्यापारिक ज़िले

अर्नी रोड
ऑफिसर्स लाइन 
बैंगलोर रोड
अर्कोट रोड
मेन बाज़ार
लॉन्ग बाज़ार
गांधी रोड 
कट्पडी रोड.
अनाइकत (मेन रोड), वेल्लोर से 20 किलोमीटर दूर 

शिक्षा[संपादित करें]

वेल्लोर को विश्व स्तरीय चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ स्थान माना जाता है. वेल्लोर में एक राज्य सरकारी विश्वविद्यालय, एक निजी तकनीकी विश्वविद्यालय, एक सरकारी तथा एक निजी मेडिकल विद्यालय, विभिन्न अन्यान्य इंजीनियरिंग कॉलेज, अनेकों कला एवं विज्ञान संस्थान एवं बड़ी संख्या में सरकारी एवं निजी विद्यालय हैं.

औषधि[संपादित करें]

वेल्लोर स्थित मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज निम्नानुसार हैं

क्रम.सं. कॉलेज के नाम पता
1 क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल इडा स्कुद्दर रोड, वेल्लोर - 632004
2 वेल्लोर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल चित्तौड़ - कुड्डालोर हाइवे, अदुक्कम्पराई, वेल्लोर - 632011
3 नारायणी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग थिरुमलाईकोडी, वेल्लोर - 632055
4 सेंट जॉन कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग वेल्लोर - 632001

क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल[संपादित करें]

चित्र:CMCH Vellore.JPG
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का मुख्य भवन

भारत के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक, क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जिसे मुख्यतः CMC के नाम से जाना जाता है), वेल्लोर के ह्रदय में अवस्थित है.

यह हर रोज़ लगभग 5000 लोगों की अस्थायी आबादी आकर्षित करता है. इस अस्पताल की स्थापना 20वीं शताब्दी के प्रारम्भिक हिस्से में एक अमेरिकी चिकित्सा मिशनरी डॉ.इड़ा एस.स्कुद्दर द्वारा की गयी थी.

CMC अस्पताल का एक कार्यकारी गुणवत्ता प्रबंधन कार्यक्रम है एवं यह ISO प्रमाणित पहले एशियाई अस्पतालों में से एक है.

देश का पहला स्टेम सेल ट्रांस्लेशनल रिसर्च केंद्र 1 दिसंबर 2005 को यहीं स्थापित किया गया था. केंद्र सरकार के जैव प्रोद्योगिकी विभाग ने देश में केन्द्रों की श्रृंखला की पहली इकाई स्थापित करने के लिए CMC को ही चुना, क्योंकि इसके पास विश्व स्तरीय नैदानिक रक्तविज्ञान एवं जैव प्रोद्योगिकी विभाग उपलब्ध थे.[7]

इसके अलावा, यहां उन लोगों के इलाज के लिए, जो स्तरीय चिकित्सा या उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते, कम खर्चीली लेकिन प्रभावी चिकित्सा वार्ड मौजूद हैं; बहरहाल, सभी चिकित्सा सस्ती नहीं हैं और मरीजों को अपनी दवाएं खुद ही खरीदनी पड़ती हैं चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी क्यों न हो.

इंजीनियरिंग[संपादित करें]

वेल्लोर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज निम्नानुसार हैं-

क्रम.सं. कॉलेज के नाम पता
1 सी. अब्दुल हक़ीम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी, मेल्विशरम, वेल्लोर - 632509
2 आदिपराशक्ति कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग कलावई , वेल्लोर - 632506
3 गणाधिपती तुलसीस जैन कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग चित्तौड़ - कुड्डालोर हाइवे, कनियाम्बदी, वेल्लोर - 632102
4 ग्लोबल इंस्टीटयूट ऑफ़ इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी, बैंगलोर, चेन्नई हाइवे, मेल्विशरम, वेल्लोर - 632509
5 किंग्स्टन कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग चित्तौड़ - कुड्डालोर हाइवे, कट्पडी, वेल्लोर - 632059
6 रानीपेट्टइ इंजीनियरिंग कॉलेज चेन्नई - बैंगलोर हाइवे, वालाजाह, वेल्लोर - 632513
7 थान्थई पेरियर गवर्नमेंट इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी बगायम रोड, थोराप्पादी, वेल्लोर - 632002
8 वेल्लोर इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी थिरुवलम रोड, कट्पडी, वेल्लोर - 632014

थान्थई पेरियर गवर्नमेंट इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी (TPGIT) तमिलनाडु के 6 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है. यह वेल्लोर के थोरापदी में स्थित है.

वेल्लोर इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (VIT के नाम से विख्यात) वेल्लोर के कट्पडी में स्थित है. इण्डिया टुडे नामक पत्रिका ने VIT को भारत का सर्वश्रेष्ठ निजी इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी का स्थान दिया है. इसके अलावा VIT ऐसा पहला भारतीय विश्वविद्यालय है, जिसे प्रतिष्ठित IEE(इंस्टीट्युट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स), लन्दन ऐंड ABET (एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी), USA की मान्यता प्राप्त है. VIT विश्वविद्यालय की छत्रछाया में छः विद्यालय हैं. VIT के अंतर्गत VIT बिज़नेस स्कूल भी है, जिसे भारत के सर्वश्रेष्ठ 50 में से एक का स्थान प्राप्त है. VIT के वृहत एवं सुविधा-संपन्न परिसर में पूरे भारतवर्ष एवं 20 से ऊपर देशों के (लगभग 15000) विद्यार्थी पढ़ते हैं.

कला और विज्ञान[संपादित करें]

मद्रास विश्वविद्यालय के विभाजन के बाद गठित तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय वर्तमान में वेल्लोर किला परिसर में अवस्थित है. करोड़ों की लागत वाले विश्विद्यालय परिसर के नींव की स्थापना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.करूणानिधि के हाथों 16 फरवरी 2008 को वेल्लोर के कट्पडी के निकट सेर्काडू में की गई. वेल्लोर ज़िले, तिरुवन्नामलाई ज़िले, विल्लुपुरम ज़िले एवं कड्डलोर ज़िले में मौजूद सरकार द्वारा चलाये जाने वाले लगभग सभी कला एवं विज्ञान कॉलेज थिरुवल्लुवर यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं. इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है.

वेल्लोर स्थित कला एवं विज्ञान कॉलेज

  1. ऑक्ज़ीलियम वीमेन्स कॉलेज (स्थापित-1954, वेल्लोर ज़िले में महिलाओं का पहला कॉलेज है) .[8]
  2. DKM वीमेन्स कॉलेज.
  3. मुथुरंगम गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज.
  4. वूरहिस कॉलेज (स्थापित -1898) - यह वेल्लोर ज़िले का सबसे पुराना कॉलेज है. यह एक ऐसे संस्थान के रूप में ख्यात है, जहां भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एस.राधाकृष्णन ने शिक्षा ग्रहण की थी. हाल ही में, कॉलेज के शतवार्षिकी के सम्मान में भारत सरकार द्वारा एक डाक टिकट जारी किया गया था.
  5. जोति"स कॉलेज ऑफ आर्ट्स ऐंड साइंस, 113, वल्लिमलाई रोड,कट्पडी,वेल्लोर-7

वेल्लोर में अरबी कॉलेज[संपादित करें]

वेल्लोर में बहुत सारे अरबी कॉलेज हैं, जिनमें से मदरसा-बाकियाटस-सलेहात, जो बाकियात के नाम से मशहूर है, भारत में उत्तर प्रदेश के देवबंद स्थित मदरसा-दारुल-उलूम के बाद दूसरा प्राचीनतम अरबी कॉलेज है.

कृषि अनुसंधान स्टेशन[संपादित करें]

कृषि अनुसंधान स्टेशन, विरिन्जिपुरम तमिलनाडु के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यह तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (TNAU), कोयम्बटूर के 32 अनुसंधान स्टेशनों में से एक है, जिसे वर्ष 1999 में भारत के सर्वश्रेष्ठ कृषि यूनिवर्सिटी का स्थान प्राप्त हुआ था.

यह अनुसंधान स्टेशन वेल्लोर के कट्पडी तालुक के विरिन्जिपुरम गांव में अवस्थित है. यह चेन्नई-बैंगलोर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वेल्लोर बस स्टैंड से लगभग 15 किलोमीटर तथा कट्पडी रेलवे स्टेशन से 21 किलोमीटर दूर है.

केंद्र प्रायोजित नेशनल वाटरशेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट फॉर रेनफेड एरियाज़ (NWDPRA) योजना अक्टूबर 1997 से वेल्लोर एवं तिरुवन्नमलाई ज़िलों के 18 वाटरशेडों में मुख्यतः पानी और मिट्टी के संरक्षण के उपाय ढूंढने के मूल उद्देश्य से प्रचालन में है.

कंप्यूटर शिक्षा[संपादित करें]

तमिलनाडु सरकार के निःशुल्क कोर्स, जैसे-VB.NET, 3D एनिमेशन, हार्डवेयर ऐंड नेटवर्किंग,टैली 9,DTP एवं MS-ऑफिस इत्यादि. अधिकृत केंद्र:

  1. जयराम इन्फोटेक - BST सॉफ्टवेयर, वेल्लोर
  2. BST वेबसोल्युशन-वेल्लोर की वेबडिजाईनिंग एवं होस्टिंग कंपनी
  3. BST सॉफ्टवेयर - वेल्लोर में विकसित सॉफ्टवेयर विकास.
  4. पता: 142, अर्कोट रोड, होटल आवन्ना इन के समीप,निचला तल, वेल्लोर.

(CMC के विपरीत)संपर्क: 0416 4204417, 9787725471, 9940800416.

स्कूल[संपादित करें]

वेल्लोर में सरकार द्वारा चलाये जाने वाले बहुत से सरकारी अनुदान प्राप्त तथा निजी स्कूल हैं (इनमें मैट्रिकुलेशन,CBSE एवं ICSE/ISC शामिल हैं). स्कूलों की सूची में से कुछेक निम्लिखित हैं-

  1. ऑक्ज़ीलियम गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल (तमिलनाडु राज्य बोर्ड का पाठ्यक्रम)
  2. बेथेल मैट्रिकुलेशन हायर सेकंडरी स्कूल (मेट्रिक/तमिलनाडु राज्य बोर्ड का पाठ्यक्रम)
  3. BMD जैन स्कूल (ICSE पाठ्यक्रम)
  4. DAV BHEL हायर सेकेंडरी स्कूल (CBSE पाठ्यक्रम).
  5. डॉन बॉस्को हाइयर सेकेंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम)
  6. गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल, विरुपत्चिपुरम (तमिलनाडु राज्य बोर्ड पाठ्यक्रम)
  7. गवर्नमेंट बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल, कट्पडी (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  8. गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, कनेयानाल्लुर (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  9. गवर्नमेंट मुस्लिम हायर सेकेंडरी स्कूल, (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  10. होली क्रॉस मैट्रिकुलेशन हायर सेकंडरी स्कूल (मैट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  11. इडा स्कुद्दर स्कूल (ICSE/ISC पाठ्यक्रम, क्रिस्चन मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल, वेल्लोर की सिस्टर कंसर्न)
  12. K.A.K.M. (Mpl)हायर सेकेंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  13. लक्ष्मी गार्डन मैट्रिक हायर सेकंडरी स्कूल. (CBSE पाठ्यक्रम), वेल्लोर
  14. मद्रास मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल (मैट्रिक पाठ्यक्रम)
  15. एन. कृष्णास्वामी मुदलियर हायर सेकेंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम)
  16. रामलिंगम हायर सेकंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम)
  17. राथिनागिरी बगीराथान मैट्रिकुलेशन स्कूल (मेट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम)
  18. सिद्धार्थ सीनियर सेकेंडरी स्कूल (CBSE).
  19. शान्थिनिकेतन मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल (मैट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  20. शिक्षा केन्द्र रेसिडेंशियल स्कूल (मैट्रिक/तमिलनाडु के बोर्ड के पाठ्यक्रम).वेब
  21. सृष्टि मैट्रिकुलेशन हायर सेकंडरी स्कूल (मेट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).वेब
  22. सृष्टि विद्याश्रम सीनियर सेकेंडरी स्कूल (CBSE पाठ्यक्रम).
  23. श्री नारायणी विद्यालय हायर सेकेंडरी स्कूल, तिरुमलैक्कोदी (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम) गोल्डेन टेम्पल से ख्यात
  24. श्री वेंकटेश्वर हायर सेकेंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम, तिरूमाला तिरूपति देवस्थानम बोर्ड द्वारा संचालित).
  25. सेंट मेरीज़ हायर सेकेंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  26. सनबीम मैट्रिकुलेशन स्कूल (मैट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).वेब
  27. वाणी विद्यालय मैट्रिकुलेशन स्कूल (मैट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  28. वेदवल्ली हायर सेकेंडरी स्कूल (स्टेट बोर्ड), वालाजापेट
  29. वेदावली विद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल (CBSE), वालाजापेट
  30. वेदावली विद्यालय (CBSE), रानीपत
  31. वेल्लोर वलाल एन. कृष्णास्वामी मुदलियार इंग्लिश मीडियम स्कूल (CBSE पाठ्यक्रम)
  32. विद्यालयम
  33. वूर्हेस हायर सेकेंडरी स्कूल (तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  34. विलियम्स मैट्रिकुलेशन हायर सेकंडरी स्कूल (मैट्रिक/तमिलनाडु स्टेट बोर्ड पाठ्यक्रम).
  35. पूर्ण विद्यालय मैट्रिकुलेशन स्कूल (मैट्रिक पाठ्यक्रम).

पुलिस रंगरूट स्कूल[संपादित करें]

पुलिस रंगरूट स्कूल वेल्लोर किले के अंदर स्थित है. हवलदारों की भर्ती के लिए अप्रैल 1908 को वेल्लोर में एक प्रशिक्षण स्कूल खोला गया. आज की तारीख में यह तमिलनाडु राज्य के दो स्थाई पुलिस भर्ती स्कूलों में से एक है (दूसरा कोयम्बटूर में स्थित है). सरकार को 25 अगस्त, 1897 को लिखे गए अपने पत्र में (सुझावों के साथ)पुलिस महानिरीक्षक ने वेल्लोर में उन पुलिस इंस्पेक्टरों एवं स्टेशन हाउस ऑफिसरों के लिए एक संयुक्त प्रशिक्षण स्कूल खुलवाने की मांग की, जिन्हें छह महीनों का कोर्स करना था. 1909 में, एक पुलिस संग्रहालय को वेल्लोर स्थित पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया, जो 1901 से पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय में हुआ करता था. सीधे भर्ती हुए उप-आरक्षी का 1973-74 बैच वेल्लोर में प्रशिक्षण लेने वाला आखिरी बैच था. 1976 में पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज को चेन्नई के अशोक नगर में P.T.C के रूप में स्थानांतरित कर दिया गया.स्थानान्तरण के बाद से PTC ट्रेनिंग स्कूल को पुलिस रिक्रुइट स्कूल (PRS) बुलाया जाने लगा. 1990 के बाद LTTE को पुलिस रिक्रुइट स्कूल के हैदर महल में गिरफ्तार किया गया. पिछले 12 सालों से वहां कोई प्रशिक्षण नहीं होता. 2002 से प्रशिक्षण आगे के लिए भी शुरू किया जायेगा.

वार्डर प्रशिक्षण केन्द्र[संपादित करें]

वेल्लोर में एक वार्डर प्रशिक्षण केंद्र है, जो ग्रेड II वार्डरों के लिए छः महीनों का प्रशिक्षण आयोजित करता है. यह संस्थान ग्रेड I एवं ग्रेड II वार्डरों को सेवाकालीन प्रशिक्षण भी प्रदान करता है. यह प्रशिक्षण संस्थान आधुनिक शस्त्रों, ड्रिल आदि की उपयोग पद्धति एवं मानवाधिकारों पर जोर देते हुए कारागारों के प्रबंधन का भी प्रशिक्षण देता है. त्रिची एवं कोयम्बटूर में शुरू किये गए इस PSO अस्थायी वार्डर प्रशिक्षण संस्थान के सेवाकालीन प्रशिक्षण के तहत नए नियुक्त वार्डरों को कराटे एवं निन्जा, कमांडो, शस्त्ररहित युद्ध, बम प्रभावहीन करना आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है.

अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए वेल्लोर में एक रीजनल इंस्टीट्युट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन है. इस संस्थान का प्रबंधन संयुक्त रूप से चार दक्षिणी राज्यों द्वारा किया जाता है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल. इस संस्थान का उद्देश्य सुधार सेवा में ऐसे प्रशिक्षित अधिकारियों को लाना है, जो समुदाय में प्रभावी ढंग से अपराधियों के पुनर्वास, पुनर्समाजिकरण एवं पुनःएकीकरण में सक्षम हो सकें.

वेल्लोर केन्द्रीय कारागार[संपादित करें]

कारागार[संपादित करें]

1830 ई. में स्थापित वेल्लोर केन्द्रीय कारागार एक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण चिन्ह है, चूंकि यहां राजाजी, सी.एन.अन्नादुराई, कामराज जैसी कई प्रसिद्ध हस्तियां एवं स्वतंत्रता सेनानी, भारत के पूर्व राष्ट्रपति वि.वि.गिरी, आर. वेंकटरमण एवं वाइको सरीखे राजनैतिक नेताओं ने अपनी जेल की सज़ा काटी है.इस कारागार का निर्माण वर्ष 1867 के दौरान किया गया था. इस कारागार का कुल क्षेत्रफल 153 एकड़ (0.62 किमी2) है. अधिकृत आवास की संख्या 2130 है. इस कारागार की वास्तुकला-रूपरेखा टॉवर के साथ अर्धव्यास ब्लॉक है. वेल्लोर स्थित महिलाओं के लिए विशेष कारागार यह कारागार 15.04.1836 से प्रारम्भ हुआ. महिलाओं के कल्याण के लिए खोला गया यह देश का अग्रणी संस्थान है. इस कारागार को सर्वप्रथम प्रेसिडेंसी जेल फॉर वुमन प्रिजनर्स नाम दिया गया था. इस कारागार का अधिकृत क्षेत्रफल 13.62 एकड़ (55,100 मी2) है. अधिकृत आवास की संख्या 412 है. इस कारागार का प्रबंधन महिला अधिकारी एवं कर्मचारी संभालती हैं. इस कारागार के भीतर कैदियों के साथ रह रहे उनके बच्चों के कल्याण के लिए एक नर्सरी एवं क्रेश भी उपलब्ध है. वेल्लोर का सबसे बड़ा कारागार

इस कारागार में प्रेसिडेंसी के जिलों एवं साथ ही बर्मा तक के कारावास की सज़ा प्राप्त अभियुक्त सज़ा काटते हैं. इस प्रेसिडेंसी के बहुत से ऐसे क़ैदियों को, जिन्हें अदालत ने निर्वासन की सज़ा सुनाई हो, अंडमान निर्वासन के लिए शारीरिक रूप से अयोग्य मान लिए जाने पर यहीं रख लिया जाता है. अभियुक्तों की मज़दूरी से प्राप्त मूल्य से इस कारागार का खर्च निकलता है.

इस कारागार का मुख्य उद्योग बुनाई है. वेल्लोर के कालीन बुनकर द्वारा सर्वप्रथम अभियुक्तों को विभिन्न शैलियों के कपड़े साथ ही टेबल क्लॉथ, बोरे, कॉयर मैट, विनिर्माण आदि का काम सिखाया गया था. यहां कपड़े की उत्कृष्ट बुनाई होती है, जो इंग्लैंड में हाथों-हाथ बिक जाते हैं. यहां बढईगिरी, जूता बनाने, लोहा एवं पीतल पर नक्काशी एवं तम्बू बनाने का काम भी होता है एवं यह कारागार एक दर्शनीय स्थल है. अपने कठोर परिश्रम एवं सद्व्यवहार के द्वारा अभियुक्तों को उनकी सुनाई गयी सज़ा की कुल अवधि में से अधिकतम छठे हिस्से तक की छूट मिल सकती है.

वार्डर्स प्रशिक्षण केन्द्र

वेल्लोर में एक वार्डर प्रशिक्षण केंद्र है, जो ग्रेड II वार्डरों के लिए छः महीनों का प्रशिक्षण आयोजित करता है. यह संस्थान ग्रेड I एवं ग्रेड II वार्डरों को सेवाकालीन प्रशिक्षण भी प्रदान करता है. यह प्रशिक्षण संस्थान आधुनिक शस्त्रों, ड्रिल आदि की उपयोग पद्धति एवं मानवाधिकारों पर जोर देते हुए कारागारों के प्रबंधन का भी प्रशिक्षण देता है. त्रिची एवं कोयम्बटूर में शुरू किये गए इस PSO अस्थायी वार्डर प्रशिक्षण संस्थान के सेवाकालीन प्रशिक्षण के तहत नए नियुक्त वार्डरों को कराटे एवं निन्जा, कमांडो, शस्त्ररहित युद्ध, बम प्रभावहीन करना आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है.

अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए वेल्लोर में एक रीजनल इंस्टीट्युट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन है. इस संस्थान का प्रबंधन संयुक्त रूप से चार दक्षिणी राज्यों द्वारा किया जाता है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल. इस संस्थान का उद्देश्य सुधार सेवा में ऐसे प्रशिक्षित अधिकारियों को लाना है, जो समुदाय में प्रभावी ढंग से अपराधियों के पुनर्वास, पुनर्समाजीकरण एवं पुनःएकीकरण में सक्षम हो सकें.

पर्यटन[संपादित करें]

वेल्लोर किला[संपादित करें]

वेल्लोर किले का एक चित्र

किलेबंदी में गोल टावरों एवं आयताकार प्रक्षेपणों के कारण अनियमित रूप से भग्न एक मुख्य प्राचीर है. मुख्य दीवार विशाल ग्रेनाईट पत्थरों से निर्मित हैं,जो सूर्यगुंटा टैंक से निकलने वाले भूमिगत नालों के पानी से भरी गहरी खाइयों से घिरे हुए हैं. किले के भीतर किले जितना ही पुराना जलकंटेश्वर मंदिर स्थित है. यह किला दक्षिण भारत की वास्तुकला के उत्कृष्टतम नमूनों में से एक है. इस किले की दिलचस्प बात यह है कि इसकी प्राचीर के भीतर एक हिन्दू मंदिर, ईसाई गिरजाघर एवं मुस्लिम मस्जिद मौजूद हैं. इस किले के अन्दर 'टीपू महल' भी है. माना जाता है कि अंग्रेजों से युद्ध के दौरान टीपू सुलतान ने अपने परिवार के साथ यहां दिन बिताए थे. टीपू के पुत्रों के कब्र वेल्लोर में हैं. यह किला भारतीय पुरातत्व संरक्षण के नियंत्रणाधीन है. वेल्लोर किले को "राष्ट्रीय महत्व का स्मारक' घोषित किया गया है. वेल्लोर आनेवाले पर्यटकों के लिए यह किला आज एक दर्शनीय स्थान बन चुका है.

राज्य सरकार संग्रहालय[संपादित करें]

राज्य सरकार का यह संग्रहालय किले के भीतर स्थित है एवं इसे नक़्शे पर भी देखा जा सकता है. जनता के लिए यह संग्रहालय 1985 में खोला गया. इसमें कला, पुरातत्व, प्रागैतिहास,शस्त्र, मूर्ति, कांस्य, काष्ठ नक्काशी, हस्तशिल्प, सिक्का-विज्ञान, डाक-टिकट संग्रह, वनस्पति विज्ञान, भूविज्ञान एवं प्राणिविज्ञान से संबंधित वस्तुएं संग्रहित किये गए हैं. इसमें मानवविज्ञान, कला और पुरातत्व, वनस्पति विज्ञान, भूविज्ञान, सिक्का-विज्ञान, प्रागैतिहास, प्राणिविज्ञान आदि विषयों से संबंधित प्राचीन काल से लेकर आज तक की अनोखी कलात्मक वस्तुएं संजो कर रखी गयी है.इसके गलियारे में पूर्व संयुक्त उत्तरी अर्कोट जिले के ऐतिहासिक स्मारक बड़ी खूबसूरती से प्रदर्शित किये गए हैं. 400 ई.पू. वेल्लोर तालुक के कांस्य के दोहरे एंटेना वाले तलवार, विगत पल्लव से लेकर विजयनगर दौर तक की पत्थर की मूर्तियां, श्रीलंका के अंतिम कंडियन शहंशाह विक्रम राजा सिंह द्वारा प्रयोग में लाये जाने वाले हाथी-दांत से बने शतरंज एवं सिक्के इसके मुख्य आकर्षण हैं. इस संग्रहालय की शैक्षणिक गतिविधियों में स्कूली बच्चों के लिए कला शिविर, कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए शिलालेखों एवं प्रस्तरचिन्हों (संकेतों) का अध्ययन आदि शामिल हैं.

कावलोर वेधशाला[संपादित करें]

कावलोर वेधशाला (वेणु बाप्पू वेधशाला The Vainu Bappu Observatory) वेल्लोर जिले के अलंगयम में जावाडी पहाड़ियों (पूर्वी घाट का एक हिस्सा)के कावलोर में अवस्थित है. यह वेधशाला समुद्र स्तर से 725 मी. ऊपर स्थित है(78°49.6'E देशांतर ; 12°34.6'N अक्षांश) शहरी चकाचौंध एवं औद्योगिक इलाकों से काफी दूर स्थित होने के अलावा, इसके लिए भूमध्य रेखा के नजदीकी स्थान का चुनाव यह सोच कर किया गया था ताकि उत्तरी एवं दक्षिणी, दोनों गोलार्द्धों को समान आसानी से कवर किया जा सके. इसके अतिरिक्त, इसकी देशान्तरीय अवस्थिति ऐसी है कि यह दक्षिणी पिंडों के अवलोकन के लिए ऑस्ट्रेलिया एवं दक्षिण अफ्रीका के बीच एकमात्र प्रमुख खगोलीय सुविधा है.2.3M व्यास वाला एशिया का सबसे बड़ा टेलिस्कोप यहीं स्थित है.

येलागिरी[संपादित करें]

छोटी छुट्टियों के लिए येलागिरी पहाड़ियां एक सुखद स्थान हैं. यहां हरी-भरी पहाड़ियां एवं चित्रमान दृश्यावली आपका स्वागत करती हैं. यह एक विलक्षण पहाड़ी स्थल है एवं तमिलनाडु के पहाड़ी स्थलों में से सबसे प्राचीन एवं प्रदूषणरहित है. येलागिरी पहाड़ियों का इलाक़ा पिछड़ा हुआ है, जिसमें कॉटेज एवं फ़ार्म हॉउस जैसी दिखने योग्य कुछ गिनेचुने विकास ही हुए हैं,लेकिन इसके बावजूद इसने अपने ऊपर 'दूरस्थ' का ठप्पा लगा रखा है.

क्लॉक टॉवर[संपादित करें]

यह क्लॉक टॉवर राजा जॉर्ज पंचम के राज्याभिषेक की स्मृति में बनाया गया था. यह टॉवर इस शहर के उन 22 सैनिकों को भी समर्पित किया गया है, जो प्रथम विश्व युद्ध (1914-1999) के दौरान लड़ने गए थे. इनमें से 14 ब्रिटिश सैनिक उस युद्ध में मारे गए थे.

चर्च ऑफ साउथ इण्डिया[संपादित करें]

यह दक्षिण भारत के गिरजाघरों के अंतर्गत आता है. यह सबसे बड़े गिरजाघरों में से एक है. RCA (रिफॉर्म चर्च ऑफ अमेरिका)उत्तरी अर्कोट ज़िले में आये और इस गिरजाघर की स्थापना की. यह गिरजाघर तक़रीबन 150 वर्ष पुराना है. पहले यह गिरजाघर फ़िल्टर बेड रोड पर हुआ करता था, सैनिक विद्रोह के दौरान जो ब्रिटिश सैनिक मारे गए थे उन्हें इसी गिरजाघर के आसपास के क्षेत्र में दफ़न किया गया है. यह गिरजाघर कब्रिस्तान की देखरेख के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा प्राधिकृत है.

अमिर्थी वन[संपादित करें]

अमिर्थी प्राणी-उद्यान वेल्लोर से 25किमी दूर अमिर्थी नदी के पार तेल्लई के जवाडू/जावडी पहाड़ियों के तहत अवस्थित है. यह प्राणी-उद्यान अक्तूबर 1967 को शुरू किया गया. उद्यान का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर है एवं यहां आपको खूबसूरत झरने मिलेंगे. यहां भांति-भांति के पशु-पक्षी भी हैं. बच्चों के लिए झूलों एवं सीसौ आदि उपकरणों की भी व्यवस्था है. यहां तरह-तरह के जड़ी-बूटी वाले पेड़-पौधे एवं चन्दन के पेड़ उगाये जाते हैं. यहां 2 रेस्ट हाउस हैं एवं एक डॉरमिटरी में पांच सदस्य रह सकते है. यहां एक साधना-कक्ष है, जहां व्यक्ति पूर्ण एकाग्रता एवं शान्ति प्राप्त कर सकता है.

छुट्टियों में यहां बहुत पर्यटक उमड़ते हैं. इस प्राणी-उद्यान को हाल ही में मान्यता मिली है एवं राज्य सरकार ने इस इलाके के विकास के लिए क़दम उठाए हैं. यहां प्रवेश शुल्क मात्र रु.2/- प्रति व्यक्ति है. साइकिल के लिए रु.3/-, वैन के लिए रु.5/- एवं मोटर साइकिल के लिए रु.2/- लगते हैं.

अमिर्थी में वन रेंजर के अधीन एक रेंज ऑफिस है. अमिर्थी के समीप निम्मियाम्बट्टू में एक पहाड़ी जनजाति समाज भी है. इसका मुख्य उद्देश्य उस इलाक़े की पहाड़ी जनजातियों को रोज़गार के अवसर प्रदान करना है.

विल्लापक्कम[संपादित करें]

विल्लापक्कम का पहाड़ी इलाक़ा, जिसे स्थानीय रूप से पञ्चपांडव मलाई नाम से जाना जाता है,प्रारम्भिक मध्ययुग के दौरान एक समृद्ध जैन केंद्र था.पहाड़ों को काटकर बनाए गए गुफानुमा मंदिर, जैन आकृतियों एवं शिलालेखों वाले प्राकृतिक गुफाओं से यही ज्ञात होता है. विशाल पहाड़ी के पूर्वी किनारे पर पहाड़ों को काटकर बनाया गया यह गुफानुमा मंदिर एक बड़ी खुदाई है.

मंदिर[संपादित करें]

जलकंडेश्वर मंदिर, श्रीलक्ष्मी स्वर्ण मंदिर, रंगपुरम स्थित सीतालक्ष्मणा समेता श्री कोथांडा रामर स्वामी मंदिर, थेंगल आश्रम, शोलिंगुर नरसिम्हा स्वामी मंदिर, तारकेश्वर मंदिर एवं शानेबक्कम विनयनगर मंदिर आदि यहां अवस्थित प्रसिद्ध मंदिरों में से कुछेक हैं. इसके अलावा यह ज़िला कई मुरुगन मंदिरों के लिए भी मशहूर है. यह शहर गिरजाघरों एवं मस्जिदों के लिए भी प्रसिद्ध है. किले के भीतर स्थित द एज़म्प्शन कैथेड्रल एवं 150 वर्ष पुराना सेंट जॉन्स चर्च वेल्लोर के गिरजाघरों में से कुछ हैं. शहर के ठीक बीचों-बीच स्थित बड़ा मस्जिद भारत का सबसे बड़ा अरबी कॉलेज है.

जलकंडेश्वर मंदिर[संपादित करें]

जलकंडेश्वर मंदिर - वेल्लोर किले के भीतर स्थित है, यह मंदिर अपने अन्दर एक भव्य गोपुरम (टॉवर) होने का दावा करता है. यहां भगवान शिव की पूजा "जलकंडेश्वर" के रूप में की जाती है. यह मंदिर खंदक की बजाय उप-ज़मीनी स्तर पर स्थित है, इसीलिए इसका नाम जलकंडेश्वर पड़ा . मंदिर लम्बे अरसे तक बंद पड़ा रहा था. इस पवित्रतम स्थान के मुख्य देवता को एक मूल्यांकन द्वारा अपमानित किये जाने से बचाने के लिए बहुत दूर ले जाया गया था. पानी का अकाल पड़ने पर 1980 में इसे वापस अपने स्थान पर रख दिया गया. मूर्ति को वापस अपने स्थान पर रखवाने में तत्कालीन कलक्टर की मुख्य भूमिका थी.

रत्नगिरि मंदिर[संपादित करें]

रत्नगिरि मुरुगन मंदिर भगवान बालामुरुगन को समर्पित है एवं यह वेल्लोर से लगभग 10 किमी दूर वालाजाह तालुक के रत्नगिरि में अवस्थित है. वर्ष 1968 से इस पहाड़ी मंदिर के विकास में बालामुरुगन अदिमाइगल का बड़ा हाथ था. उनके मार्दर्शन में, एक सुविधा संपन्न अस्पताल एवं एक बहुत अच्छा विद्यालय स्थापित किया गया. किल्मिनल के रहने वाले सभी लोगों ने भी इस मंदिर प्रांगण के विकास में योगदान दिया था. बालामुरुगन अदिमाइगल के तत्वाधान में चेन्नई-बैंगलोर राजमार्ग पर रत्नगिरि अस्पताल के समीप एक आपातकालीन चिकित्सा ईकाई उपलब्ध कराया गया. इस मंदिर की देख-रेख बहुत अच्छी तरह की जाती है एवं यह CMC आनेवाले लोगों तथा तमिलनाडु की आमजनता के बीच बहुत लोकप्रिय है. एक 4 हेयर-पिन बेंड रोड मंदिर तक जाता है. चूंकि घाट रोड हाल ही में बनाया गया था, इसीलिए वाहनों के लिए कुछ प्रवेश शुल्क लिया जाता है. मंदिर तक पहुंचने के एक दूसरे विकल्प के रूप में लगभग 150 क़दम चलना पड़ता है.

श्रीपुरम[संपादित करें]

श्रीपुरम स्थित श्रीलक्ष्मी मंदिर, जो वेल्लोर गोल्डेन टेम्पल के नाम से प्रसिद्ध है, वेल्लोर के थिरुमलाइकोदि में स्थापित एक नया आध्यात्मिक उद्यान/मंदिर है. मंदिर का पूरा वाह्य आवरण सोने की चादरों और प्लेटों से बना हुआ है. बताया गया है कि इस मंदिर के निर्माण की लागत रु.300 करोड़ (3 बिलियन)है. यह मंदिर चारों ओर से विशाल हरे-भरे प्राकृतिक दृश्यावली से घिरा हुआ है. मंदिर तक पहुंचने के लिए सितारे के आकार में बने एक मार्ग से होकर गुज़रना पड़ता है. * चेन्नई, बैंगलोर, तिरुमाला से श्रीपुरम कैसे पहुंचें

Sripuram Temple Multiple Views.gif

कांगेनल्लुर[संपादित करें]

लोकप्रिय थिरु मुरुगा किरुपनंधा वरियार, जिन्हें आदरपूर्वक वरियार स्वामिगल भी पुकारा जाता है, का जन्म पलार नदी के उत्तरी किनारे पर बसे एक छोटे से गांव कांगेयनल्लुर में हुआ. यह गांव वेल्लोर जिले में वेल्लोर तथा कट्पडी के बीच 5 किमी की दूरी पर स्थित है. इस प्रांत को संगम साहित्य में थोंदाई नाडु के रूप में संदर्भित किया गया है.

उनका जन्म 25 अगस्त 1906 को हुआ था. भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, वह शनिवार का दिन,सुबह 4.37 का समय, शुक्ल पक्ष, शशि तिथि, स्वाति नक्षत्र, सुब्रनम योगम, गोलावा करनम, तुला राशि और कर्क लग्न था.

वल्लिमलाई[संपादित करें]

यह भगवान मुरुगन का मंदिर है, जो वेल्लोर से तकरीबन 30 किमी दूर, पूर्वी घाट के एक हिस्से में पहाड़ की चोटी पर स्थित है. यह मंदिर अपने भव्य विचारों के लिए प्रसिद्ध है.

कैथेड्रल[संपादित करें]

यह वेल्लोर के रोमन कैथोलिक धर्मप्रदेश का मुख्य कैथेड्रल है. बिशप के निवास के समीप स्थित यह चर्च 2001 में अपने पुनर्नवीनीकरण के बाद एक प्रमुख धर्म केंद्र में तब्दील हो गया.

बालामाथी[संपादित करें]

बालामाथी, वेल्लोर से 30 मिनट की दूरी पर पूर्वी घाट की पहाड़ियों के शिखर पर स्थित एक शांत और छोटा सा सुन्दर गांव है. यह बहुत से हेयरपिन मोड़ों के साथ भलीभांति निर्मित सड़क द्वारा शहर से जुड़ने वाले अपने बालामुरुगन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है. बालामाथी में सुखद वायु एवं काफी निम्न तापमान है, जो शहर के आम गर्म मौसम से दूर लोगों को एक आदर्श मौसमी बदलाव देता है.

Balamathi hills top view.jpg
Balamathi Hills Panoramic View.jpg

यातायात[संपादित करें]

बसें[संपादित करें]

वेल्लोर में शहरी बस सेवायें उपलब्ध हैं, जो शहर, उपनगरों एवं वेल्लोर के घेरे में 30 किमी तक स्थित स्थानों को आपस में जोड़ती हैं.

केन्द्रीय बस टर्मिनल तब तक शहर के ठीक बीचों-बीच किले के विपरीत स्थित था जब तक उसे पलार नदी के तट पर चेल्लियामन मंदिर के समीप नए स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया. किले के समीप पुराना बस टर्मिनस अब भी शहर और उपनगरों के बीच चलने वाली सभी बसों के नोडल केन्द्रों के रूप में कार्य कर रहा है. शहर सेवाओं के अन्यान्य बस टर्मिनल चित्तौड़ बस अड्डे,बगयम एवं कट्पडी में स्थित है.

कृपया मार्ग एवं किराए के विवरणों के लिए तमिलनाडु सरकार के वेबसाईट की मदद लें : Government Transport Website: [4]

ऑटोरिक्शा और टैक्सी[संपादित करें]

ऑटोरिक्शा एवं टैक्सी एक समान किराया लेते हैं एवं माना जाता है कि वे सरकार द्वारा नियत किराया-दरों का पालन नहीं करते. दुर्भाग्यवश, वेल्लोर के बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की ठगी आम बात है. लेकिन चेन्नई, कोयम्बटूर या बैंगलोर के समकक्षों में ये दर कहीं अधिक संगत हैं.

कैसे पहुंचे[संपादित करें]

हवाईजहाज़ से[संपादित करें]

शहर का अपना निजी कोई हवाई अड्डा नहीं है, यहां के समीपवर्ती हवाई अड्डे चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (130 किमी) तथा बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (200 किमी) हैं एवं निकटतम देशीय हवाई अड्डा तिरुपति हवाई अड्डा (100 किमी) है.

अल्लापुरम में वेल्लोर का एक अप्रयुक्त हवाईअड्डा है. सरकार ने इस हवाई अड्डे को 2009 तक पूरी तरह से कार्यशील बनाने का प्रस्ताव दिया है ताकि 45-सीटों वाले ATR हवाई जहाज़ वहां से चालू किया जा सके. तमिलनाडु सरकार ने हाल में ही यह घोषणा की है कि वह टर्मिनल भवनों के निर्माण-कार्य की गति बढ़ाएगी एवं इस हवाई अड्डे को 2009 तक पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा.

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने दक्षिणी क्षेत्र में "निष्क्रिय पड़े हवाई अड्डों को क्रियाशील बनाने का कार्यक्रम' शुरू किया है, जिसमें वेल्लोर भी शामिल है. 51.5 एकड़ (2,08,000 मी2) पर स्थित वेल्लोर हवाई अड्डा हाल ही में मद्रास फ़्लाइंग क्लब के प्रशिक्षु पायलटों द्वारा नियमित उड़ान भरने के लिए चालू किया गया है. प्रस्तावित राजीव गांधी वैमानिकी विज्ञान संस्थान श्रीपेरुमबुदुर से वेल्लोर में स्थानांतरित कर दिया जायेगा.

ट्रेन से[संपादित करें]

वेल्लोर शहर में कुल तीन रेलवे स्टेशन हैं. वेल्लोर के लिए मुख्य रेलवे जंक्शन शहर के उत्तरी हिस्से में, ओल्ड सेन्ट्रल बस अड्डे से 7 किमी दूर, CMC से 5 किमी तथा न्यू सेन्ट्रल बस टर्मिनस से 5 किमी दूर कट्पडी में स्थित है. इस रेलवे स्टेशन का विस्तारण एवं सुन्दरीकरण किया जा रहा है, ताकि लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को समायोजित किया जा सके.

कट्पडी जंक्शन से विल्लिपुरम जंक्शन को जोड़ने वाली दो और स्टेशनें, वेल्लोर टाउन और वेल्लोर कैंटोनमेंट, भी कतार में हैं. वेल्लोर कैंटोनमेंट से नियमित ट्रेन सेवा 10 नवम्बर 2008 को शुरू हुई. ये ट्रेनें अभी कट्पडी से अराकोनाम, जोलारपेत्तई, चेन्नई बीच तथा तिरुपति होकर चलती हैं. कट्पडी-विल्लुपुरम रेलवे लाइन का काम पूरा हो जाने पर, सेवायें बढ़ा दी जायेंगी.

सड़क मार्ग से[संपादित करें]

वेल्लोर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल तथा कर्नाटक के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. दक्षिण भारत के चेन्नई, बैंगलोर, तिरुपति, सलेम,इरोड, मैसूर,चित्तोड़,कुरनूल,त्रिची,थिरुवन्नामलाई,तिन्दिवानम, विल्लुपुरम, कन्याकुमारी,अरानी, कांचीपुरम, कलपक्कम, गुडियथम एवं अन्य प्रमुख कस्बों एवं शहरों में सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं.

वेल्लोर NH46 पर अवस्थित है, जो बैंगलोर एवं चेन्नई (रानीपत से चेन्नई तक NH 4)एवं कुड्डालोर-चित्तोड़ राजमार्ग को जोड़ता है.इसी वजह से यह यात्रियों के लिए आवागमन का एक प्रमुख बिंदु बन चुका है. गोल्डेन क्वाड्रीलैटरल (भारत का सबसे बड़ा राजमार्ग परियोजना)ने इस शहर के लिए बैंगलोर एवं चेन्नई दोनों शहरों तक पहुंचना बेहद सुलभ बना दिया है (औसतन,चेन्नई से 2 घंटे एवं बैंगलोर से 3 घंटे का सफ़र).

वेल्लोर एवं अन्य प्रमुख कस्बों तथा शहरों के बीच दूरी:

क्रम सं. शहर दूरी (किलोमीटर में)
1 चेन्नई 140
2 बैंगलोर (होसुर होकर) 180
3 बैंगलोर (चित्तौड़ होकर) 210
4 कोयम्बटूर 317
5 तूतीकोरिन 542
6 तिरुपति 100
7 रानीपत, वेल्लोर 36
8 कराईकल 310
9 अर्नी 36
10 तिरुवन्नमलाई 85
11 मैसूर 278
12 सलेम 175
13 कृष्णगिरि 110
14 हैदराबाद 512
15 तिरुपुर 280
16 तिरूनेलवेली 586
17 मदुरई 439
18 ऊटी 314
19 इरोड 220
20 नेल्लोर 304
21 मैंगलोर 465
22 चित्तूर 28
23 त्रिची 308
24 माछिवारा 2423

मीडिया और सूचना[संपादित करें]

वेल्लोर में अग्रणी तमिल, अंग्रेज़ी एवं अन्यान्य क्षेत्रीय भाषाओं के समाचार-पत्र उपलब्ध हैं. दक्कन क्रोनिकल, द न्यू इन्डियन एक्सप्रेस, द हिन्दू, द टाइम्स ऑफ इण्डिया एवं दक्कन हेराल्ड जैसे अंग्रेज़ी दैनिक वेल्लोर में उपलब्ध हैं. थिनाथथंथी, दिनामलार, दिनाकरण, दिनामानी एवं मालैमलर आदि तमिल दैनिक वेल्लोर में छापे जाते हैं.

वेल्लोर तमिलनाडु दूरसंचार सर्कल के तहत पड़ता है.

ऑल इण्डिया रेडियो का एक स्टेशन वेल्लोर में स्थित है. इस शहर में कई स्थानीय टीवी चैनल हैं.

मनोरंजन[संपादित करें]

वेल्लोर के सिनेमा हॉलों की सूची[संपादित करें]

नीचे वर्णक्रम में सिनेमा हॉलों की सूची दी जा रही है. वहां निष्क्रिय एवं तालाबंद सिनेमा हॉल भी हैं, जिन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया गया है.

सिनेमा थियेटर्स स्थान विशेषताएं
बिग सिनेमाज़ अलंकार इन्फैंट्री रोड, (कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन के पास), वेल्लोर - 1 A/C, DTS, RDX
बिग सिनेमाज़ लक्ष्मी ऑफिसर्स लाइन (HDFC बैंक के विपरीत) वेल्लोर - 1 70 मिमी, A/C, डोल्बी डिजिटल, RDX
अन्ना कलाई अरंगम (राज्य सरकार का अपना हॉल) ऑफिसर्स लाइन, वेल्लोर - 1
अप्सा VIT रोड, कट्पडी, वेल्लोर - 7 SDX डिजिटल
अप्सरा ऑफिसर्स लाइन, (वूरहिस कॉलेज के विपरीत) वेल्लोर - 1 A/C, डोल्बी डिजिटल, RDX, क्यूब डिजिटल
बालाजी चित्तौड़ रोड, कट्पडी, वेल्लोर - 7 डोल्बी डिजिटल, क्यूब डिजिटल
क्राउन थिएटर अर्काट रोड, साइदापेट, वेल्लोर - 12
जेयामुरुगन अर्नी रोड, संकरंपलयम, वेल्लोर - 2 DTS, क्यूब डिजिटल
कुरल बैंगलोर रोड, कोनावात्तम, वेल्लोर - 8 A/C, DTS, क्यूब डिजिटल
नैशनल टॉकीज कट्पडी रोड, ओल्ड बाई पास रोड सिग्नल के पास, वेल्लोर - 4
राघवेंद्र बैंगलोर रोड, शेंबक्कम, वेल्लोर - 8 A/C DTS, क्यूब डिजिटल
राजा ऑफिसर्स लाइन, वेल्लोर - 1 DTS, क्यूब डिजिटल
सिलाम्बू बैंगलोर रोड, कोनावात्तम, वेल्लोर - 8 70 मिमी, A/C, डोल्बी डिजिटल, क्यूब डिजिटल
श्री मुरुगन सथुवाचारी, वेल्लोर - 9 DTS, डिजिटल
श्रीनिवास अर्काट रोड, सथुवाचारी, वेल्लोर - 9 DTS, क्यूब डिजिटल
थिरुमलाई वेल्लोर - 2 DTS, डिजिटल
श्री विष्णु ओल्ड पलार ब्रिज रोड, विरुथम्पेट, वेल्लोर - 6 A/C, क्यूब डिजिटल, डोल्बी डिजिटल
वीनस पोस्ट ऑफिस स्ट्रीट (ICICI बैंक के विपरीत), वेल्लोर - 1 A/C DTS, क्यूब डिजिटल
लक्ष्मी (कमालम) अर्काट, वेल्लोर - 503 DTS
सिवान और सक्थी अर्कोट, वेल्लोर - 503 DTS
PNR (मुरली) अर्कोट, वेल्लोर - 503 DTS
राजेश्वरी 69 सी बाजार स्ट्रीट, रानीपत, वेल्लोर - 401 DTS
शंमुगा अमूर रोड, रानीपत, वेल्लोर - 401 DTS

व्यंजन[संपादित करें]

वेल्लोर अपने पाककला और खाने के लिए प्रसिद्ध है. यहां का मांसाहारी भोजन प्रसिद्ध है, खासतौर पर बैंगन से बनने वाला वेल्लोर सर्वा, जो बिरयानी के साथ परोसा जाता है, बेहद प्रसिद्ध है.

वेल्लोर मुल्लू कथ्रिका के रूप में प्रसिद्ध अपने बैंगन के लिए मशहूर है. यहां का नर्म देसी मकई भी बहुत लोकप्रिय है. इसके ब्रैंड नाम "थोतापलायम कथिरू" को सभी जानते हैं. वेल्लोर में मौसम के दौरान भरपूर उपलब्ध होने वाला एक दूसरा लोकप्रिय फल शरीफा है.

राजनीति[संपादित करें]

वेल्लोर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र वेल्लोर (लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र) का हिस्सा है [9]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

विश्वविद्यालय के निकट अच्छे होटल [5]

बाहरी लिंक[संपादित करें]

* सभी वेल्लोर के बारे में (कार्यालयों, शॉप का पता, ट्रेन का समय, मॉडल, सिनेमा, आदि)

क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज का आधिकारिक साइट, वेल्लोर - भारत के 2न्ड सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय चेन्नई म्युसियम शिक्षा केन्द्र रेसिडेंशियल स्कूल श्री सेलिअमन गेस्ट हाउस - श्रीपुरम गोल्डेन टेम्पल के पास अच्छा लोज, वेल्लोर

इतिहास / संदर्भ[संपादित करें]

साँचा:Indian state navigation box