समान्तर चतुर्भुज

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समान्तर चतुर्भुज

जिस चतुर्भुज की आमने-सामने की भुजाएँ समान्तर हों उसे समान्तर चतुर्भुज (Parallelogram) कहते हैं।

समान्तर चतुर्भुज की विशेषताएं[संपादित करें]

  • आमने सामने की भुजाएं बराबर और समान्तर होती हैं।
  • विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  • आमने सामने के कोण बराबर होते हैं।
  • विकर्ण आमने सामने के कोण को समद्विभाजित नहींं करते हैं।

विशेष[संपादित करें]

  • प्रत्येक वर्ग समान्तर चतुर्भुज होता है।
  • प्रत्येक आयत समान्तर चतुर्भुज होता है।
  • प्रत्येक सम चतुभज समान्तर चतुर्भुज होता है।
  • आयत व वर्ग को छोड़कर प्रत्येक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण आपस में बराबर नहीं होते है।(आयत व वर्ग के विकर्ण सदैव बराबर होते हैं।)
  • समांतर चतुर्भुज के विकणों के कोण बराबर होते हैं।

क्षेत्रफल[संपादित करें]

यह चित्र दिखाता है कि समान्तर चतुर्भुज का एक भाग काटकर उसे दूसरे स्थान पर जोड़ देने से एक आयत बन जाता है।

चूंकि समान्तर चतुर्भुज भी एक चतुर्भुज होता है, इसलिए चतुर्भुज के क्षेत्रफल के सारे सूत्र समान्तर चतुर्भुज के लिए भी प्रयुक्त होते हैं। किन्तु समान्तर चतुर्भुज के क्षेत्रफल के लिए सरल सूत्र भी निकाला जा सकता है।

सामने के चित्र को देखें। इसका आधार b और ऊँचाई h है। यहाँ ऊपर और नीचे की भुजाओं के बीच की न्यूनतम दूरी ही ऊँचाई है। इस समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल

इसको दो तरह से समझा जा सकता है। पहल तरीका, समान्तर चतुर्भुज को एक समलम्ब चतुर्भुज और एक समकोण त्रिभुज में बाँटा जा सकता है। (ऊपर का चित्र)। दूसरा तरीका, नीले रंग में बने समकोण त्रिभुज को बाएँ से हटाकर दाहिने ले जाँय और एक आयत बना डालें। दोनों तरीकों से उपरोक्त सूत्र आ जाएगा।

प्रमुख माप[संपादित करें]

miniatur

समान्तर चतुर्भुज की विभिन्न मापों के सूत्र
भुजाएँ
आन्तरिक कोण
क्षेत्रफल


ऊँचाई (a और c के बीच)
ऊँचाई (b और d के बीच)
विकर्ण
समान्तर चतुर्भुज नियम