त्रिविम समष्टि

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त्रिविम समष्टि अथवा त्रिविम आकाश भौतिक ब्रह्माण्ड (समय रहित) जिसमें हम रहते हैं का तीन प्राचलों वाला ज्यामितिय प्रतिमान है। इन तीन विमाओं को लम्बाई, चौड़ाई, ऊँचाई, गहराई और विस्तार द्वारा निरूपित किया जाता है। तीन दिशाएँ इस प्रकात चुनी जाती हैं कि वो सभी एक ही समतल में नहीं पायी जा सकती।

भौतिक विज्ञान और गणित में n-विमिय समष्टि में किसी बिन्दु की स्थिति को व्यक्त करने के लिए एक n वास्तविक संख्याओं के अनुक्रम प्रयुक्त किया जाता है। जहाँ n = 3, होने पर प्राप्त स्थिति को त्रिविम समष्टि अथवा ३डी कहा जाता है और इसे यूक्लिडिय समष्टि दृष्टिकोण भी कहा जा सकता है। इसे सामान्यतः द्वारा निरूपित किया जाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]