वॄश्चिक राशि

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Scorpio
वश्चिक, अर्थात बिच्छू
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मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला
वृश्चिक धनु मकर कुम्भमीन
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राशि चिह्न बिच्छू, चील या फ़ीनिक्स
अवधि (ट्रॉपिकल, पश्चिमी) 23 अक्टूबर – 22 नवम्बर (2019, यूटीसी)
नक्षत्र स्कॉर्पियस
राशि तत्त्व जल
राशि गुण स्थिर
स्वामी प्लूटो, मंगल
डेट्रिमेण्ट शुक्र
एग्ज़ाल्टेशन युरेनस, सूर्य
फ़ॉल चंद्र
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यदि आपकी लग्न राशि वृश्चिक है,तो आपका स्वामी मंगल होगा। यह एक जलीय, स्थिर या भयानक एवं मूक राशि है। विशेषत: यह स्त्री प्रधान, फलदायक, उग्र और हिंसात्मक राशि है। आप उग्र, आत्मविश्वासी और मनोवेगपूर्ण हो सकते हैं। आप बुद्धिमान और चतुर होंगे। आप कुछ हठी, संकल्पित स्वभाव के, आवेगी, साहसी एवं प्रतिस्पर्धा करने वाले होंगे, परन्तु इसके आने पर आप घबरा जाते हैं। आप उत्साही होंगे, परन्तु आरक्षित रहना पसन्द करेंगे एवं वार्तालाप के समय चिन्तामग्न रहेंगे। आप बहुत सोच-समझ कर बात करेंगे और आपके शब्दों का सकारात्मक अर्थ होगा। आप परिश्रमी होंगे और किसी काम को अधूरा नहीं छोड़ेंगे। आपके विचार पहले से अचल व अपरिवर्तनीय होंगे।

आप बातचीत में दक्ष होंगे। उदारता और सौम्यता आपके गुण होंगे। परोपकार के लिए आप किसी भी चीज का त्याग कर सकते हैं। आप पुरानी परम्पराओं और परम्परागत मूल्यों को महत्व देंगे। आपको राजकीय सम्मान मिलेगा। संगीत और कला से आपको प्रेम होगा। आप पर कुछ थोपा नहीं जा सकता है, पर आप दूसरों पर अपनी बात थोप सकते हैं। आप अपनी कूटनीतिक दक्षता के द्वारा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। आपकी यह विशेषता समय-समय पर सहायक होगी और आपको कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालेगी। रहस्यपूर्ण और भावयोगी विषयों में आपकी गहरी रूचि होगी। आपकी प्रकृति रहस्यमय होगी और आप अपनी कार्य योजना को किसी के सामने प्रकट नहीं करेंगे। आप अपने विचारों पर अडिग रहेंगे। आप किसी तरह की खोज सम्बन्धी कार्यों में लगे हो सकते हैं या किसी ऐसे क्षेत्र की तरफ रूख कर सकते हैं जहां निष्कर्ष निकालने के लिए तीव्र दिमाग की जरूरत होती है।

शारीरिक संरचना:

आप मध्यम कद के स्थूल शरीर तथा बड़े चेहरे वाले हो सकते हैं। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा। आपकी रंगत गोरी होगी। आपके नेत्र पीले, बड़े और गहरे हो सकते हैं। आपके कन्धे चौड़े और कमर पतली हो सकती है। आपकी टांगे टेढ़ी या पैरों में कोई दोष हो सकता है। आपके बाल घुंघराले हो सकते हैं। आपके शरीर का उपरी भाग निचले भाग से बड़ा हो सकता है। Anyatra- वृश्चिक लग्न में जन्म होने से आप पुष्ट शरीर वाले तथा अच्छे डीलडौल वाले होंगे। आपकी आंखे बड़ी-बड़ी तथा आगे की ओर निकली हुई तथा मस्तक चैड़ा होगा। हडियां पुष्ट तथा शरीर में बहुत शक्ति होगी। आप में संग्रह की प्रवृति अधिक होगी। आपके हाथ की बनावट में हथेली चपटी तथा अधिक मांसल होगी। आपका शुक्र क्षेत्र बड़ा होगा। हाथ लम्बा कम और चैडा़ अधिक होगा। अंगूठा छोटा, पीछे की ओर नहीं मुढने वाला, दृढ़ता एवं हठ का परिचायक होगा। उंगुलियंा मोटी होंगी, जिन पर रेखायें गहरी तथा लाल रंग की होंगी। आपकी कथनी और करनी में कोई भेद नहीं होगा। आपमें दूसरे के भावों को समझने की विशिष्ट शक्ति मौजूद होगी, आप क्रूर, स्पष्ट भाषी, कठोर परंतु ईमानदार होंगे। इस लग्न के पुरूष के प्रति स्त्रियांे को सहानुभूति पूर्ण होना चाहिये। आप गंभीर प्रकृति वाले, प्रखर बुद्धि, आदर्शवादी, धार्मिक विचारों से सम्पन्न, उत्साही, दृढ़ इच्छा शक्ति वाले परंतु क्रोधी और चंचल स्वभाव के होंगे। आपका व्यक्तित्व विशिष्ट प्रेरक, रहस्यमय तथा वैभवपूर्ण होगा। आप जटिलताओं से बचने के लिये गंभीर बने रहेंगे, परन्तु चोट पहुंचाये जाने पर डंक मारने की षक्ति रखते होंगे। आप स्वयं अपने लिये तथा अन्य वस्तुओं के लिये भी रहस्यमय व्यक्तित्व वाले होंगे। सभी लग्न वालों से आपकी वृष्चिक लग्न सर्वाधिक गूढ़ एवं अन्तर्विरोधात्मक लग्न मानी जाती है। कुछ विद्वान तो इस लग्न को असम्भव कार्य करनेवालों की लग्न मानते हैं। आप अपनी विषेषता के कारण अत्यन्त ऊंचे भी चढ़ सकते हैं, तथा अत्यन्त गहराई में भी बैठ सकते हैैं। अक्रामक होंगे तथा व्यक्तित्व दोहरा होगा, परन्तु मिथुन लग्न की भांति चंचल नहीं होगा। आपको प्रभावित करने के लिये मात्र मौखिक सहानुभूति से काम नहीं चलता। आप क्रियात्मक प्रमाण भी चाहते हैं, आप अपने अपमानकर्ता अथवा वंचक को कभी भूल नहीं पाते। आप सक्रिय तथा अपने अधिकारों एवं योग्यताओं के प्रति जागरूक रहने वाले होंगे। मुकदमे तथा आर्थिक कठिनाइयों में व्यस्त रहेंगे, आपकी मैत्री भावी जीवन के लिये होती है। आपको परिवारिक जीवन गहराई से प्रभावित करता है। आप खर्च से कतराते नहीं हैं, आपके लिये भविष्य बहुत महत्वपूर्ण होता है। भेदों को छिपाने तथा भेदों का उद्धाटन करने में आप समर्थ होंगे। धन को एकत्र करना तथा उसका समुचित प्रयोग करना आप जानते हैं। निरन्तर निर्माण कार्यो में रत रहेंगे, तथा जाने अनजाने अपने भविष्य का निर्माण करते रहेंगे। पराजय आपकी सफलता की सीढ़ी है। पराजय के बाद आपको विजय अवश्य मिलती है। आप सदैव मौलिक बनने का प्रयत्न करते हैं, अधिक संवेदनशील होंगे, परंतु अन्य लोग आपको संवेदनशील की अपेक्षा कठोर और सतर्क व चालाक समझते हैं। यथार्थ में आप संतुलन एवं समरक्षता की खोज में लगे रहते हैं। भीतर से कोमल तथा बाहर से कठोर होंगे। स्वयं को व्यक्त करने की चेष्टा करनी चाहिये। अपनी इच्छाओं को प्रगट करके ही आप सुखी हो सकते हैं। देश-भक्ति आप की मुख्य विशेषता होगी। आप विनाश की घड़ी में सार्वजनिक कल्याण के लिये अपना बलीदान भी कर सकते हैं। अपने परिवार, स्वामी तथा दल के प्रति पूर्ण निष्ठावान् होंगे। किसी बड़े संस्थान में आप को सर्वाधिक विश्वसनीय समझा जा सकता है। आप को प्रारंभ में अत्यधिक पथ-प्रदर्शन की आवश्यकता होगी। ऐसा न होने पर आप निराशा से ग्रस्त होकर अपने व्यक्तित्व का सर्वनाश कर बैठेंगे। धर्म के क्षेत्र में आप उदार नहीं कहे जा सकते, परन्तु अच्छे और बुरे व्यक्तियों का विभाजन करके बुरे लोगों के प्रति उचित दण्ड के पक्षपाती होंगे। स्वयं पर आप कड़ा नियंत्रण रख सकते हैं, तथा अपने जीवन को जैसा चाहें वैसा बना सकते हैं। आप जीवन में बहुत ऊंची उड़ान भरने वाले, तथा अपने लक्ष्य को पाने के लिये अत्यधिक परिश्रम करने वाले होंगे। आपका परिश्रम आपको लक्ष्य तक ले जा सकता है। एक दिन सफलता आपके चरण चूमेगी। आप के नेतृत्व में एक प्रकार का आतंक होगा। जिस कारण आप तानाशाह भी बन सकते हैं। आप हर प्रकार की बाधाओं का सामना करने के लिये प्रस्तुत रहेंगे। आपके ऊपर शांति का आवरण पड़ा रहेगा, परंतु अपने प्रयास में बाधक व्यक्ति की खबर लेते समय आप उस शान्ति के आवरण को उतार फेंकेंगे, और बड़ी निर्दयता से पेश आयेंगे। आप से शत्रुता मोल लेना आसान नहीं होगा, क्योंकि आपको पराजित करना कठिन होगा। आप प्रत्येक कार्य बड़े आत्म-विश्वास के साथ करेंगे। आप तीक्ष्ण वचन बोलने वाले अर्थात स्पष्ट वक्ता होंगे। इसी लिये आपके मित्रों की संख्या अधिक नहीं होगी। परन्तु जब किसी राजनीति अथवा सामाजिक कार्य के क्षेत्र में कदम रखेंगे, उस समय आपके अनुयाइयों की संख्या काफी बढ़ जायेगी। आप अक्सर किसी न किसी कार्य में लगे ही रहेंगे, और किसी से अधिक मतलब नहीं रखेंगे, परन्तु यदि कोई आपको अकारण ही छेड़ेगा तो आप उसे कठिन दण्ड देने पर उतारू हो जायेंगे। आप के पाप छिपे रहेंगे और वे प्रकट नहीं हो सकेंगे, संक्षेप में आप अत्यन्त, निडर, अत्यधिक परिश्रमी, संग्रहकर्ता, शत्रुओं का दमन करने वाले, महत्वाकांक्षी, क्रोधी, असत्यवादी, गुणी, प्रेमी, सुखी, चतुर, सहनशील, हंसमुख, सन्तोषी, एकान्त प्रिय, पापयुक्त विचित्र, कर्म करने वाला, तथा पुरूषार्थी होंगे। जीवन-साथी सुन्दर, रूपवान, शान्त स्वभाव, नम्र, गुणवान, तथा देव-ब्राह्मणों के पूजक होंगे। आपकी संताने रूपवान, स्वस्थ तथा सहगुणी होंगी।

चाहे आप उच्च स्तर पर रहें, अथवा निम्न स्तर पर, चाहे आप ग्राहक हो या प्रदाता ओजपूर्ण हों अथवा शीतल आप अपने प्रभाव को दूसरों पर अवश्य छोड़ने वाले होंगे। सिद्धांतो के लिये संधर्ष करने वाले होंगे। आपको हीन अथवा श्रेष्ठ कहना गलत होगा। आपकी प्रकृति चुनौैती प्रदान एवं अभिलाषा पूर्ण होगी। आपकी रूचियां एवं अरूचियां चरम सीमा की होंगी, आपमें मध्यमार्ग को नहीं ढूंढ़ा जा सकता। आप को परम्पराओं के प्रति कोई प्रेम नहीं होगा। आप नव निर्माण के लिये पुरातन को धराशायी करने में नहीं हिचकेंगेे। आपका यही व्यवहार सामान्य व्यक्तियों के साथ भी रहेगा। आप चाहते हैं कि लोग आपको समझें और जानें, परन्तु सदैव योग्य व्यक्तियों की प्राप्ति का अभाव आपको इस सम्बंध मेें रियायत बरतने को बाध्य कर सकता है। आप अपने मानदण्ड से अपनी विज्ञप्ति चाहते हैं, यह स्थिति प्रौढ़ता को आवश्यक कर देगी। यदि दूसरा पक्ष भी प्रौढ़ होगा तो आपको समझने में समर्थ हो सकता है। प्रौढ़ता एवं बुद्धिमता के अभाव में आप अपने लिये स्वयं ही समस्यायें उत्पन्न कर सकते हैं। अपनी शर्तो तथा बुद्धिमता को सर्वश्रेष्ठ मानने के कारण आप शीध्र ही असंतुष्ट और दुःखी हो जायेंगे। आप शक्ति के प्रशंसक होंगे और भयंकर प्रतियोगी होंगे। दूसरे के कष्ट तथा कठिनाइयों के प्रति भी आपमें सहानुभूति होगी।

चरित्र और स्वभाव- आपकी प्रकृति उठने तथा गिरने वाली होगी। आप क्रोधयुक्त ईष्र्या की मनुष्योचित दुर्बलता से युक्त होंगे तथा संधर्ष के लिये सदैव प्रस्तुत रहेंगे। आपको सरलता से नहीं हराया जा सकता। आप अच्छे संधर्ष का आनंद लेने वाले होंगे, तथा भावुकता के रक्तचाप से पीड़ित रहेंगे। आप अपने शत्रुओं तक की सहायता के लिये प्रस्तुत रहेंगे, क्योंकि आप उदारता की भावना से प्रेम करते हैं। एक बार विजयी हो जाने पर आपका दूसरा उदार पक्ष प्रकट हो जाया करेगा, और आप दूसरों की सहायता करने के लिये सदैव प्रस्तुत रहेंगे। आप अपने व्यक्तित्व के बल पर हीे अपने शत्रु अथवा प्रतिद्वंद्वी को दबा लेंगे। आप का विशेष अम्भुदय जीवन से उतरार्द्ध में होगा। आप निपुण, घैर्यवान्, अपने विचारों के पक्के तथा दूसरों की राय न मानने वाले होंगे। आप अकारण ही संधर्ष में पड़े रहते हैं। आपके शत्रु भी बहुत होंगे, परंतु वे शत्रु आपको विशेष हानि पहुंचा पाने में असमर्थ ही रहेंगे। आप में भलाई अथवा बुराई का बदला भलाई अथवा बुराई से लेने की पर्याप्त क्षमता होगी। आप अच्छे संगठनकर्ता प्र्रभावशाली नेता, तथा पराक्रमी योद्धा होंगे। राजनीति के क्षेत्र में आपको अत्यधिक सफलता प्राप्त होगी। आप अपने निश्चय को पूरा करने के लिये बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को भी तैयार रहते हैं। आप में विलक्षण व्यक्तित्व शक्ति पाई जाती है, और अपनी वाणी के प्रभाव से आप लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो सकते हैं। आपकी संतानेें भी अधिक होंगी। शारीरिक लडा़ई-झगडा़े को शांति पूर्वक निपटाने में आपको विशेष सफलता मिल सकती है। 40 वर्ष की आयु में आपका भाग्योदय होगा। उस समय आप किसी भी उच्च पद को भी प्राप्त कर सकते हैं। आपके शत्रुओं तथा मित्रों की संख्या बराबर होगी। आपको प्रायः अपने शत्रुओं की दुष्टता का शिकार बनना पढ सकता है। कभी-कभी भावुकता के वशीभूत होकर आप अपने मित्र के लिये सबकुछ करने के लिये तैयार बने रहेंगे। कभी-कभी यह गुण आपके लिये हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। आप को उच्च पदस्थ व्यक्तियों की विषेष कृपा प्राप्त होती रहेगी। समुद्री तथा हवाई यात्रायें होंगी। आपको किसी एक मित्र अथवा संरक्षक के कारण सफलता प्राप्त होगी, तथा प्रेम सम्बन्धों में विध्न पड़ता रहेगा। 30 वर्ष की आयु में आपका साथी अथवा मित्र अथवा प्रेमी की गम्भीर अवस्था हो सकती है। आप अपने साथी पर शासन करने के आदि होंगे। आपको अपने कामुक स्वभाव पर नियंत्रण रखना चाहिये। आप अपनी उपेक्षा सहन नहीं कर सकते इससे आप में विद्रोह की भावना उभरेगी। इस प्रकार आपमें परस्पर विरोधी गुणों का अद्भुत मेल होगा। आप भय के कामों में भी हाथ डालने से नहीं झिझकेंगे, आप एक बार किसी से क्रुद्ध हो गये तो उसे क्षमा करना नहीं जानते। आप उपर से भले हीे शान्त दिखाई दें, परंतु आपके मन में बदला लेने की भावना सदा घर किये रहेगी, और अवसर मिलते ही आप अपने शत्रु अथवा प्रतिद्वंद्वी पर निर्दयता पूर्वक चोट करेंगे, अथवा उसे अन्य प्रकार से हानि पहुंचाने का प्रयत्न करेंगे। आप में सभी मानवीय दुर्बलतायें एवं विशेषतायें हैं।


आप की बाल्यावस्था- बाल्यावस्था में आप अशातीत व्यवहार कर सकेंगे। यह सब आप में सन्निहित रहस्यात्मक प्रेरणाओं का फल होगा। आपको केवल दण्ड से नहीं सुधारा जा सकता। बाल्यावस्था में आप को अपनी इच्छा शक्ति पर नियंत्रण रखने की आवष्यकता होगी, अन्यथा आगे चलकर आप अत्यन्त क्रोधी स्वभाव के बन सकते हैं। 7 से 14 वर्ष की आयु तक आपके स्वास्थ तथा स्वभाव के संबंध में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता भी है। इस अवधि में आपके जीवन के लिये खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। बाल्यावस्था में कुछ बाधाओं तथा कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, परन्तु बाद में आप अत्यन्त सफल होंगे।

आप की युवावस्था- युवावस्था में आप कुछ गंभीर प्रकृति के होंगे। आप अपने प्लान को अनायास ही प्रगट नहीं करते। किसी विषय का ज्ञान न होने पर भी आप उसके ज्ञाता होने का भाव प्रकट करते हैं। आप को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिये अन्यथा आप अपने मित्रों के लिये एक पहेली बन सकते हैं। आप प्रत्येक वस्तु को बहुत शीध्र, अत्यन्त शीध्र पाना चाहते हैं। आपकी रूचि एवं गुण ग्राहकता उच्चकोटी की होगी। आपको खरे सौदे पसन्द होंगे। आप की अपने निकट सम्बन्धी भाई-बहन आदि से अच्छी नहीं पटेगी, आप संधर्ष में विजय के प्रति अश्वस्त होने पर झुक भी सकते हैं। यह स्थिति आपके प्रियजनों को हतोत्साहित करने वाली तथा असम्मानजनक अनुभव होगी। आप को शांति से नहीं अपितु अभिव्यक्ति से प्रेम होगा। मीन लग्न वाले आपको आकर्षित करेंगे, और कन्या लग्न वाले आपको निकटस्थ मित्र बनायेंगे। आपके आदर्श उच्च कोटि के होंगे। आप सामान्यतः सशक्त तथा मार्ग निर्माता समझे जाते हैं, परंतु मेष लग्न जैसे नहीं होंगे। आप क्रियाशील तथा आदर्शवादी व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे, विशेष कर विपरित लिंग को। आप लोगों की इच्छाओं को समझते हैं। आपका व्यक्तित्व चुनौती देने वाला होगा। आपके अन्दर अपार क्रियाशक्ति भरी होगी। यदि आपको उचित अवसर मिले तो आप अपने जीवन को सुखी और सम्पन्न बना सकते हैं। आप को निरन्तर संधर्ष करना पड़ेगा व आप भक्त प्रकृति के होंगे। आपमें कलात्मक तथा सक्रिय होने की तीव्र इच्छा रहेगी। ऐसा न कर पाने पर भावनात्मक विस्फोट की संभावना रहेगी। आप मस्तिष्क के स्थान पर दिल से अधिक काम लेते हैं, अतः जीवन में निराशा का भाग अधिक होगा। आप पर भाग्यशाली तथा फैशनेबल लोगों का प्रभाव अधिक पड़ेगा। अपना उचित मूल्यांकन कराने के लिये आप चिन्तित हो उठते हैं। आपकी बुद्धिमत्ता आपको आयु से आगे ले जाती है। आपकी महत्वाकांक्षायें आपको धरातल से सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती हैं। आपके विचार प्रायः गंभीर होंगे, व भावी लाभ को दृष्टि में रखते हुये कार्य करेंगे।

आजीविका- आप आजीविका के किस क्षेत्र में अधिक सफलता प्राप्त करेेगे इसका ठीक-ठीक अनुमान तो जन्म पत्रीका में ग्रहों की स्थिति को देखकर ही किया जा सकता है, परन्तु सामान्यतः आप धन के सम्बंध में अधिक निश्चिन्तता से कार्य करेंगे। धन के उपासकों से आपकी नही पटती, क्योकि आपको खुले दिल से खर्च करने वाला मित्र चाहिये। यही आपकी सफलता का मार्ग है, आपके लिये सफलता का अर्थ जनाकर्षण होगा। आपको जो उचित लगे वही करना चाहिये। लोकप्रियता से आपको प्रतिष्ठा अधिक प्रिय होगी। आप कवि अथवा चित्रकार हों तो आपकी प्रतिष्ठा बहुत दूर तक फैल सकती है। नाटक, टेलिविजन, चलचित्र, फिल्म आदि से सम्बद्ध हो सकते हैं। अपनी शक्ति को जानने के पश्चात आप प्रत्येक कार्य में उसका सदुपयोग कर सकते हैं। इस राशि वाले लोग अच्छे सैनिक, पदाधिकारी, शल्य चिकित्सक, दन्तविशेषज्ञ, गुप्तचर, आर्थिक परामर्शदाता, सम्पादक निर्देशक तथा कलाकार निरीक्षक हो सकते हैं। इनके अतिरिक्त आप विमान वैज्ञानिक, बीमा एजेंन्ट, एक्स-रे विशेषज्ञ आदि भी हो सकते हैं। आप को 28 से 35 वर्ष के आयु के बीच धन तथा यश की प्राप्ति होगी। आप राजनीतिज्ञ, आलोचक, इंजीनियर, चिकित्सक, सम्पादक अथवा लेखक के रूप में विशेष प्रसिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। आप श्रेष्ट संगठन कर्ता, प्रभावशाली नेता तथा पराक्रमी योद्धा होंगे। राजनीति के क्षेत्र में आपको अत्यधिक सफलता प्राप्त हो सकती है। आपका प्रारंभिक जीवन संधर्ष में तथा जीवन का उत्रार्द्ध वैभव, विलास, सुख एवं सफलता में व्यतीत होगा। यदि आप अपनी कामुक-प्रवृति पर विजय पा सके तो आप अत्यधिक यश, उन्नति तथा दीर्धायु प्राप्त कर सकते हैं। अपने जीवन के उत्रार्द्ध में आपकी विशेष उन्नति होगी। आपके लिये मंगलवार तथा बुधवार का दिन शुभ रहेगा। तथा लाल, पीला, हरा, भूरा, नीला रंग अच्छे माने जायेंगे। आपको गुप्त अथवा रहस्यपूर्ण विषयों तथा जादू, ज्योतिष, अंकविज्ञान, सामुद्रिक विद्या आदि में विशेष रूचि होगी। गुप्त विषयों में संलग्न रहकर भी आप सच्चाई के लिये संधर्ष करते रहेंगे, तथा असहाय व्यक्तियों को कानूनी अथवा आर्थिक सहायता देने के लिये सदैव तत्पर रहेंगे। आपके लिये समारम्भ करना, नीति निर्धारण करना एवं आर्थिक नियंत्रण करना विशेष रूचिकर होंगे। कुण्डली में मंगल और चन्द्रमा प्रबल होने से ही आपको गणित एवं ज्योतिष जैसे विषयों सें प्रेम हो सकता है। आपको अच्छे प्रबन्धकार्य, श्रेष्ट भाषण तथा अनेक प्रकार के विचित्र कार्यो द्वारा धन का लाभ होता रहेगा, तथा देवता, ब्राह्मण, धर्म, तीर्थ, दान-पुण्य अथवा वीरतापूर्ण कार्यो में आपका धन खर्च होगा। आप बलवान, मुंहफट तथा क्रियात्मक प्रेरणा से सम्पन्न होंगे। सदा दृढ़ हृदय तथा औरों के लिये गुप्त एवं कठिन विषयों के जानकार होंगे। खोज रहस्य एवं वस्तुओं के यथार्थ स्वरूप के अन्तिम ज्ञान से सम्बन्धित चिन्ह आप में हैं।

जीवन साथी या प्रेम सम्बन्ध- आप का प्रेम सम्बन्ध भी एक अनोखे प्रकार का होगा। आप का पंचम स्थान मीन से सम्बन्धित एवं नेपच्यून से शासित है, अतः आप कभी-कभी भ्रमों के शिकार भी हो सकते रहते हैं। अपने तथा दूसरों के बीच भिन्न-भिन्न स्तरों को स्वीकार करने की चेष्टा करते हैं। दूसरों पर विश्वास न कर पाने के कारण आप स्थितियों से निपटने का श्रेय केवल स्वयं को ही देना चाहते हैं। इसके फलस्वरूप ईष्र्या तथा संदेह का वातावरण बनता है। दैहिक सम्बंध के मामले में आप षेर से भी अधिक शक्तिशाली होंगे, अतः उस परिस्थिति का आभास आपके साथी को हो जाया करेंगा। आप अपनी इच्छा को दूसरों पर लादने वाले व दैहिक सुख को एक हथियार के रूप में प्रयोग करने वाले होंगे, यद्यपि कभी-कभी आप स्वयं भी उसी का शिकार हो सकते हैं। अपने स्वत्व की रक्षा के लिये आप भयंकरतम संधर्ष करेंगे, परंतु विजयी हो जाने पर सब कुछ दे भी सकते हैं। आपको विपरित लिंग के प्रति आकर्षण होगा परंतु इस सम्बंध में आपकी लम्बी योजनायें सामान्य ढ़ाचे में फिट नहीं हो सकती। आपके लक्ष्यों को समय से पूर्व का कहा जा सकता है। आप के लिये प्रेम सौन्दर्य तथा शारीरिक पहलुओं से सम्बंध रखने वाली वस्तु है। आप प्रेमी तथा भावुक प्रकृति के होंगे, परंतु आयु के साथ-साथ आपके प्रेम भाव में प्रौढ़ता भी आती चली जायेगी। आप प्रेम के भूखेे होंगे, प्रेम ही आपकी शक्ति होगी। आप प्रेम के बदले प्रेम चाहते हैं। कुछ लोग आपको कामुक कह सकते हैं, परंतु काम का सम्बन्ध भी प्रेम से जोड़ते हैं। आप विवाह को आत्म प्रकाशन का माध्यम मानते हैं। आपको अपने साथी पर शासन करने का प्रयत्न नहीं करना चाहिये। आप की दृष्टि में ‘काम’ (दैहिक सम्बंध) अपने प्रिय व्यक्ति के साथ एकांत का विषय है। उसके लिये काम शक्ति तथा भौतिक सुख सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा अधिक महत्वपूर्ण है। आप का दृष्टिकोण काम प्रधान होता है, और आप इस को सक्रियता का साधन भी मानते हैं। आप व्यक्तिगत आकर्षण की शक्ति का उपयोग करना भी जानते हैं, विपरीत लिंग को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं, तथा इस क्षमता का सदुपयोग तथा दुरूपयोग दोनों ही कर सकते हैं। पारस्परिक सराहना एवं प्रेम से आपका व्यक्तिगत जीवन सुखी हो सकता है। आप को चाहिये कि आप अपने आपको रहस्य एवं चमक-दमक से मुक्त कर दें। प्रेम के मामले में पूर्ण आत्म-विश्वास के साथ आगे बढ़ें, क्योकि आप एक हीे समय में प्रेम तथा धृणा दोनों कर सकते हैं। कभी-कभी शक्ति सम्पन्न होने पर भी आप आत्म-विश्वास रहित होते हैं। आपको अपनी शक्ति संकलन तथा भौतिक-सम्पति की ओर आकर्षित नहींे होना चाहिये। ‘चलने भी दो’ की भावना आपके सुख के लिये आवश्यक है। आप की महत्वाकांक्षायें आपको सदैव प्रकाश एवं प्रमुखता में आने के लिये उत्तेजित किया करेंगी। यह भावना आपको साथी की प्रसन्नता से भी विमुख कर दिया करेगी। आपको अपने प्रेमी के कल्याण की अधिक चिंता रहेगी आप अपने साथी को अत्युच्च स्थिति में देखना चाहते हैं। आप में उत्सुकता अधिक होगी, आप दैहिक सुख तथा प्रेम को सर्वथा प्रथक मानकर चलते हैं। आप प्रेम को मात्र शारीरिक क्रिया ही नहीं अपितु बौद्धिक समरसता मानते हैं। आप रहस्यमय व्यक्तित्व की ओर आकर्षित होंगे, तथा अपने साथी से पूर्ण विश्वास की अपेक्षा रखेंगे। आप काम से प्रेरित तो होंगे, परन्तु संकुचित विचारधारा आपको बहुत हानि पहुंचा सकती है। आप की लग्न के कुछ लोग काम सुख के क्षेत्र में अल्प पीड़ित तथा कुंठाग्रस्त पाये जाते हैं। सामान्यतः आपके लिये ‘प्रेम’ एक पवित्र भाव होगा। सौरमास कार्तिक, आषाढ़, फाल्गुन तथा वैशाख में उत्पन्न व्यक्तियों से आपकी मित्रता एवं प्रेम सम्बंध स्थायी होंगे।

रोग भय व संकट- 48 से 56 वर्ष की आयु के बीच स्वास्थ्य के सम्बंध में विशेष सतर्क रहने की आवष्यकता होगी। आपके भाईयों की संख्या कम होगी। यदि आप का जन्म मध्य रात्रि के उपरान्त तथा माध्याहन से पूर्व हुआ हो तो आप के ग्रह आप पिता के पद तथा भाग्य को हानि पहुंचा सकते हैं। उस स्थिति में अनिष्ट ग्रहों के उपाय करने होंगे। यदि आप किसी से धृणा कर बेठे तो आप उसके कट्र शत्रु बन जाते हैं। मध्यावस्था में एक बार आपको किसी बड़ी बीमारी का मुकाबला करना पड़ सकता है। उससे मुक्त होने के बाद में आप लम्बी आयु प्राप्त करेंगे। आप कफ-पित प्रधान होंगे। गुदारोग, प्रमाद, प्लीहा अथवा छोटे भाई का साथ कष्टकर होगा।

वृश्चिक लग्न की स्त्रियाँ- आप कुछ रहस्यमय स्वभाव की तथा परिस्थिति के अनुसार बदलने वाली होंगी। आप से सम्बद्ध पुरूष अपने आप को जीवन्त सा अनुभव करेगा, परन्तु जब तक कोई पुरूष सबल होगा, अपनी राय में परिवर्तन करने के लिये प्रस्तुत तथा विपरित लिंग के प्रति उचित आदर भाव से मुक्त न हो, तब तक उसे किसी वृश्चिक लग्न वाली स्त्री से सम्बन्ध स्थापित नहीं करना चाहिये। आप शीध्र ही नाराज तथा शीध्र ही प्रसन्न होने वाली होंगी। आप पूर्ण रूप से स्वामी भक्त भी होंगी, भोग भी अधिक करने वाली और प्रतिधन भी अच्छी तरह देने वाली होंगी। पुरूष को आपके साथ कुछ सीमा तक आंखें बन्द करके निर्वाह करना होगा। धबराने वाले अथवा अत्यधिक सम्वेदनशील पुरूष के साथ की पटरी नहीं बैठ सकती। आप में अति संवेदना का बाहुल्य होगा। आप का प्रेम वास्तविक होगा, परंतु दैहिक सुख आपके लिये प्रेम से भिन्न वस्तु होगी। यही कारण है कि वृश्चिक लग्न की बहुत सी कुमारियों को गर्भ निरोधक गोलियों का अधिक प्रयोग करना पढता हैं। इस लग्न की स्त्रियां शल्य क्रिया के लिये भी सर्वाधिक व्यग्र देखी जा सकती हैं। इस लग्न में एक विषेषता और होती है कि यह स्त्रियां हद दर्जे की विलासिनी एवं कामुक होती है। इनका जीवन दो प्रकार का होता है- (1) सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन का संयमी और त्याग पूर्ण तथा (2) ऐययाषी एवं विलासिता से परिपूर्ण। ये अपने जीवन के दोनों रूपों को एक दूसरे से पृथक बनाये रखने में पर्याप्त कुशल होती हैं। अतः उनकी इन्द्रिय लोलुप्तता के सम्बन्ध में बाहरी लोगों को कुछ भी पता नहीं लग पाता। इस लग्न में उत्पन्न जातिका का विवाह तो होता है, परन्तु उन्हें जीवन-साथी का सुख प्रायः अधिक नहीं मिलता। यदि उससे पहले मुत्यु न हो जाये तो आपसी विचारों में सामंजस्य स्थापित नहीं हो पाता। कभी-कभी दूसरा सम्बंध भी हो सकता है। वृश्चिक राशि की स्त्रियां भावुक तथा अनुरागिनी होती है। आप भविष्य के निर्माण के लिये भूतकाल का बलिदान कर सकती हैं। झूठ को पकड़ने वाली होंगी। आपको अभिभावकत्व पसन्द नहीं होगा। आप शारीरिक रूप से आकर्षक तथा पुरूष के जीवन को उल्लासमय बनाये रखने की सामथ्र्य रखती हैं।