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प्रवेशद्वार:खगोलशास्त्र

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खगोलशास्त्र प्रवेशद्वार

खगोल शास्त्र, एक ऐसा शास्त्र है जिसके अंतर्गत पृथ्वी और उसके वायुमण्डल के बाहर होने वाली घटनाओं का अवलोकन, विश्लेषण तथा उसकी व्याख्या की जाती है। यह वह अनुशासन है जो आकाश में अवलोकित की जा सकने वाली तथा उनका समावेश करने वाली क्रियाओं के आरंभ, बदलाव और भौतिक तथा रासायनिक गुणों का अध्ययन करता है। बीसवीं शताब्दी के दौरान, व्यावसायिक खगोल शास्त्र को अवलोकिक खगोल शास्त्र तथा काल्पनिक खगोल तथा भौतिक शास्त्र में बाँटने की कोशिश की गई है। बहुत कम ऐसे खगोल शास्त्री है जो दोनो करते है क्योंकि दोनो क्षेत्रों में अलग अलग प्रवीणताओं की आवश्यकता होती है, पर ज़्यादातर व्यावसायिक खगोलशास्त्री अपने आप को दोनो में से एक पक्ष में पाते है। विस्तार से पढ़ें…

चयनित लेख
एक एक्सपीएस स्पेक्ट्रोमीटर

वर्णक्रममापी (स्पेक्ट्रोमीटर, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, स्पेक्ट्रोग्राफ या स्पेक्ट्रोस्कोप) विद्युत चुम्बकीय वर्णक्रम के एक विशिष्ट भाग के लिए प्रकाश की विशेषतायों के मापन हेतु उपयोग किया जाना वाला यंत्र है जो आम तौर पर सामग्री की पहचान के लिए स्पेक्ट्रोस्कोपी विश्लेषण में इस्तेमाल किया जाता है। मापित चर अक्सर प्रकाश की तीव्रता होता है, लेकिन उदाहरण के लिए यह ध्रुवीकरण स्थिति भी हो सकती है। स्वतंत्र चर आमतौर पर या तो प्रकाश की तरंग दैर्घ्य या फोटोन उर्जा के लिए सीधे आनुपातिक एक इकाई होता है जैसे वेवनंबर या इलेक्ट्रॉन वोल्ट जिसका तरंग दैर्घ्य के साथ व्युत्क्रम संबंध होता है। स्पेक्ट्रोमीटर स्पेक्ट्रोस्कोपी में वर्णक्रमीय पंक्तियों के उत्पादन तथा तरंगदैर्य और तीव्रता के मापन हेतु प्रयोग किया जाता है। स्पेक्ट्रोमीटर एक शब्दावली है जो गामा रेज़ और एक्स रेज़ से लेकर फार इन्फ्रारेड की व्यापक रेंज के तरंग दैर्घ्य पर संचालित होने वाले उपकरणों पर लागू की जाती है। अगर रूचि का क्षेत्र विजिबिल स्पेक्ट्रम के पास प्रतिबंधित है, तो अध्ययन को स्पेक्ट्रोफोटोमेट्री कहा जाता है।

सामान्यत: कोई भी विशेष उपकरण इस पूर्ण रेंज के एक छोटे से हिस्से पर संचालित हो सकता है ऐसा स्पेक्ट्रम के विभिन्न भागों को मापने के लिए इस्तेमाल की जानी वाली तकनीक की वजह से होता है। ऑप्टिकल आवृत्तियों के नीचे (जैसे माइक्रोवेव और रेडियो आवृत्तियों में), स्पेक्ट्रम विश्लेषक एक निकटीय संबंधित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। अधिक पढ़ें…


चयनित जीवनी

ऍडविन पावल हबल (अंग्रेज़ी: Edwin Powell Hubble, जन्म: २० नवम्बर १८८९, देहांत: २८ सितम्बर १९५३) एक अमेरिकी खगोलशास्त्री थे जिन्होनें हमारी गैलेक्सी (आकाशगंगा या मिल्की वे) के अलावा अन्य गैलेक्सियाँ खोज कर हमेशा के लिए मानवजाती की ब्रह्माण्ड के बारे में अवधारणा बदल डाली। उन्होंने यह भी खोज निकाला के कोई गैलेक्सी पृथ्वी से जितनी दूर होती है उस से आने वाले प्रकाश का डॉप्लर प्रभाव उतना ही अधिक होता है, यानि उसमे लालिमा अधिक प्रतीत होती है। इस सच्चाई का नाम "हबल सिद्धांत" रखा गया और इसका सीधा अर्थ यह निकला के हमारा ब्रह्माण्ड निरंतर बढ़ती हुई गति से फैल रहा है। अधिक पढ़ें…


क्या आप जानते हैं?
नोवा का निर्माण
नोवा का निर्माण


चयनित चित्र
Schwarzschild black hole


एक कृष्ण विवर, किसी आकाशगंगा के सामने से गुज़रते हुए (एनीमेशन)। कृष्ण विवर के चारों ओर एक प्रकार का गुरुत्वीय लैंस होता है जिसके कारण यदि कोई तारा मण्डल उसके पीछे से गुज़रता है तो उसकी छवि विकृत हो जाती है।
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