खगोलीय वस्तु

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अवलोकनीय ब्रह्मांड का लघुगणक प्रतिनिधित्व। उल्लेखनीय खगोलीय पिंडों की व्याख्या की जाती है। पृथ्वी से वस्तुओं की दूरी केंद्र से किनारे तक एक घातीय दर पर बढ़ जाती है। वस्तुओं को उनके आकार की सराहना करने के लिए बढ़े हुए थे।

खगोलीय वस्तु ऐसी वस्तु को कहा जाता है जो ब्रह्माण्ड में प्राकृतिक रूप से पायी जाती है, यानि जिसकी रचना मनुष्यों ने नहीं की होती है। इसमें तारे, ग्रह, प्राकृतिक उपग्रह, गैलेक्सी, उल्का पिंड, ब्लैक होल, पल्सर, आदि।

अन्य भाषाओं में[संपादित करें]

खगोलीय वस्तु को अंग्रेज़ी में "सॅलॅस्टियल बॉडी" (celestial body) और उर्दू-फ़ारसी में "अजराम फ़लकी" (اجرام فلکی‎) या "अजराम आसमानी" कहा जाता है।

ये एसी वस्तुए हें जो प्रथवि के वातावरण से पूर्णतया बाहर हे | जेसे की चंद्रमा , सूर्य ,तथा दूसरे ग्रह ।ये सभी तो बहुत ही छोटे खगोइलिय पिंड हें । इनके अलावा कई तो एसे हें जो बहुत बड़े भी हें । कुछ ग्रहों के बीच-बीच मे रिंग नुमा सरंचना मे पिंड फेले रहते हे। जेसे की कुपलेर रिंग मे कई सारे अस्ट्रोइड्स ( पिंड ) बहुत अधिक मात्र मे फेले हुए हें ।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]