लालू प्रसाद यादव

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(लालू यादव से अनुप्रेषित)
Jump to navigation Jump to search
लालू प्रसाद यादव
Lalu Prasad Yadav.jpg
लालू प्रसाद यादव एक राजनितिक सभा में

पद बहाल
24 मई 2004 – 22 मई 2009
पूर्वा धिकारी नीतीश कुमार
उत्तरा धिकारी ममता बनर्जी
चुनाव-क्षेत्र सारण

पद बहाल
16 मई 2009 – 22 अक्टूबर 2013
उत्तरा धिकारी राष्ट्रपति शासन
पद बहाल
4 अप्रैल 1995 – 25 जुलाई 1997
पूर्वा धिकारी राष्ट्रपति शासन
उत्तरा धिकारी राबड़ी देवी

पद बहाल
24 मई 2004 – 22 मई 2009
पूर्वा धिकारी राजीव प्रताप रूड़ी
उत्तरा धिकारी निर्वाचन क्षेत्र परिसीमित
पद बहाल
23 मार्च 1977 – 22 अगस्त 1979
पूर्वा धिकारी रामशेखर प्रसाद सिंह
उत्तरा धिकारी सत्य देव सिंह
पद बहाल
2 दिसम्बर 1989 – 13 मार्च 1991
पूर्वा धिकारी रामबहादुर सिंह
उत्तरा धिकारी लाल बाबू राय

जन्म 11 जून 1948 (1948-06-11) (आयु 70)
गोपालगंज, बिहार
राजनीतिक दल राष्ट्रीय जनता दल
जीवन संगी राबड़ी देवी
शैक्षिक सम्बद्धता पटना विश्वविद्यालय
धर्म हिन्दू
जालस्थल rashtriyajanatadal.com

लालू प्रसाद यादव (जन्म: 11 जून 1948) भारत के बिहार राज्य के राजनेता व राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष हैं। वे 1990 से 1997 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बाद में उन्हें 2004 से 2009 तक केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में रेल मन्त्री का कार्यभार सौंपा गया। जबकि वे 15वीं लोक सभा में सारण (बिहार) से सांसद थे उन्हें बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में रांची स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने पांच साल कारावास की सजा सुनाई थी। इस सजा के लिए उन्हें बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारागार रांची में रखा गया था।[1] केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो के विशेष न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा जबकि उन पर कथित चारा घोटाले में भ्रष्टाचार का गम्भीर आरोप सिद्ध हो चुका था।[2] 3 अक्टूबर 2013 को न्यायालय ने उन्हें पाँच साल की कैद और पच्चीस लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी।[3] दो महीने तक जेल में रहने के बाद 13 दिसम्बर को लालू प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिली।[4] [5]

यादव और जनता दल यूनाइटेड नेता जगदीश शर्मा को घोटाला मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद लोक सभा से अयोग्य ठहराया गया।[6] इसके बाद राँची जेल में सजा भुगत रहे लालू प्रसाद यादव की लोक सभा की सदस्यता समाप्त कर दी गयी। चुनाव के नये नियमों के अनुसार लालू प्रसाद अब 11 साल तक लोक सभा चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। लोक सभा के महासचिव ने यादव को सदन की सदस्यता के अयोग्य ठहराये जाने की अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के बाद संसद की सदस्यता गँवाने वाले लालू प्रसाद यादव भारतीय इतिहास में लोक सभा के पहले सांसद हो गये हैं।[7]


जीवन एवं राजनीतिक सफर[संपादित करें]

बिहार के गोपालगंज में एक यादव परिवार में जन्मे यादव ने राजनीति की शुरूआत जयप्रकाश नारायण के जेपी आन्दोलन से की जब वे एक छात्र नेता थे और उस समय के[8] राजनेता सत्येन्द्र नारायण सिन्हा के काफी करीबी रहे थे। 1977 में आपातकाल के पश्चात् हुए[9] लोक सभा चुनाव में लालू यादव जीते और पहली बार 29 साल की उम्र में लोकसभा पहुँचे। 1980 से 1989 तक वे दो बार विधानसभा के सदस्य रहे और विपक्ष के नेता पद पर भी रहे।

छात्र राजनीति और प्रारंभिक कैरियर[संपादित करें]

प्रसाद ने 1970 में पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (पुसू) के महासचिव के रूप में छात्र राजनीति में प्रवेश किया और 1973 में अपने अध्यक्ष बने। 1974 में, उन्होंने बिहार आंदोलन, जयप्रकाश नारायण (जेपी) की अगुवाई वाली छात्र आंदोलन में बढ़ोतरी, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ शामिल हो गए। पुसू ने बिहार छात्र संघर्ष समिति का गठन किया था, जिसने लालू प्रसाद को राष्ट्रपति के रूप में आंदोलन दिया था। आंदोलन के दौरान प्रसाद जनवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता के करीब आए और 1977 में लोकसभा चुनाव में छपरा से जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित हुए, बिहार राज्य के तत्कालीन राष्ट्रपति जनता पार्टी और बिहार के नेता सत्येंद्र नारायण सिन्हा ने उनके लिए प्रचार किया।। जनता पार्टी ने भारत गणराज्य के इतिहास में पहली गैर-कांग्रेस सरकार बनाई और 29 साल की उम्र में, वह उस समय भारतीय संसद के सबसे युवा सदस्यों में से एक बन गए।[10][11]

निरंतर लड़ने और वैचारिक मतभेदों के कारण जनता पार्टी सरकार गिर गई और 1980 में संसद को फिर से चुनाव में भंग कर दिया गया। वह जय प्रकाश नारायण की विचारधारा और प्रथाओं और भारत में समाजवादी आंदोलन के एक पिता, राज से प्रेरित था। नारायण। उन्होंने मोरारजी देसाई के साथ अलग-अलग तरीके से हिस्सा लिया और जनता पार्टी-एस के नेतृत्व में लोकभाऊ राज नारायण के नेतृत्व में शामिल हुए जो जनता पार्टी-एस के अध्यक्ष थे और बाद में अध्यक्ष बने। प्रसाद 1980 में फिर से हार गए। हालांकि उन्होंने सफलतापूर्वक 1980 में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा और बिहार विधान सभा के सदस्य बने। इस अवधि के दौरान यादव ने पदानुक्रम में वृद्धि की और उन्हें दूसरे दल के नेताओं में से एक माना जाता था। 1985 में वह बिहार विधानसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए थे। पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की मृत्यु के बाद, प्रसाद 1989 में विपक्षी बिहार विधानसभा के नेता बन गए। उसी वर्ष, वह वी.पी. सिंह सरकार के तहत लोक सभा के लिए भी चुने गए थे।

1990 तक, प्रसाद ने राज्य की 11.7% आबादी के साथ यादव के सबसे बड़े जातियों का प्रतिनिधित्व किया, जो खुद को निम्न जाति के नेता के रूप में स्थापित करता है। दूसरी तरफ बिहार में मुसलमान परंपरागत रूप से कांग्रेस (आई) वोट बैंक के रूप में कार्यरत थे, लेकिन 1989 के भागलपुर हिंसा के बाद उन्होंने प्रसाद के प्रति अपनी वफादारी बदल दी। 10 वर्षों की अवधि में, वह बिहार राज्य की राजनीति में एक ताकतवर बल बन गया, जो कि मुस्लिम और यादव मतदाताओं में उनकी लोकप्रियता के लिए जाना जाता है।

बिहार के मुख्यमंत्री[संपादित करें]

1990 में वे बिहार के मुख्यमंत्री बने एवं 1995 में भी भारी बहुमत से विजयी रहे। 23 सितंबर 1990 को, प्रसाद ने राम रथ यात्रा के दौरान समस्तीपुर में लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार किया,[12] और खुद को एक धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में प्रस्तुत किया। 1990 के दशक में आर्थिक मोर्चे पर विश्व बैंक ने अपने कार्य के लिए अपनी पार्टी की सराहना की। 1993 में, प्रसाद ने एक अंग्रेजी भाषा की नीति अपनायी और स्कूल के पाठ्यक्रम में एक भाषा के रूप में अंग्रेजी के पुन: परिचय के लिए प्रेरित किया, इसके विपरीत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, एक और यादव और जाति आधारित राजनीतिज्ञ। अंग्रेजों को विरोध करने की नीति एक विरोधी कुलीन नीति माना गया क्योंकि दोनों यादव नेताओं ने इसी सामाजिक घटकों का प्रतिनिधित्व किया, पिछड़ा जातियां, दलितों और अल्पसंख्यक समुदायों।

लालू यादव के जनाधार में एमवाई (MY) यानी मुस्लिम और यादव फैक्टर का बड़ा योगदान है और उन्होंने इससे कभी इन्कार भी नहीं किया है।[13]

राष्ट्रीय जनता दल[संपादित करें]

लालू प्रसाद यादव मुख्यतः राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर लेखों के अलावा विभिन्न आन्दोलनकारियों की जीवनियाँ पढ़ने का शौक रखते हैं। वे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। लालू यादव ने एक फिल्म में भी काम किया जिसका नाम उनके नाम पर ही है।

जुलाई, 1997 में लालू यादव ने जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल के नाम से नयी पार्टी बना ली। गिरफ्तारी तय हो जाने के बाद लालू ने मुख्यमन्त्री पद से इस्तीफा दे दिया और अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमन्त्री बनाने का फैसला किया। जब राबड़ी के विश्वास मत हासिल करने में समस्या आयी तो कांग्रेस और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने उनको समर्थन दे दिया।

1998 में केन्द्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी। दो साल बाद विधानसभा का चुनाव हुआ तो राजद अल्पमत में आ गई। सात दिनों के लिये नीतीश कुमार की सरकार बनी परन्तु वह चल नहीं पायी। एक बार फ़िर राबड़ी देवी मुख्यमन्त्री बनीं। कांग्रेस के 22 विधायक उनकी सरकार में मन्त्री बने। 2004 के लोकसभा चुनाव में लालू प्रसाद एक बार फिर "किंग मेकर" की भूमिका में आये और रेलमन्त्री बने। यादव के कार्यकाल में ही दशकों से घाटे में चल रही रेल सेवा फिर से फायदे में आई। भारत के सभी प्रमुख प्रबन्धन संस्थानों के साथ-साथ दुनिया भर के बिजनेस स्कूलों में लालू यादव के कुशल प्रबन्धन से हुआ भारतीय रेलवे का कायाकल्प एक शोध का विषय बन गया। लेकिन अगले ही साल 2005 में बिहार विधानसभा चुनाव में राजद सरकार हार गई और 2009 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी के केवल चार सांसद ही जीत सके। इसका अंजाम यह हुआ कि लालू को केन्द्र सरकार में जगह नहीं मिली। समय-समय पर लालू को बचाने वाली कांग्रेस भी इस बार उन्हें नहीं बचा नहीं पायी। दागी जन प्रतिनिधियों को बचाने वाला अध्यादेश खटाई में पड़ गया और इस तरह लालू का राजनीतिक भविष्य अधर में लटक गया।[14]

लालू का अन्दाज[संपादित करें]

अपनी बात कहने का लालू यादव का खास अन्दाज है। बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बनाने का वादा हो या रेलवे में कुल्हड़ की शुरुआत, लालू यादव हमेशा ही सुर्खियों में रहे। इन्टरनेट पर लालू यादव के लतीफों का दौर भी खूब चला।[15]

चारा घोटाला[संपादित करें]

1997 में जब केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ चारा घोटाला मामले में आरोप-पत्र दाखिल किया तो यादव को मुख्यमन्त्री पद से हटना पड़ा।[16] अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सत्ता सौंपकर वे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष बन गये और अपरोक्ष रूप से सत्ता की कमान अपने हाथ में रखी। चारा घोटाला मामले में लालू यादव को जेल भी जाना पड़ा और वे कई महीने तक जेल में रहे भी।

लगभग सत्रह साल तक चले इस ऐतिहासिक मुकदमे में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह ने लालू प्रसाद यादव को वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये 3 अक्टूबर 2013 को पाँच साल की कैद व पच्चीस लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।[17]

लालू प्रसाद यादव 1988 में नयागांव, सोनपुर में युवा जनता दल की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए

यादव और जदयू नेता जगदीश शर्मा को घोटाला मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद लोक सभा से अयोग्य ठहराया गया।[18] इसके कारण राँची जेल में सजा भुगत रहे लालू प्रसाद यादव को लोक सभा की सदस्यता भी गँवानी पड़ी। भारतीय चुनाव आयोग के नये नियमों के अनुसार लालू प्रसाद अब 11 साल (5 साल जेल और रिहाई के बाद के 6 साल) तक लोक सभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। भारतीय उच्चतम न्यायालय ने चारा घोटाला में दोषी सांसदों को संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराये जाने से बचाने वाले प्रावधान को भी निरस्त कर दिया था। लोक सभा के महासचिव एस॰ बालशेखर ने यादव और शर्मा को सदन की सदस्यता के अयोग्य ठहराये जाने की अधिसूचना जारी कर दी। लोक सभा द्वारा जारी इस अधिसूचना के बाद संसद की सदस्यता गँवाने वाले लालू प्रसाद यादव भारतीय इतिहास में लोक सभा के पहले सांसद बने जबकि जनता दल यूनाइटेड के एक अन्य नेता जगदीश शर्मा दूसरे, जिन्हें 10 साल के लिये अयोग्य ठहराया गया।[19]

घोटाले की समयरेखा[संपादित करें]

1990 के दशक में हुए चारा घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा को दोषी करार देने के बाद उनके राजनीतिक कैरियर पर सवालिया निशान लग गया। लालू पर पशुओं के चारे के नाम पर चाईबासा ट्रेज़री से 37.70 करोड़ रुपए निकालने का आरोप था। पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:

  • 27 जनवरी 1996: पशुओं के चारा घोटाले के रूप में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की लूट सामने आयी। चाईबासा ट्रेजरी से इसके लियेगलत तरीके से 37.6 करोड़ रुपए निकाले गये थे।
  • 11 मार्च 1996: पटना उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले की जाँच के लिये सीबीआई को निर्देश दिये।
  • 19 मार्च 1996: उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश की पुष्टि करते हुए हाईकोर्ट की बैंच को निगरानी करने को कहा।
  • 27 जुलाई 1997: सीबीआई ने मामले में राजद सुप्रीमो पर फंदा कसा।
  • 30 जुलाई 1997: लालू प्रसाद ने सीबीआई अदालत के समक्ष समर्पण किया।
  • 19 अगस्त 1998: लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की आय से अधिक की सम्पत्ति का मामला दर्ज कराया गया।
  • 4 अप्रैल 2000: लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज हुआ और राबड़ी देवी को सह-आरोपी बनाया गया।
  • 5 अप्रैल 2000: लालू प्रसाद और राबड़ी देवी का समर्पण, राबड़ी देवी को मिली जमानत।
  • 9 जून 2000: अदालत में लालू प्रसाद के खिलाफ आरोप तय किये।
  • अक्टूबर 2001: सुप्रीम कोर्ट ने झारखण्ड के अलग राज्य बनने के बाद मामले को नये राज्य में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद लालू ने झारखण्ड में आत्मसमर्पण किया।
  • 18 दिसम्बर 2006: लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में क्लीन चिट दी।
  • 2000 से 2012 तक: मामले में करीब 350 लोगों की गवाही हुई। इस दौरान मामले के कई गवाहों की भी मौत हो गयी।
  • 17 मई 2012: सीबीआई की विशेष अदालत में लालू यादव पर इस मामले में कुछ नये आरोप तय किये। इसमें दिसम्बर 1995 और जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी पूर्ण निकासी भी शामिल है।
  • 17 सितम्बर 2013: चारा घोटाला मामले में रांची की विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा।
  • 30 सितम्बर 2013: चारा घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव दोषी करार।
  • 6 जनवरी 2018: को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने लालू प्रसाद को चारा घोटाला मामले में साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

आलोचनाएं और विवाद[संपादित करें]

भाजपा के खिलाफ आरोप[संपादित करें]

5 अगस्त 2004 को यादव ने दावा किया कि एल.के. आडवाणी, जो वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता थे, मुहम्मद अली जिन्ना को मारने की साजिश में आरोपी थे और उन्हें एक 'अंतरराष्ट्रीय फरार' कहा।

28 सितंबर 2004 को, यादव ने तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण मंत्री वेंकैया नायडू को आंध्र प्रदेश में सूखा राहत वितरण समूह में 55,000 टन गेहूं बेची थी। उन्होंने कहा, "सीबीआई की जांच सच जानने के लिए की जाएगी।"

ओसामा बिन लादेन का एक जैसा दिखना[संपादित करें]

2005 में बिहार चुनावों के लिए प्रचार करते हुए, लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान दोनों ने मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए पारंपरिक इस्लामिक पोशाक में एक मुस्लिम मुहासिरी का इस्तेमाल किया। यह मौलवी उनके हेलिकॉप्टर में विभिन्न चुनाव मीटिंगों के साथ साथ उनके साथ मंच साझा करेगा और उन भाषणों को बनायेगा जो कथित विरोधी मुस्लिम गतिविधियों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला करता था। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन ने ओसामा बिन लादेन के साथ मौलवी की तुलना करके दोनों नेताओं की आलोचना की थी और यह आरोप लगाया था कि वे "एक ऐसे व्यक्ति के नाम की महिमा कर रहे हैं जो दुनिया में सबसे ज्यादा वांछित आतंकवादी है।"

नकारात्मक छवि[संपादित करें]

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में दोषी विधायकों को उनके पदों पर रोक लगाने के फैसले के अनुसार, लालू प्रसाद यादव, चारा घोटाले में गिरफ्तार होने के मामले में संसदीय सीट हारने वाले पहले विद्वानों में से एक हैं। [11] उनके खिलाफ कई चल रही भ्रष्टाचार के बावजूद, वह और उनकी पत्नी रबड़ी देवी ने बिहार राज्य को 15 साल तक शासन किया, एक ऐसा अवधि जिसके दौरान राज्य के हर आर्थिक और सामाजिक रैंकिंग भारत के अन्य राज्यों की तुलना में निम्न स्तर पर गई। [68] मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, बिहार का कानून और व्यवस्था सबसे कम थी, अपहरण बढ़ रहा था और निजी सेनाओं की गड़बड़ी हुई।

परिवार के सदस्यों के खिलाफ कर चोरी के आरोप[संपादित करें]

आई-टी विभाग ने 12 जून के बीच सांसद मीसा भारती को बेनामी के जमीन के सौदे के लिए नए समन्स जारी किए हैं। 10 अरब [70] और कर चोरी शुल्क पर वह 6 जून, 2017 को पेश होने वाली थी, लेकिन वह नहीं खुलती। उनके पति शैलेश कुमार को 7 जून 2017 को पेश होना चाहिए।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

1 जून 1 9 73 को यादव ने राबड़ी देवी से अपने माता-पिता द्वारा व्यवस्थित एक पारंपरिक मैच में शादी की। यादव नौ बच्चों, दो बेटे और सात बेटियों का पिता है:[20]

  1. तेज प्रताप यादव, बड़े बेटे , बिहार राज्य सरकार में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री
  2. तेजस्वी यादव, छोटे बेटे, पूर्व क्रिकेटर, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री
  3. मीसा भारती देवी , सबसे बड़ी बेटी ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर शैलेश कुमार से शादी कर ली
  4. रोहिणी आचार्य, दूसरी बेटी, राव समरेश सिंह, एसआरसी दिल्ली से एक अमेरिका स्थित वाणिज्य स्नातक, अरवल-दौडनगर की राव रणविजय सिंह के बेटे के लिए मई 2002 में शादी कर ली
  5. चंदा सिंह, तीसरी बेटी, विक्रम सिंह से शादी कर ली, और 2006 में इंडियन एयरलाइंस के साथ पायलट
  6. रागिनी यादव, चौथी बेटी, राहुल यादव से शादी, जितेंद्र यादव के बेटे, गाजियाबाद से सांसद विधायक, जो अब कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं
  7. हेमा यादव, पांचवीं बेटी, विनीत यादव से शादी की, एक राजनीतिक परिवार के वंशज
  8. Dhannu (उर्फ अनुष्का राव), छठे बेटी, चिरंजीव राव, कांग्रेस के राव अजय सिंह यादव, हरियाणा सरकार में कुछ समय ऊर्जा मंत्री के बेटे से शादी की
  9. राजलक्ष्मी सिंह, सबसे छोटी बेटी, मैनपुरी और मुलायम सिंह यादव के भव्य भतीजे से तेज प्रताप सिंह यादव, सांसद से शादी की

जीवनी[संपादित करें]

संकर्षण ठाकुर अपने जीवन के आधार पर एक पुस्तक के लेखक हैं, द मेकिंग ऑफ लालू यादव, बिहार की अनमाकिंग; बाद में किताब को अद्यतन और पिकाडोइंडिया द्वारा "सुब्बलर साहिब: बिहार और मेकिंग ऑफ लालू यादव" के तहत पुनर्मुद्रित किया गया

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "चारा घोटाला: लालू यादव दोषी करार, जेल भेजे गए". बीबीसी हिन्दी. अभिगमन तिथि 1 अक्टूबर 2013.
  2. "लालू यादव दोषी करार, जेल भेजे गए, सजा का ऐलान 3 अक्टूबर को". नवभारत टाइम्स. अभिगमन तिथि 1 अक्टूबर 2013.
  3. "चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव को पांच साल की जेल". हिन्दुस्तान (समाचार पत्र), रांची (एजेंसी). अभिगमन तिथि 3 अक्टूबर 2013.
  4. http://zeenews.india.com/hindi/news/state/fodder-scam-sc-grants-bail-to-lalu-prasad-yadav/197401
  5. http://actionindialive.com/index.php/2014-01-23-10-33-20/2014-01-23-10-34-08/233-2013-12-13-12-08-21
  6. "चारा घोटाला : लालू प्रसाद यादव, जेडीयू सांसद लोकसभा से अयोग्‍य ठहराए गए". ज़ी न्यूज़, नई दिल्ली. अभिगमन तिथि 23 अक्टूबर 2013.
  7. "चारा घोटाले में जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की लोकसभा सदस्यता गई". एनडीटीवी इंडिया, नई दिल्ली. अभिगमन तिथि 23 अक्टूबर 2013.
  8. http://khabar.ibnlive.com/blogs/nawal/bihar-assembly-election-2015-78-427969.html
  9. http://m.livehindustan.com/biharelection/candiadate/lalu_prasad_yadav/1
  10. "सत्‍ता संग्राम: सारण में राबड़ी-रुडी नहीं, राजद-भाजपा में होती है दिलचस्‍प लड़ाई".
  11. "पत्नी ऐश्वर्या को लड़ाने की चाहत छोड़ी, सारण के चुनावी दंगल में उतरेंगे तेज प्रताप, राजीव प्रताप रूड़ी को देंगे चुनौती!".
  12. "लालू प्रसाद यादव की ज़ुबानी, लालकृष्ण आडवाणी को क्यों और कैसे गिरफ्तार किया था".
  13. "लालू प्रसाद यादव: सुर्खियों में रहने वाला चेहरा". बीबीसी हिन्दी. अभिगमन तिथि 1 अक्टूबर 2013.
  14. "अर्श से फर्श पर आए लालू यादव". दैनिक जागरण.
  15. "लालू प्रसाद यादव: सुर्खियों में रहने वाला चेहरा". बीबीसी हिन्दी. अभिगमन तिथि 1 अक्टूबर 2013.
  16. "क्या है चारा घोटाला जिसमें लालू पर चल रहा है केस?".
  17. "चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव को पांच साल की जेल". हिन्दुस्तान (समाचार पत्र), रांची (एजेंसी). अभिगमन तिथि 3 अक्टूबर 2013.
  18. "चारा घोटाला : लालू प्रसाद यादव, जेडीयू सांसद लोकसभा से अयोग्‍य ठहराए गए". ज़ी न्यूज़, नई दिल्ली. अभिगमन तिथि 23 अक्टूबर 2013.
  19. "चारा घोटाले में जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की लोकसभा सदस्यता गई". एनडीटीवी इंडिया, नई दिल्ली. अभिगमन तिथि 22 अक्टूबर 2013.
  20. "Another double for grandfather Lalu".

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

राजनीतिक कार्यालय
पूर्वाधिकारी
नितीश कुमार
रेलवे मंत्री
25 मई 2004 – 18 मई 2009
उत्तराधिकारी
ममता बनर्जी
पूर्वाधिकारी
जगन्नाथ मिश्र
बिहार के मुख्यमंत्री
1990–1997
उत्तराधिकारी
राबड़ी देवी