रवीश कुमार

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रवीश कुमार
Ravish Kumar (cropped).jpg
सन २०१७ में रामनाथ गोयनका सम्मान के समय रवीश कुमार
जन्म 5 दिसम्बर 1974 (1974-12-05) (आयु 45)
मोतिहारी, बिहार, भारत
व्यवसाय न्यूज ऐंकर और एनडीटीवी पत्रकार
जीवनसाथी नयना दासगुप्ता
पुरस्कार गणेशशंकर विद्यार्थी पुरस्कार (२०१०, सम्मानित २०१४),
पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार,
वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पत्रकार (प्रसारण) २०१३,
रेमन मैगसेसे पुरस्कार (२०१९) छत्तीसगढ़ सरकार माधव राव सप्रे सम्मान 2019
वेबसाइट
www.naisadak.org

रवीश कुमार (जन्म ५ दिसम्बर १९७४) एक पत्रकार हैं,[1] रवीश एनडीटीवी समाचार नेटवर्क के हिंदी समाचार चैनल 'एनडीटीवी इंडिया' में संपादक है,[2] और चैनल के प्रमुख कार्यक्रमों जैसे 'हम लोग'[3] और 'रवीश की रिपोर्ट'[4] के होस्ट रहे हैं। रवीश कुमार का 'प्राइम टाइम शो' के साथ 'देस की बात' भी [5] वर्तमान में काफी लोकप्रिय है। २०१६ में "द इंडियन एक्सप्रेस" ने अपनी '१०० सबसे प्रभावशाली भारतीयों' की सूची में उन्हें भी शामिल किया था। [6]

बचपन और शिक्षा[संपादित करें]

रवीश कुमार का जन्म बिहार के पूर्व चंपारन जिले के मोतीहारी के ब्राहमण परिवार में हुआ। उन्होंने लोयोला हाई स्कूल, पटना, से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, और फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह दिल्ली आ गये। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया।

पुरस्कार[संपादित करें]

  • हिन्दी पत्रिका रंग में गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार २०१० के लिये राष्ट्रपति के हाथों (२०१४ में प्रदान किया गया).[7]
  • पत्रिका रंग में रामनाथ गोयंका पुरस्कार - २०१३
  • इंडियन टेलिविजन पुरस्कार - २०१४ - उत्तम हिन्दी एंकर [8]
  • कुलदीप नायर पुरस्कार - २०१७ - पत्रकारिता क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए।[9]
  • रेमन मैगसेसे पुरस्कार - अगस्त २०१९ - पत्रकारिता क्षेत्र में यह कहकर उनको सम्मानित किया गया कि उन्होंने गरीबों की आवाज सार्वजनिक मंच पर उठाई

पुस्तकें[संपादित करें]

रवीश ने कुल पांच पुस्तकें लिखी हैं:

  • इश्क में शहर होना
  • देखते रहिये
  • रवीशपन्ती
  • द फ्री वॉइस: ऑन डेमोक्रेसी, कल्चर एंड द नेशन
  • बोलना ही है : लोकतंत्र, संस्कृति और राष्ट्र के बारे में

बोलना ही है[संपादित करें]

रवीश कुमार की यह पुस्तक राजकमल प्रकाशन द्वारा सन २०१९ में प्रकाशित की गयी। द प्रिन्ट के अनुसार यह किताब पिछले कुछ सालों के भारत की यथार्थ गाथा है जिसे तथ्यों के सहारे बुना गया है और समाज में नागरिक के भीड़ बनने की प्रक्रिया को बताया गया है।[10]

यह किताब अंग्रेजी में ‘द फ़्री वॉयस : ऑन द डेमोक्रेसी, कल्चर एन्ड द नेशन’ (The Free Voice : On Democracy, Culture and the Nation) के नाम से छपी है। इसके अलावा कन्नड़, मराठी और नेेपाली भाषा में इस किताब का अनुवाद हो चुका है।[11] अपनी मूल भाषा हिंदी में यह किताब दो नए लेखों के साथ अक्टूबर, 2019 में छपी। इस किताब को राजकमल प्रकाशन ने छापा है।[12]

भूमिका के अलावा इस पुस्तक में 12 लेख शामिल हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं :-

  1. बोलना
  2. रोबो-पब्लिक और नए लोकतंत्र का निर्माण
  3. डर का रोज़गार
  4. जहां भीड़, वहीं हिटलर का जर्मनी
  5. जनता होने का अधिकार
  6. बाबाओं के बाज़ार में आप और हम
  7. हम सबके जीवन में प्रेम
  8. निजता का अधिकार : संविधान की किताब में एक सुंदर-सी कविता
  9. डरपोक क़िस्म की नागरिकता गढ़ता मुख्यधारा मीडिया
  10. 2019 में 1984 पढ़ते हुए
  11. पंद्रह अगस्त को एक आइसक्रीम ज़रूर खाएँ
  12. नागरिक पत्रकारिता की ताक़त

नौवां लेख 24 फ़रवरी, 2019 को नई दिल्ली में आयोजित ‘द वायर डायलॉग्स’ में दिए गए भाषण का संपादित पाठ है। बारहवां और आख़िरी लेख 6 सितंबर, 2019 को मनीला में रैमॉन मैगसेसे सेंटर में दिए गए भाषण[13] का संपादित पाठ है जहाँ रवीश कुमार को रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार[14][15] से नवाज़ा गया था।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम रवीश कुमार का खुला खत..." मूल से 29 सितंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 29 सितंबर 2017.
  2. "'रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार में ज़ुल्म' रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम". मूल से 5 सितंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 सितंबर 2017.
  3. http://www.ndtv.com/video/list/shows/hum-log Archived 7 फ़रवरी 2015 at the वेबैक मशीन. Hum Log
  4. http://www.ndtv.com/video/list/shows/ravish-ki-report Archived 11 फ़रवरी 2015 at the वेबैक मशीन. Ravish Ki Report
  5. "देस की बात". एनडीटीवी इंडिया. मूल से 14 मई 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 18 जून 2020.
  6. "#ie100: Narendra Modi to Ravish Kumar, the most powerful Indians". The Indian Express. मूल से 6 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2016-02-27.
  7. "release - President of India presents Hindi Sevi Samman". मूल से 9 मई 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 जून 2020.
  8. "Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards: The Winners". .indianexpress.com. मूल से 7 जुलाई 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 3 जनवरी 2016.
  9. Ravish, Kumar. "'News Anchors Have Become the Biggest Goons of Our Time'". www.thequint.com. The Quint. मूल से 22 मार्च 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 March 2017.
  10. "जनतंत्र को गढ़ती फर्ज़ी सूचनाएं, गोदी मीडिया की बढ़ती दुनिया और प्रेम के लिए कोना ढूंढते प्रेमी". दि प्रिंट.
  11. "Ravish Kumar - ZEE Jaipur Literature Festival". https://jaipurliteraturefestival.org/ (अंग्रेज़ी में). 2013-09-17. अभिगमन तिथि 2020-05-01. |website= में बाहरी कड़ी (मदद)
  12. "Bolna Hi Hai : Loktantra, Sanskriti Aur Rashtra Ke Bare Mein". www.rajkamalprakashan.com. अभिगमन तिथि 2020-05-01.
  13. "Full Text Of Ravish Kumar's Speech At Magsaysay Awards Lecture Series". NDTV.com. मूल से 5 दिसंबर 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-05-01.
  14. "साल 2019 के मैग्सेसे पुरस्कार का ऐलान, एक भारतीय सहित 5 हस्तियों को सम्मान". aajtak.intoday.in. मूल से 3 अगस्त 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-05-01.
  15. स्टाफ, द वायर (2019-08-02). "पत्रकार रवीश कुमार को मिला 2019 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार". The Wire - Hindi (अंग्रेज़ी में). मूल से 16 अप्रैल 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-05-01.