राजेन्द्र सिंह

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राजेन्द्र सिंह

राजेन्द्र सिंह का जन्म 6 अगस्त 1959 को, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के डौला गाँव में हुआ था | राजेन्द्र सिंह भारत के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। वे जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रसिद्ध हैं।उन्होंने तरुण भारत संघ (गैर-सरकारी संगठन) के नाम से एक संस्था बनाई।  

हाई स्कूल पास करने के बाद राजेन्द्र ने भारतीय ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय से आयुर्विज्ञान में डिग्री हासिल की। उनका यह संस्थान बागपत उत्तरप्रदेश में स्थित था। उसके बाद राजेन्द्र सिंह ने जनता की सेवा के भाव से गाँव में प्रेक्टिस करने का इरादा किया। साथ ही उन्हें जयप्रकाश नारायण की पुकार पर राजनीति का जोश चढ़ा और वे छात्र युवा संघर्ष वाहिनी के साथ जुड़ गए। छात्र बनने के लिए उन्होंने बड़ौत में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एक कॉलेज में एम.ए. हिन्दी में प्रवेश ले लिया |

1981 में उनका विवाह हुए बस डेढ़ बरस हुआ था, उन्होंने नौकरी छोड़ी, घर का सारा सामान बेचा। कुल तेईस हजार रुपए की पूँजी लेकर अपने कार्यक्षेत्र में उतर गए। उन्होंने ठान लिया कि वह पानी की समस्या का कुछ हल निकलेंगे। आठ हजार रुपये बैंक में डालकर शेष पैसा उनके हाथ में इस काम के लिए था।

राजेन्द्र सिंह के साथ चार और साथी आ जुटे थे, यह थे नरेन्द्र, सतेन्द्र, केदार तथा हनुमान। इन पाँचों लोगों ने तरुण भारत संघ के नाम से एक संस्था बनाई जिसे एक गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ) का रूप दिया। दरअसल यह संस्था 1978 में जयपुर यूनिवर्सिटी द्वारा बनाई गई थी, लेकिन सो गई थी। राजेन्द्र सिंह ने उसी को जिन्दा किया और अपना लिया। इस तरह तरुण भारत संघ (TBS) उनकी संस्था हो गई।

2015 में उन्होंने स्टॉकहोम जल पुरस्कार जीता, यह  "पानी के लिए नोबेल पुरस्कार" के रूप में जाना जाता है |

उन्हें सामुदायिक नेतृत्व के लिए २०११ का रेमन मैगसेसे पुरस्कार दिया गया था।

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