भारत में भुगतान और निपटान प्रणालियाँ

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भारत में भुगतान और निपटान प्रणालियाँ भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत संचालित एवं नियंत्रित की जाती हैं।[1][मृत कड़ियाँ][1] >

(ऑनलाइन भुगतानों)[2] की हिस्सेदारी कीमत के रूप में 91 प्रतिशत (2009-10 में 88 प्रतिशत) और मात्रात्मक रूप में 48 प्रतिशत (2009-10 में 35 प्रतिशत)। (ऑफलाइन भुगतानों)[3], कैश एक प्रमुख माध्यम है। वर्ष 2011-12 में कैश भुगतानों की हिस्सेदारी मात्रात्मक रूप में 54 प्रतिशत और कीमत के संदर्भ में 82 प्रतिशत थी। भारत में बैंक नोट देश के बजट का 12.04 % है, भारत में प्रति नागरिक डिजिटल लेनदेन मात्र 6 है। [4][मृत कड़ियाँ] [2] [2]

भुगतान प्रणाली विज़न[संपादित करें]

भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के लागू होने के बाद ‘भारत में भुगतान प्रणालियां-विज़न 2009-12’ नाम से रिज़र्व बैंक ने इस दिशा में अपना विज़न बताया। इस दस्तावेज़ द्वारा भुगतान प्रणालियों के सम्पूर्ण पहलुओं में आए परिवर्तन को दर्शाने का प्रयास किया गया था।

2012-15 के विज़न दस्तावेज़ में यह विज़न प्रस्तुत किया गया है:[2]

भारत में अल्प-नकदी प्रवाह वाला समाज स्थापित करने के लिए इलेकट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करना और देश में सुरक्षित, कुशल, अंतर-परिचालनीय, प्राधिकृत, सुगम, सम्मिलित और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भुगतान और निपटान प्रणालियाँ स्थापित करना।

विधि-विधान एवं अधिसूचनाएं[संपादित करें]

  • भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
  • भुगतान और निपटान प्रणाली विनियमावली, 2008 तथा भुगतान और निपटान प्रणाली बोर्ड विनियमावली, 2008
  • अन्य अधिसूचनाएं

सिद्धांत[संपादित करें]

  • सीपीएसएस –आईओएससीओ सलाहकार रिपोर्ट –“वित्तीय बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर के सिद्धान्त”
  • मुख्य सिद्धांत

पर्यवेक्षण[संपादित करें]

भुगतान और निपटान प्रणाली समिति, बैंक फॉर इन्टरनेशनल सेटलमेंट्स द्वारा प्रकाशित “सेंट्रल बैंक ओवरसाइट ऑफ पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स, मई 2005” की रिपोर्ट में, पर्यवेक्षण को निम्नलिखित रूप में परिभाषित किया गया है : यह केंद्रीय बैंक का कार्य है जिसके माध्यम से मौजूदा और नियोजित प्रणालियों की निगरानी के माध्यम से सुरक्षा और कार्यक्षमता के लक्ष्यों को प्रोत्साहित किया जाता है और इन लक्ष्यों की तुलना में उनका मूल्यांकन किया जाता है और जहां कहीं आवश्यक होता है वहाँ परिवर्तन भी किया जाता है।

भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 और उसके अधीन बनाई गई भुगतान और निपटान प्रणाली विनियमावली 2008 भारतीय रिज़र्व बैंक को आवश्यक सांविधिक समर्थन प्रदान करती है ताकि वह देश में भुगतान और निपटान प्रणालियों के पर्यवेक्षण संबंधी कार्य कर सके।

भुगतान और निपटान प्रणाली के मिशन में पर्यवेक्षण के दायरे को परिभाषित किया गया है। मिशन वक्तव्य में यह कहा गया है कि हमारा प्रयास होगा “यह सुनिश्चित करना कि देश में संचालित सभी भुगतान और निपटान प्रणालियाँ सुरक्षित, प्रतिरक्षित, समर्थ, सक्षम, सुलभ और प्राधिकृत हैं।”[3]

भुगतान और निपटान प्रणाली के विनियमन और पर्यवेक्षण के लिए बोर्ड[संपादित करें]

भुगतान और निपटान प्रणाली पर्यवेक्षण और विनियमन बोर्ड (बीपीएसएस) के सदस्य हैं[4] :

  1. डॉ॰ रघुराम राजन, गवर्नर, अध्यक्ष
  2. श्री एच आर खान, उप गवर्नर, उपाध्यक्ष
  3. डॉ॰ उर्जित पटेल, उप गवर्नर, सदस्य
  4. श्री आर. गांधी, उप गवर्नर, सदस्य
  5. श्री एस एस मूंदड़ा, उप गवर्नर, सदस्य
  6. डॉ॰ अनिल काकोडकर, केंद्रीय बोर्ड के सदस्य, सदस्य
  7. श्री किरण कार्निक, केंद्रीय बोर्ड के सदस्य, सदस्य

श्री जी. पद्मनाभन, कार्यपालक निदेशक; श्री जी. एस. हेगड़े, प्रधान विधि परामर्शदाता, भारतीय रिज़र्व बैंक; डॉ॰ दीपक बी. फाटक, सुबराव एम. निलेकनी, चेयर प्रोफेसर, सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई और एम. डी. माल्या, पूर्व मुख्य प्रबंध निदेशक, बैंक ऑफ बड़ौदा भुगतान और निपटान प्रणाली पर्यवेक्षण और विनियमन बोर्ड (बीपीएसएस) में स्थायी आमंत्रिती हैं।

भुगतान और निपटान प्रणाली का पर्यवेक्षण[संपादित करें]

प्रणालियाँ[संपादित करें]

पेपर आधरित समाशोधन[संपादित करें]

इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियाँ[संपादित करें]

तत्काल सकल निपटान (आरटीजीएस)[संपादित करें]

भारतीय आरटीजीएस प्रणाली लगभग 16 दिन में देश की जीडीपी के बराबर का लेन-देन कर देती है।

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनइएफटी)[संपादित करें]

इलेक्ट्रॉनिक समाशोधन सेवा (इसीएस)[संपादित करें]

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक समाशोधन सेवा (एनइसीएस)[संपादित करें]

आपरेटरों[संपादित करें]

आरबीआई द्वारा भुगतान और निपटान इस प्रणाली में निम्न प्रकार की श्रेणियों में विभिन्न संस्थाओं को प्राधिकृत किया गया है।[5]

  • वित्तीय बाजार संबंधी बुनियादी ढांचा
  • रीटेल भुगतान संगठन
  • कार्डस पेमेंट नेटवर्क
  • सीमा पारीय धन अंतरण- केवल इनबाउंड
  • एटीएम नेटवर्क
  • प्रीपेड- भुगतान लिखत
  • व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर

संस्थाओं की विस्तृत सूची रिज़र्व बैंक की वैबसाईट पर उपलब्ध है जिसे समय समय पर एवं अद्यतित किया जाता है। पहले से भी अच्छी तरह से की जाती है. आप सभी लिंक में जा सकते हैं.

आंकड़े[संपादित करें]

  • ईसीएस/एनईएफ़टी/आरटीजीएस/मोबाइल लेनदेनों की बैंक-वार मात्रा
  • बैंक-वार एटीएम/पीओएस/कार्ड के आंकड़े
  • चेक समाशोधन आंकड़े
  • खुदरा इलेक्ट्रानिक भुगतान प्रणाली के आंकड़े
  • एटीएम की राज्य-वार और क्षेत्र-वार उपलब्धता
  • बड़े मूल्य के समाशोधन और निपटान प्रणाली के आंकड़े

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "भुगतान और निपटान प्रणालियाँ". भारतीय रिज़र्व बैंक. Archived from the original on 28 जनवरी 2015. Retrieved 24 जनवरी 2015. Check date values in: |accessdate=, |archive-date= (help)
  2. http://www.rbi.org.in/hindi/Upload/Content/PDFs/DPSSVION_100113.pdf Archived 28 जनवरी 2015 at the वेबैक मशीन. भुगतान प्रणाली विज़न दस्तावेज़ः 2012-15
  3.  http://www.rbi.org.in/hindi/Scripts/PSSOversight.aspx  Archived 28 जनवरी 2015 at the वेबैक मशीन.
  4. "संग्रहीत प्रति". Archived from the original on 28 जनवरी 2015. Retrieved 24 जनवरी 2015. Check date values in: |access-date=, |archive-date= (help)
  5. "संग्रहीत प्रति" (PDF). Archived (PDF) from the original on 28 जनवरी 2015. Retrieved 24 जनवरी 2015. Check date values in: |access-date=, |archive-date= (help)