येस बैंक

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येसबैंक (Yes Bank) भारत में कार्यरत निजी क्षेत्र का एक बैंक है। यह एक भारतीय निजी क्षेत्र का बैंक है,जिसकी स्थापना 2004 में राणा कपूर और अशोक कपूर ने की थी। यह मुख्य रूप से कॉरपोरेट बैंक के रूप में, खुदरा बैंकिंग के साथ और सहायक प्रबंधन के रूप में परिसंपत्ति प्रबंधन के रूप में कार्य करता है। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी प्रशांत कुमार को इसका नया सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।[1]


इतिहास[संपादित करें]

2018 - 2020 : राणा कपूर की गड़बड़ी[संपादित करें]

यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर द्वारा अप्रैल 2018 से जून 2018 के बीच डीएचएफ़एल में अल्प अवधि के ऋणपत्र में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया था। सीबीआई के प्राथमिकी के अनुसार इसके एवज में वाधवन ने कथित तौर पर कपूर और उनके परिवार वालों को कर्ज के रूप में 600 करोड़ की रिश्वत दी थी। 8 मई 2020 को सीबीआई की विशेष अदालत ने डीएचएफ़एल के प्रचारक कपिल वधावन और आरकेडबल्यू डेवलपर्स के प्रचारक धीरज वधावन को 10 मई 2020 तक सीबीआई के हिरासत में भेज दिया था। इनके साथ साथ इस घोटाले में पूर्व सीईओ एवं सह-संस्थापक राणा कपूर भी शामिल हैं।[2]

2020 - वर्तमान : नई शुरुआत[संपादित करें]

5 मार्च 2020 को भारतीय रिजर्व बैंक ने अत्यधिक ऋण में डूबी इस बैंक को बंद होने से बचाने के लिए इसका सारा नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया। इसके बाद रिजर्व बैंक ने एसबीआई के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी प्रशांत कुमार का यस बैंक के एमडी और सीईओ के रूप में नाम दिया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "YES Bank's new management: Prashant Kumar appointed MD, CEO; Sunil Mehta Non-Executive Chairman". Businesstoday.in. 2020-03-15. मूल से 16 मार्च 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-03-19.
  2. "यस बैंक मामला : सीबीआई की विशेष अदालत ने कपिल वधावन और धीरज वधावन को 10 मई तक के लिए हिरासत में भेजा". अमर उजाला. 8 मई 2020. मूल से 24 मई 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 जून 2020.