जॉलीग्राण्ट विमानक्षेत्र
जॉलीग्रांट विमानक्षेत्र देहरादून हवाई अड्डा | |||||||||||
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| विवरण | |||||||||||
| हवाईअड्डा प्रकार | सार्वजनिक | ||||||||||
| संचालक | भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण | ||||||||||
| स्थिति | देहरादून | ||||||||||
| समुद्र तल से ऊँचाई | 1,831 फ़ीट / 558 मी॰ | ||||||||||
| निर्देशांक | 30°11′23″N 078°10′49″E / 30.18972°N 78.18028°E | ||||||||||
| उड़ानपट्टियाँ | |||||||||||
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देहरादून विमानक्षेत्र देहरादून में स्थित है। इसका ICAO कोडहै VIDN और IATA कोड है DED। यह एक नागरिक हवाई अड्डा है। यहां कस्टम्स विभाग उपस्थित है। इसका रनवे पेव्ड है। इसकी प्रणाली यांत्रिक नहीं है। इसकी उड़ान पट्टी की लंबाई 3700 फी. है।
वायुसेवाएं एवं गंतव्य
[संपादित करें]- किंगफिशर एयरलाईन्स
- संचालक किंगफिशर रेड (दिल्ली)
आधुनिकीकरण
[संपादित करें]देहरादून के जौली ग्रांट हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और नवीनीकरण का कार्य पूरा हो गया है। हवाई अड्डे में टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद यहां से 30 मार्च से उड़ानें फिर से शुरु हो जाएंगी। पिछले वर्ष यहां से अपनी उड़ान बंद करने के बाद अब एयर डेक्कन 30 मार्च से दिल्ली के लिए रोजाना दो उड़ानें शुरु करेगी। सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में दूसरी एयरलाइन्स भी यहां से अपनी उड़ानें शुरु करेंगी। जौलीग्रांट हवाई अड्डे के नवीनीकरण का कार्य एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने पूरा किया है। अब इस हवाई अड्डे से बोंइग 737 जैसे हवाईजहाजों को उड़ाया जा सकेगा और रात के समय भी उड़ानें भरी जा सकेगी। सरकार ने हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण में 100 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। हवाई अड्डे में बनाई गई नई हवाईपट्टी 7 किलोमीटर लंबी और 150 मीटर चौड़ी है। कुमाऊं के पंत नगर हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण में 75 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण के लिए विभिन्न कंपनियों से लगभग 12 आशय पत्र (ईओआईएस) भी प्राप्त हुए हैं।
बाहरी कडियाँ
[संपादित करें]- जॉलीग्रांट विमानक्षेत्र (आधिकारिक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण जालस्थल)
- VIDN विमानक्षेत्र सूचना वर्ल्ड एयरपोर्ट डाटा पर। आंकड़े अक्टूबर २००६ तक अद्यतित।