सचिन तेंदुलकर

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भारतीय पताका
सचिन तेंदुलकर
भारत
सचिन तेंदुलकर
पूरा नाम सचिन रमेश तेंदुलकर
जन्म 24,अप्रैल 1973
बल्लेबाज़ी का तरीक़ा दायें हाथ के बल्लेबाज
गेंदबाज़ी का तरीक़ा दायें हाथ के मध्यम गति और स्पिन के गेंदबाज़
टेस्ट क्रिकेट एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट
मुक़ाबले 200 463
बनाये गये रन 15,921 18,426
बल्लेबाज़ी औसत 53.79 44.83
100/50 51/68 49/96
सर्वोच्च स्कोर 248* 200*
फेंकी गई गेंदें 4,240 8,054
विकेट 46 154
गेंदबाज़ी औसत 54.17 44.48
पारी में 5 विकेट 0 2
मुक़ाबले में 10 विकेट 0 नहीं है
सर्वोच्च गेंदबाज़ी 3/10 5/32
कैच/स्टम्पिंग 115/- 140/–

15 नवम्बर, 2013 के अनुसार
स्रोत: Cricket Archive

सचिन रमेश तेंदुलकर (अंग्रेजी उच्चारण:/səˈɪn tɛnˈdlkər/, जन्म: 24 अप्रैल 1973) क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वे सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। [1] राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सन् २००८ में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है।

सन् १९८९ में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के पश्चात् वे बल्लेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने टेस्ट व एक दिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक अर्जित किये हैं। वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ है। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में १४००० से अधिक रन बनाने वाले वे विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] उन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुम्बई के लिये २४ वर्ष की उम्र में खेला। उनके अन्तर्राष्ट्रीय खेल जीवन की शुरुआत १९८९ में पाकिस्तान के खिलाफ कराची से हुई।

सचिन वे वे क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्व भर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर कह कर बुलाते हैं। क्रिकेट के अलावा वे अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं।

सन् २०१२ में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया था।[2]


व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

अंजलि व सचिन एक सार्वजनिक समारोह में

राजापुर के मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मे सचिन का नाम उनके पिता रमेश तेंदुलकर ने उनके चहेते संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था। उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिये प्रोत्साहित किया था। सचिन के एक भाई नितिन तेंदुलकर और एक बहन सविताई तेंदुलकर भी हैं। १९९५ में सचिन तेंदुलकर का विवाह अंजलि तेंदुलकर से हुआ। सचिन के दो बच्चे हैं - सारा व अर्जुन।

सचिन ने शारदाश्रम विद्यामन्दिर में अपनी शिक्षा ग्रहण की। वहीं पर उन्होंने प्रशिक्षक (कोच) रमाकान्त अचरेकर के सान्निध्य में अपने क्रिकेट जीवन का आगाज किया। तेज गेंदबाज बनने के लिये उन्होंने एम०आर०एफ० पेस फाउण्डेशन के अभ्यास कार्यक्रम में शिरकत की। पर वहाँ तेज गेंदबाजी के कोच डेनिस लिली ने उन्हें पूर्ण रूप से अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा।

अन्य रोचक तथ्य[संपादित करें]

  • युवाकाल में सचिन अपने कोच के साथ अभ्यास करते थे। उनके कोच स्टम्प पर एक रुपये का सिक्का रख देते, और जो गेंदबाज सचिन को आउट करता, वह सिक्का उसी को मिलता था। और यदि सचिन बिना आउट हुए पूरे समय बल्लेबाजी करने में सफल हो जाते, तो ये सिक्का उनका हो जाता। सचिन के अनुसार उस समय उनके द्वारा जीते गये वे १३ सिक्के आज भी उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय हैं।[कृपया उद्धरण जोड़ें]
  • १९८८ में स्कूल के एक हॅरिस शील्ड मैच के दौरान साथी बल्लेबाज विनोद कांबली के साथ सचिन ने ऐतिहासिक ६६४ रनों की अविजित साझेदारी की। इस धमाकेदार जोड़ी के अद्वितीय प्रदर्शन के कारण एक गेंदबाज तो रो ही दिया और विरोधी पक्ष ने मैच आगे खेलने से इनकार कर दिया। सचिन ने इस मैच में ३२० रन और प्रतियोगिता में हजार से भी ज्यादा रन बनाये।[कृपया उद्धरण जोड़ें]
  • सचिन प्रति वर्ष २०० बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी हेतु अपनालय नाम का एक गैर सरकारी संगठन भी चलाते हैं।[कृपया उद्धरण जोड़ें]
  • भारतीय टीम का एक अन्तर्राष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध इन्दौर में ३१ मार्च २००१ को खेला गया था। तब इस छोटे कद के खिलाड़ी ने पहली बार १०,००० रनो का आँकड़ा पार करके इन्दौर के स्टेडियम में एक मील का पत्थर गाड़ दिया था।[कृपया उद्धरण जोड़ें]Sachin Tendulkar Autograph.jpg

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खेल पद्धति[संपादित करें]

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट में बल्लेबाज़ी दायें हाथ से करते हैं किन्तु लिखते बाये हाथ से हैं। वे नियमित तौर पर बायें हाथ से गेंद फेंकने का अभ्यास करते हैं। उनकी बल्लेबाज़ी उनके बेहतरीन सन्तुलन व नियन्त्रण पर आधारित है। वे भारत की धीमी पिचों की बजाय वेस्ट इंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया की सख्त व तेज़ पिच पर खेलना ज्यादा पसंद करते हैं [3]। वे अपनी बल्लेबाजी की अनूठी पंच शैली के लिये भी जाने जाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रशिक्षक जॉन ब्यूकैनन का कहना है कि तेंदुलकर अपनी पारी की शुरुआत में शार्ट गेंद को ज्यादा पसन्द करते हैं। उनका मानना यह भी है कि बायें हाथ की तेज गेंद तेंदुलकर की कमज़ोरी है।[4] अपने कैरियर की शुरुआत में सचिन की खेल शैली आक्रमणकारी हुआ करती थी। सन् २००४ से वे कई बार चोटग्रस्त भी हुए। इस वजह से उनकी बल्लेबाजी की आक्रामकता में थोड़ी कमी आयी। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ईयन चैपल के अनुसार तेंदुलकर अब पहले जैसे खिलाड़ी नहीं रहे। किन्तु २००८ में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तेंदुलकर ने कई बार अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी का परिचय दिया।

तेंडुलकर नियमित गेंदबाज़ नहीं हैं। किन्तु वे मध्यम तेज, लेग स्पिन व ऑफ स्पिन गेंदबाज़ी में प्रखर हैं। वे कई बार लम्बी व देर से टिकी हुई बल्लेबाजों की जोड़ी को तोड़ने के लिये गेंदबाज़ के रूप में लाये जाते हैं। भारत की जीत पक्की कराने में अनेक बार उनकी गेंदबाज़ी का प्रमुख योगदान रहा है।[5]

क्रिकेट के कीर्तिमान[संपादित करें]

सचिन का एक प्रशंसक
  • मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ १०० वाँ शतक।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा (१८००० से अधिक) रन।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा ४९ शतक।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय विश्व कप मुक़ाबलों में सबसे ज्यादा रन।
  • टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा (51) शतक[6]
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ५ नवम्बर २००९ को १७५ रन की पारी के साथ एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में १७ हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने।
  • टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रनों का कीर्तिमान। [7]
  • टेस्ट क्रिकेट १३००० रन बनने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज।
  • एकदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबले में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच।
  • अन्तर्राष्ट्रीय मुक़ाबलो में सबसे ज्यादा ३०००० रन बनाने का कीर्तिमान।

कुछ अन्य उल्लेखनीय घटनायें[संपादित करें]

  • ५ नवम्बर २००९: अपना ४३५ वाँ मैच खेल रहे तेंदुलकर ने तब तक ४३४ पारियों में ४४.२१ की औसत से १७००० रन बनाये थे जिसमें ४५ शतक और ९१ अर्धशतक शामिल हैं। तेंदुलकर के बाद एक दिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने बनाये हैं। उनके नाम पर इस मैच से पहले तक १२२०७ रन दर्ज़ थे। जयसूर्या ४४१ मैच खेल चुके है। अब तक ४०० से अधिक एकदिवसीय मैच केवल इन्हीं दो खिलाडि़यों ने खेले हैं।
  • तेंदुलकर ने अपने एक दिवसीय कैरियर में सर्वाधिक रन आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाये। उन्होंने विश्व चैम्पियन के खिलाफ ६० मैच में ३००० से ज्यादा रन ठोंके जिसमें ९ शतक और १५ अर्धशतक शामिल हैं। श्रीलंका के खिलाफ भी उन्होंने सात शतक और १४ अर्धशतक की मदद से २४७१ रन बनाये लेकिन इसके लिये उन्होंने ६६ मैच खेले।
  • तेंदुलकर ने घरेलू सरजमीं पर १४२ मैच में ४६.१२ के औसत से ५७६६ और विदेशी सरजमीं पर १२७ मैच में ३५.४८ की औसत से ४१८७ रन बनाये। लेकिन वह सबसे अधिक सफल तटस्थ स्थानों पर रहे हैं जहाँ उन्होंने १४०मैच में ६०५४ रन बनाये जिनमें उनका औसत ५०.८७ है। वह भारत के अलावा इंग्लैंड (१०५१), दक्षिण अफ्रीका (१४१४), श्रीलंका (१३०२) और संयुक्त अरब अमीरात (१७७८) की धरती पर भी एक दिवसीय मैचों में एक हजार रन बना चुके हैं।
  • पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने तेंदुलकर को सलामी बल्लेबाज के तौर पर भेजने की शुरुआत की थी जिसमें मुम्बई का यह बल्लेबाज खासा सफल रहा। ओपनर के तौर पर उन्होंने १२८९१ रन बनाए हैं। जहाँ तक कप्तानों का सवाल है तो तेंदुलकर सबसे अधिक सफल अजहर की कप्तानी में ही रहे। उन्होंने अजहर के कप्तान रहते हुए १६० मैच में ६२७० रन बनाये जबकि सौरभ गांगुली की कप्तानी में १०१ मैच में ४४९० रन ठोंके। हालांकि स्वयं की कप्तानी में वह अधिक सफल नहीं रहे और ७३ मैच में ३७.७५ के औसत से केवल २४५४ रन ही बना पाये।
  • २४ फ़रवरी २०१०: सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे क्रिकेट के ४४२ वें मैच में २०० रन बनाकर ऐतिहासिक पारी खेली। वनडे क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने।
  • तेंदुलकर १६० टेस्ट मैचों में भी अब तक १५००० रन बना चुके हैं। और इस तरह उनके नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ३०००० से ज्यादा रन और १०० शतक दर्ज़ हैं। तेंदुलकर ने अपने एक दिवसीय कैरियर में सर्वाधिक रन आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाये। उन्होंने विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ ६० मैच में ३००० से ज्यादा रन ठोंके जिसमें ९ शतक और १५ अर्धशतक शामिल हैं।

तेंदुलकर क्रिकेट के मैदान में[संपादित करें]

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट कभी अपने लिये नहीं खेला। वह हमेशा ही अपनी टीम के लिये या उससे भी ज्यादा अपने देश के लिये खेले। उनके मन में क्रिकेट के प्रति अत्यधिक सम्मान का भाव रहा। उन्होंने आवेश में आकर कभी कोई टिप्पणी नहीं की। किसी खिलाड़ी ने अगर उनके खिलाफ कभी कोई टिप्पणी की भी तो उन्होंने उस टिप्पणी का जवाब जुबान से देने के वजाय अपने बल्ले से ही दिया।

सचिन जब भी बल्लेबाजी के लिये उतरे, उन्होंने मैदान पर कदम रखने से पहले सूर्य देवता को नमन किया। क्रिकेट के प्रति उनके लगाव का अन्दाज़ इसी घटना से लगाया जा सकता है कि विश्व कप के दौरान जब उनके पिताजी का निधन हुआ उसकी सूचना मिलते ही वह घर आये, पिता की अन्त्येष्टि में शामिल हुए और वापस लौट गये। उसके बाद सचिन अगले मैच में खेलने उतरे और शतक ठोककर अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी।

अच्छा क्रिकेट खेलने के लिये ऊँचे कद को वरीयता दी जाती है लेकिन छोटे कद के बावजूद लम्बे-लम्बे छक्के मारना और बाल को सही दिशा में भेजने की कला के कारण दर्शकों ने उन्हें लिटिल मास्टर का खिताब अता किया जो बाद में सचिन के नाम का ही पर्यायवाची बन गया।

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास[संपादित करें]

२३ दिसम्बर २०१२ को सचिन ने वन-डे क्रिकेट से संन्यास लेने घोषणा कर दी।[8] लेकिन उससे भी बड़ा दिन तब आया जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा - "देश का प्रतिनिधित्व करना और पूरी दुनिया में खेलना मेरे लिये एक बड़ा सम्मान था। मुझे घरेलू जमीन पर २०० वाँ टेस्ट खेलने का इन्तजार है। जिसके बाद मैं संन्यास ले लूँगा।"[9] उनकी चाहत के अनुसार उनका अन्तिम टेस्ट मैच वेस्टइण्डीज़ के खिलाफ मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में ही खेला गया।[10]

और जैसा उन्होंने कहा था वैसा ही किया भी। १६ नवम्बर २०१३ को मुम्बई के अपने अन्तिम टेस्ट मैच में उन्होंने ७४ रनों की पारी खेली। मैच का परिणाम भारत के पक्ष में आते ही उन्होंने ट्र्स्ट क्रिकेट को अलविदा! कह दिया।[11]

सम्मान[संपादित करें]

  • भारत रत्न: १६ नवम्बर २०१३ को मुंबई में सचिन के क्रिकेट से सन्यास लेने के संकल्प के बाद ही भारत सरकार ने भी उन्हें देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की आधिकारिक घोषणा कर दी।[12] ४ फ़रवरी २०१४ को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें भारत रत्न से सम्मनित किया गया।[13] ४० वर्ष की आयु मे इस सम्मान को प्राप्त करने वाले वे सबसे कम उम्र के व्यक्ति और सर्वप्रथम खिलाड़ी हैं। [1] गौरतलब है कि इससे पहले यह सम्मान खेल के क्षेत्र में नहीं दिया जाता था। सचिन को यह सम्मान देने के लिए पहले नियमों में बदलाव किया गया था।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "सचिन तेंडुलकर, सीएनआर राव भारत रत्न से सम्मानित". नवभारत टाईम्स. 4 फरवरी 2014. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/Sachin-awarded-with-Bharat-Ratna/articleshow/29849160.cms. अभिगमन तिथि: 5 फरवरी 2014. 
  2. "Rajya Sabha stint". Hindustan Times. 4 June 2012. http://www.hindustantimes.com/India-news/NewDelhi/Sachin-starts-Rajya-Sabha-stint-seeks-help-to-bring-changes/Article1-865571.aspx. अभिगमन तिथि: 4 June 2012. 
  3. Bal, Sambit. "Sachin Tendulkar - Cricinfo Profile". Cricinfo. http://content-usa.cricinfo.com/india/content/player/35320.html. अभिगमन तिथि: 2007-12-14. 
  4. "Buchanan spots Sachin's weakness!". Deccan Herald. http://www.deccanherald.com/Content/Nov292007/sports2007112938408.asp. अभिगमन तिथि: 2007-12-14. 
  5. 1st ODI: India v Pakistan at Kochi, 2 Apr 2005
  6. बीबीसी हिन्दी-स्पोर्ट स्टोरी
  7. इण्डिया क्रिकेट इन्फो डॉट कॉम-स्टोरी
  8. "सचिन तेंदुलकर ने लिया वनडे क्रिकेट से संन्यास". बीबीसी हिन्दी. 23 दिसंबर 2012. http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/12/121223_sachin_tendulkar_retirement_sdp.shtml. 
  9. "बड़ी खबर: सचिन तेंदुलकर ने किया टेस्ट से संन्यास का ऐलान". दैनिक जागरण. 10 अक्टूबर 2013. http://www.jagran.com/cricket/headlines-sachin-to-retire-after-200th-test-10787162.html. 
  10. "सचिन की चाहत हुई पूरी, मुंबई के वानखेड़े स्‍टेडियम में ही खेलेंगे अंतिम टेस्‍ट". जी न्यूज़. 15 अक्टूबर 2013. http://zeenews.india.com/hindi/news/sports/sachin-tendullkar-will-play-the-final-test-at-wankhede-stadium-in-mumbai/192643. 
  11. "विदाई के दिन सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न". बीबीसी हिन्दी. http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/11/131116_sachin_bharat_ratan_ra.shtml. अभिगमन तिथि: 16 नवम्बर 2013. 
  12. "सचिन तेंदुलकर को 'भारत रत्न' देने का ऐलान". नवभारत टाइम्स. 16 नवम्बर 2013. http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/sachin-tendulkar-to-be-given-bharat-ratna/articleshow/25887853.cms. अभिगमन तिथि: 16 नवम्बर 2013. 
  13. "सचिन और सीएनआर राव को मिला 'भारत रत्न'". बीबीसी हिन्दी. 4 फ़रवरी 2014. http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/02/140204_sachin_bharat_ratan_ml.shtml. अभिगमन तिथि: 4 फ़रवरी 2014. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]