दीपक अलंकार

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अलंकार चन्द्रोदय के अनुसार हिन्दी कविता में प्रयुक्त एक अलंकार


जब किसी पद में उपमेय (प्रस्तुत पदार्थ)तथा उपमान (अप्रस्तुत पदार्थ) दोनों के लिए एक ही साधारण धर्म होता है तो वहाँ दीपक अलंकार होता है।

जैसे: – कामिनी कन्त सों, जामिनी चन्द सों, दामिनी पावस मेघ घटा सों जाहिर चारिहु ओर जहान लसै, हिन्दवान खुमान शिवा सों।


यहाँ प्रस्तुत पदार्थ या उपमेय (हिन्दू सम्राट शिवाजी से शोभित संसार) तथा अप्रस्तुत पदार्थ या उपमानों (कामिनी, यामिनी, दामिनी, मेघ आदि) के लिए एक ही साधारण धर्म (लसै-सुशोभित होना) का प्रयोग हुआ है, अतः यहाँ दीपक अलंकार है।