चन्द्रगुप्त मौर्य के पूर्वज

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३०० ईसापूर्व में चन्द्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य

चन्द्रगुप्त मौर्य , अखंड भारत के संस्थापक थे। उन्होने नन्दवंश के धनानन्द के शासन का अन्त किया।

उनके जन्म तथा पूर्वजों के सम्बन्ध में कई तरह के मत हैं। विविध प्रमाणों और आलोचनात्मक समीक्षा के बाद यह तर्क निर्धारित होता है कि चन्द्रगुप्त मोरिय वंश का क्षत्रिय था। चन्द्रगुप्त के पिता मोरिय नगर प्रमुख थे। जब वह गर्भ में ही था तब उसके पिता की मृत्यु युद्धभूमि में हो गयी थी। उसका पाटलिपुत्र में जन्म हुआ था तथा एक गोपालक द्वारा पोषित किया गया था। चरावाह तथा शिकारी रूप में ही राजा-गुण होने का पता चाणक्य ने कर लिया था तथा उसे एक हजार में कषार्पण में खरीद लिया। तत्पश्‍चात्‌ तक्षशिला लाकर सभी विद्या में निपुण बनाया। अध्ययन के दौरान ही सम्भवतः चन्द्रगुप्त सिकन्दर से मिला था। ३२३ ई. पू. में सिकन्दर की मृत्यु हो गयी तथा उत्तरी सिन्धु घाटी में प्रमुख यूनानी क्षत्रप फिलिप द्वितीय की हत्या हो गई।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]