दुर्धरा

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भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध मौर्य राजवंश की स्थापना करने वाले सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की प्रथम पत्नी थीं। इन्हीं के गर्भ से बिन्दुसार का जन्म हुआ था।

  • जैन ग्रन्थों से ज्ञात होता है कि बिन्दुसार की माता का नाम दुर्धरा था।
  • 'परिशिष्टपर्वन' नामक जैन ग्रन्थ में बिन्दुसार के जन्म के विष्य में एक रोचक प्रसंग आया है। चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को विष का अभ्यास डालने के उद्देश्य से उनको भोजन में अल्प मात्रा में विष देना आरम्भ किया था। इसका उद्देश्य यह था कि यदि कोई शत्रु विष अथवा विषकन्या द्वारा चंद्रगुप्त की हत्या करने का प्रयास करे तो वह सफल न हो सके।
  • एक दिन चंद्रगुप्त मौर्य की पत्नी दुर्धरा ने भी उनके साथ भोजन किया, किन्तु विष के प्रभाव से उनकी मृत्यु हो गई। उस समय रानी दुर्धरा गर्भवती थीं। चाणक्य ने शीध्र ही उनके उदर को चिरवाकर बच्चे को निकलवा लिया। इस बालक के मस्तक पर विष की एक बूंद लगी थी, अतः उसका नाम बिन्दुसार रखा गया।

दुर्धरा के पति[संपादित करें]

मौर्य राजवंश के प्रथम सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य ही दुर्धरा के पति थे। सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य और राजकुमारी दुर्धरा को युवावस्था मे ही प्रेम हो गया था, धनानन्द को युद्ध मे हराने के बाद सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य ने उनसे विवाह कर लिया।


सन्दर्भ[संपादित करें]

[1]

यह भी देखिये[संपादित करें]


बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  1. Alexander and Chandragupta maurya the Great