अनानास

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
यह लेख आज का आलेख के लिए निर्वाचित हुआ है। अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें।
अनन्नास
पेड़ पर लगा एक अनन्नास
पेड़ पर लगा एक अनन्नास
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत: पादप
(अश्रेणिकृत) आङग्योस्पेर्मै
(अश्रेणिकृत) एकबीजपत्री
(अश्रेणिकृत) कोम्मेलीनीदै
गण: पोआलेस
कुल: ब्रोमेल्याकेऐ
उपकुल: ब्रोमेल्योईदेऐ
वंश: आनानास्
जाति: A. comosus
द्विपद नाम
Ananas comosus (आनानास कोमोसुस्)
(L.) मर्र.
पर्याय

आनानास् सातीवूस्'

अनन्नास (अंग्रेज़ी:पाइनऍप्पल, वैज्ञा:Ananas comosus) एक खाद्य उष्णकटिबन्धीय पौधे एवं उसके फल का सामान्य नाम है हालांकि तकनीकी दृष्टि से देखें, तो ये अनेक फलों का समूह विलय हो कर निकलता है।[1] यह मूलतः पैराग्वे एवं दक्षिणी ब्राज़ील का फल है।[2] अनन्नास को ताजा काट कर भी खाया जाता है और शीरे में संरक्षित कर या रस निकाल कर भी सेवन किया जाता है। इसे खाने के उपरांत मीठे के रूप में सलाद के रूप में एवं फ्रूट-कॉकटेल में मांसाहार के विकल्प के रूप में प्रयोग भी किया जाता है।[3] मिष्टान्न रूप में ये उच्च स्तर के अम्लीय स्वभाव (संभवतः मैलिक या साइट्रिक अम्ल) का होता है। अनन्नास कृषि किया गया ब्रोमेल्याकेऐ एकमात्र फल है।

अनन्नास फल व अनुप्रस्थ काट

अनन्नास के औषधीय गुण भी बहुत होते हैं। ये शरीर के भीतरी विषों को बाहर निकलता है। इसमें क्लोरीन की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही पित्त विकारों में विशेष रूप से और पीलिया यानि पांडु रोगों में लाभकारी है। ये गले एवं मूत्र के रोगों में लाभदायक है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] इसके अलावा ये हड्डियों को मजबूत बनाता है। अनन्नास में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। यह शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है। एक प्याला अनन्नास के रस-सेवन से दिन भर के लिए आवश्यक मैग्नीशियम के ७५% की पूर्ति होती है। साथ ही ये कई रोगों में उपयोगी होता है। इस फल में पाया जाने वाला ब्रोमिलेन सर्दी और खांसी, सूजन, गले में खराश और गठिया में लाभदायक होता है। यह पाचन में भी उपयोगी होता है। अनन्नास अपने गुणों के कारण नेत्र-ज्योति के लिए भी उपयोगी होता है। दिन में तीन बार इस फल को खाने से बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कम हो जाने का खतरा कम हो जाता है। आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों के शोधों के अनुसार यह कैंसर के खतरे को भी कम करता है। ये उच्च एंटीआक्सीडेंट का स्रोत है व इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और साधारण ठंड से भी सुरक्षा मिलती है। इससे सर्दी समेत कई अन्य संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।[3]

खेती एवं उत्पादन

अननास का उत्पादन – 2013
देश् उत्पादन (मिलियन टन)
Flag of Costa Rica.svg Costa Rica
2.7
Flag of the Philippines.svg फिलीपींस
2.5
Flag of Brazil.svg ब्राज़ील
2.5
Flag of Thailand.svg थाईलैण्ड
2.2
Flag of India.svg भारत
1.8
World
24.8
Source: FAOSTAT of the United Nations[4]

सन् 2013 में पूरे विश्व में अननास का उत्पादन 248 लाख टन था। सबसे अधिक उत्पादन कोस्टा रिका (Costa Rica) में हुआ था।[4]

अननास का खेत 

चित्र दीर्घा

सन्दर्भ

बाहरी कड़ियाँ