समान्तर श्रेढ़ी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गणित में समान्तर श्रेढ़ी (अंग्रेज़ी: Arithmetic progression) अथवा समान्तर अनुक्रम संख्याओं का एक ऐसा अनुक्रम है जिसके दो क्रमागत पदो का अन्तर नियत होता है। जैसे अनुक्रम 4, 7, 10, 13, 16 ... सार्व अंतर 3 के साथ एक समान्तर श्रेढ़ी है।

यदि किसी समान्तर श्रेढ़ी का प्रथम पद और सार्व अंतर d है तो श्रेढ़ी का iवाँ पद () निम्न प्रकार लिखा जाता है

और व्यापक रूप में

समान्तर श्रेढ़ी के परिमित भाग को परिमित समान्तर श्रेढ़ी कहते हैं और सामान्यतः केवल समान्तर श्रेढ़ी कहा जाता है। परिमित समान्तर श्रेढी का योग को समान्तर श्रेणी कहते हैं।

समान्तर श्रेढ़ी का व्यवहार इसके सार्व अन्तर d पर निर्भर करता है। यदि सार्व अन्तर:

  • धनात्मक है तो इसके पद धनात्मक अनन्त की ओर अग्रसर होंगे।
  • ऋणात्मक है तो इसके पद ऋणात्मक अनन्त की ओर अग्रसर होंगे।

योग[संपादित करें]

समान्तर श्रेढ़ी के n पदों का योग

.
.

विशिष्ट योग[संपादित करें]

यहाँ , .

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]