अनन्त समान्तर श्रेणी

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गणित में अनन्त समान्तर श्रेणी एक अनन्त श्रेणी है जिसके पद समान्तार श्रेढ़ी में होते हैं। उदाहरण के लिए 1 + 1 + 1 + 1 + · · · और 1 + 2 + 3 + 4 + · · ·, जहाँ सार्व अन्तर क्रमशः शून्य (0) और एक (1) हैं। एक अनन्त श्रेणी के लिए व्यापक पद निम्न प्रकार लिखा जा सकता है

यदि a = b = 0, तब श्रेणी का योग भी 0 ही होगा। यदि या तो a या फिर b शून्यतर (जो शून्य नहीं है) है तो श्रेणी अपसारी होगी और सामान्य रूप में अर्थहीन योग होगा।

ज़ेटा नियमितीकरण[संपादित करें]

ठीक रूप से एक समान्तर श्रेणी का ज़ेटा नियमितीकरण योग सम्बद्ध हुर्वित्ज़ ज़ेटा फलन का मान है,

यद्यपि ज़ेटा नियमितीकरण योग 1 + 1 + 1 + 1 + · · · से ζR(0) = −12 और 1 + 2 + 3 + 4 + · · · से ζR(−1) = −112 प्राप्त होता है, जहाँ ζ रीमान ज़ेटा फलन है, व्यापक रूप में उपर्युक्त व्यंजक के बराबर नहीं है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • ब्रेविक, आय॰ और एच॰ बी॰ नीलसन (1990). "Casimir energy for a piecewise uniform string". फिजिकल रिव्यू डी. 41 (4): 1185–1192. डीओआइ:10.1103/PhysRevD.41.1185. नामालूम प्राचल |month= की उपेक्षा की गयी (मदद)
  • एलिज़ल्द (Elizalde), ई॰ (1994). "ज़ेटा फलन नियमितीकरण भी इसी तरह से अद्वितीय रूप से परिभषित है (Zeta-function regularization is uniquely defined and well)". जरनल ऑफ फिजिक्स ए: Mathematical and General. 27 (9): L299–L304. डीओआइ:10.1088/0305-4470/27/9/010. नामालूम प्राचल |month= की उपेक्षा की गयी (मदद) (arXiv preprint)
  • ली, Xinzhou; जीं शी; और जिंगु झांग (1991). "Generalized Riemann ζ-function regularization and Casimir energy for a piecewise uniform string". Physical Review D. 44 (2): 560–562. डीओआइ:10.1103/PhysRevD.44.560. नामालूम प्राचल |month= की उपेक्षा की गयी (मदद)

ये भी देखें[संपादित करें]