अररिया जिला
अररिया ज़िला
Araria district | |
|---|---|
| बिहार का ज़िला | |
सुल्तान पोखर, फारबिसगंज में सूर्यास्त | |
बिहार में स्थिति | |
| देश | |
| राज्य | बिहार |
| स्थापना | 14 जनवरी 1990 |
| मुख्यालय | अररिया |
| ब्लॉक | 9 |
| क्षेत्रफल | |
| • कुल | 2,830 kमी2 (1,090 वर्ग मील) |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 28,11,569 |
| • घनत्व | 993/किमी2 (2,570/मील2) |
| भाषा | |
| • प्रचलित | हिन्दी, मैथिली, ठेठि |
| जनसांख्यिकी | |
| • साक्षरता | 53.53% |
| • लिंगानुपात | 921 |
| समय मण्डल | भारतीय मानक समय (UTC+5:30) |
| वेबसाइट | araria |
अररिया ज़िला (Araria district) भारत के बिहार राज्य का एक ज़िला है। अररिया इसका मुख्यालय है। यह ज़िला बिहार के पूर्वोत्तरी भाग में है और इसकी उत्तरी सीमाएँ नेपाल से सटी हुई हैं। यह पूर्णिया प्रमंडल का भाग है।[1][2]
विवरण
[संपादित करें]जिले में 2830 वर्ग किमी क्षेत्र का क्षेत्रफल है। यहाँ से पर्वत कंचनजंघा (हिमालयन रेंज के महान चोटियों में से एक) का दृश्य देखा जा सकता है। इस जिले में कुल 2 उपखंड अररिया और फारबिसगंज एवं 9 प्रखंड हैं । अररिया उपखंड में छह प्रखंड अररिया, जोकीहाट, कुर्साकांटा, रानीगंज, सिकटी और पलासी एवं फारबिसगंज उपखंड में तीन प्रखंड फारबिसगंज, नरपतगंज और भरगामा हैं । इस जिले में छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं: नरपतगंज, रानीगंज (अ० जा०), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट और सिकटी। ये सभी अररिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा हैं।
नामोत्पत्ति
[संपादित करें]ब्रिटिश काल के दौरान, क्षेत्र जहां श्री फोर्ब्स का बंगला स्थित था, उसे “आवासीय क्षेत्र” कहा जाता था, जो कि लोगों को आर एरिया में संक्षिप्त किया गया था। समय के साथ आर एरिया उच्चारण से अररिया जिला का नाम का अधिग्रहण हुआ।
इतिहास
[संपादित करें]1964 में तत्कालीन पूर्णिया जिला का वर्तमान समय में जिला का क्षेत्र अररिया उपखंड बन गया। अररिया जिला जनवरी 1990 में पूर्णिया प्रमंडल के तहत प्रशासनिक जिला बना ।
भूगोल व अर्थव्यवस्था
[संपादित करें]अररिया जिला में 2830 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल है। अररिया जिला की प्रमुख नदियां कोसी, सुवाड़ा, काली, परमार और कोली हैं। अररिया जिला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर करती है। इस जिला का मुख्य कृषि उत्पादन धान, मक्का और जूट हैं।
पर्यटन
[संपादित करें]विश्व का सबसे ऊँची खड़गेश्वरी काली मंदिर अररिया मे ही स्थित है। इस मंदिर का महान साधक श्री नानू बाबा है। जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुन्दरनाथ धाम (सुंदरी मठ) है, जहाँ की बिहार का सबसे ऊंचा शिवलिंग है। कहा जाता है कि महाभारत के समय जब पाण्डव अज्ञात वास के दौरान विराट राजा के दरबार में छिप कर रहे थे तो कुन्ती के साथ पाँचों पांडव यहीं पे शिवलिंग का पूजा करने आते थे । जिला मुख्यालय से लगभग 10 कि.मी. की दूरी पर स्थित बाबा मदनेश्वर धाम मदनपुर हैं, जहां हर साल महाशिवरात्रि मेला लगता है, जहां (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, नेपाल आदि) पर्यटन आते हैं। बाबा मदनेश्वर धाम मदनपुर अररिया जिला के प्राचीनतम मंदिर है। मदनपुर मे सार्वजनिक काली मंदिर भी है।
फारबिसगंज का ऐतिहासिक सुल्तान पोखर शहर का मुख्य नदी है। अररिया जिले में कुसियारगांव पार्क स्थित है जो बिहार इकलौता बायोडायवर्सिटी पार्क है।
जनसांख्यिकी
[संपादित करें]2011 की जनगणना के अनुसार, अररिया जिला की आबादी 28,11,569 है। जिला की जनसंख्या घनत्व 993 प्रति व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है 2001-2011 के दशक में इसकी जनसंख्या वृद्धि दर 30% थी | अररिया में प्रत्येक 1000 पुरुषों के लिए 921 महिलाओं की लिंग अनुपात और 55.55% साक्षरता दर है।
इतिहास
[संपादित करें]नेपाल की तराई से सटा हुआ यह ज़िला पहले पूर्णिया का हिस्सा था जिसे 14 जनवरी 1990 में पूर्ण रूप से ज़िला बना दिया गया। यह ज़िला प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की कर्मभूमि रहा है। अररिया जिला के वर्तमान सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह जो भारतीय जनता पार्टी से है। अररिया जिला में छः (6) विधानसभा है अररिया से, फारबिसगंज, नरपतगंज, रानीगंज, जोकीहाट एवं सिकटी।
जनसंख्या
[संपादित करें]२००१ की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या:[3]
- शहरी क्षेत्र:- १,३२,३५१
- देहाती क्षेत्र:- २०,२६,२५७
- कुल:- २१,५८,६०८
2011 की जनगणना के अनुसार, अररिया जिला की आबादी 28,11,569 है। जिला की जनसंख्या घनत्व 993 प्रति व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है 2001-2011 के दशक में इसकी जनसंख्या वृद्धि दर 30% थी | अररिया में प्रत्येक 1000 पुरुषों के लिए 921 महिलाओं की लिंग अनुपात और 53.53% साक्षरता दर है।
उत्तर बिहार बाढ़ 2017
[संपादित करें]2017 बाढ़ से उत्तर बिहार के 19 जिलों पर 514 लोगों की मृत्यु हुई,[4] जिसमें अररिया जिले में अकेले 95 लोगों की मृत्यु हुई।[5][6][7][8] बाढ़ ने अररिया में 18 साल से 215 लोगों का दावा किया है, जिनमें से 2016 में 61। [9]
कृषि
[संपादित करें]अररिया जिला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर करती है। इस जिला का मुख्य कृषि उत्पादन धान, मकई और पटसन है।
शिक्षा
[संपादित करें]53.53% साक्षरता दर है।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]बाहरी कडियाँ
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Sinha, Udai Prakash; Kumar, Swargesh (2012). Bihar Tourism: Retrospect and Prospect (अंग्रेज़ी भाषा में). Concept Publishing Company. ISBN 978-81-8069-799-9. मूल से से 2017-01-18 को पुरालेखित।.
- ↑ Singh, G. P. (1993). Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar (अंग्रेज़ी भाषा में). Mittal Publications. ISBN 978-81-7099-381-0.
- ↑ "अररिया की जनसंख्या". मूल से से 29 सितंबर 2007 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 9 जुलाई 2007.
- ↑ "बिहार में बाढ़ से अब तक 514 मरे, नीतीश ने की समीक्षा बैठक". मूल से से 29 अगस्त 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 29 अगस्त 2017.
- ↑ "Floods claim 42 more lives, toll rises to 482". 6 सितंबर 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 28 अगस्त 2017.
- ↑ "Bihar flood toll reaches 418; 1.67 crore affected in 19 districts". 2 सितंबर 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 25 अगस्त 2017.
- ↑ "Bihar flood toll mounts to 379, Nitish visits flood-hit areas".
- ↑ "बिहार : बाढ़ ने लिखी खौफनाक कहानी, अबतक 379 व्यक्तियों की मौत और 1.61 करोड आबादी प्रभावित". मूल से से 25 अगस्त 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 25 अगस्त 2017.
- ↑ "Changing patterns of Bihar floods a cause for concern for state authorities". 10 सितंबर 2017 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 10 सितंबर 2017.