मुखपृष्ठ
मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
(
Main Page से अनुप्रेषित)
निर्वाचित लेख
|
|
1896 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, जो आधिकारिक तौर पर पहले ओलम्पियाड खेल के रूप में जानी जाती है, एक बहु-खेल प्रतियोगिता थी जो यूनान की राजधानी एथेंस में 6 अप्रैल से 15 अप्रैल, 1896 के बीच आयोजित हुई थी। ये आधुनिक युग में आयोजित होने वाली पहली अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता थी। चूँकि प्राचीन यूनान ओलम्पिक खेलों का जन्मस्थान था, अतएव एथेंस आधुनिक खेलों के उद्घाटन के लिए उपयुक्त विकल्प माना गया था। यह सर्वसम्मति से जून 23, 1894, को पियरे डे कोबेर्टिन, फ्रांसीसी शिक्षाशास्त्री और इतिहासकार, द्वारा पेरिस में आयोजित एक सम्मेलन (कांग्रेस) के दौरान मेज़बान शहर के रूप में चुना गया था। अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) भी इस सम्मेलन के दौरान स्थापित की गई थी। अनेक बाधाओं और असफलताओं के बावजूद, 1896 ओलम्पिक एक बड़ी सफलता के रूप में माने गये थे। यह उस समय तक के किसी भी खेल आयोजन की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी थी। 19वीं सदी में प्रयोग किया एकमात्र ओलम्पिक स्टेडियम, पानाथिनाइको स्टेडियम, किसी भी खेल प्रतिस्पर्धा को देखने के लिए आई सबसे बड़ी भीड़ से उमड़ गया था। विस्तार से पढ़ें...
रक्षाबंधन एक भारतीय त्यौहार है जो श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। सावन में मनाए जाने के कारण इसे सावनी या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबंधन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चांदी जैसी मंहगी वस्तु तक की हो सकती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को बांधती हैं परंतु ब्राहमणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित संबंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बांधी जाती है। कभी कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठत व्यक्ति को भी राखी बांधी जाती है।
प्रकृति संरक्षण के लिए वृक्षों को राखी बांधने की परंपरा का भी प्रारंभ हो गया है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुरुष सदस्य परस्पर भाईचारे के लिए एक दूसरे को भगवा रंग की राखी बांधते हैं। रक्षासूत्र बांधते समय आचार्य एक श्लोक का उच्चारण करते हैं, जिसमें रक्षाबन्धन का सम्बन्ध राजा बलि से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है। यह श्लोक रक्षाबंधन का अभीष्ट मंत्र है। श्लोक में कहा गया है कि जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षाबन्धन से मैं तुम्हें बांधता हूं जो तुम्हारी रक्षा करेगा। संपूर्ण लेख पढ़ें…
|
|
|
समाचार
|
|
- लोकप्रिय संगीतकार, गायक और संस्कृतिकर्मी भूपेन हज़ारिका का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है।
- चीन ने मानवरहित अंतरिक्ष यान शेनझोऊ-८ को गोबी मरुस्थल में स्थित जियूकन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से सफलता पूर्वक प्रक्षेपित किया।
- तुर्की के पूर्वी वान क्षेत्र में आए ७.२ की तीव्रता वाले भूकंप में अब तक 264 लोग मारे गए तथा १३०० लोग घायल हो गए।
- लीबिया के ४० वर्षों तक राष्ट्रपति रहे कर्नल मुअम्मर गद्दाफी को राष्ट्रीय परिवर्तन परिषद के सैनिकों ने मार गिराया।
- भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने जून १९९७ में हुए उपहार थिएटर अग्निकांड मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पीड़ितों के लिए निर्धारित की गई मुआवजा राशि और सिनेमा मालिक अंसल बंधुओं पर लगाई गई दंडात्मक हर्जाना घटा दी।
- इंडोनेशिया के बाली द्वीप में ६.१ की तीव्रता का भूकंप आया।
- भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने 2005 के सितंबर माह के बाद से बिना वसीयतनामा वाले हिंदू परिवारों के पैतृक संपत्ति के बंटवारे में किसी महिला या लड़की का परिवार के पुरुष सदस्य के बराबर हिस्सा मिलने का निर्णय दिया।
|
|
क्या आप जानते हैं?
|
|
|
|
|
|
निर्वाचित चित्र
|
|
काठमाण्डू के दरबार स्क्वेयर चौक में बैठे तीन साधुओं की चित्र।
|
|
आज का आलेख
|
|
बज्जिका मुख्यतः बिहार में तिरहुत प्रमंडल के चार जिले शिवहर, सीतामढी, मुजफ्फरपुर, वैशाली एवं दरभंगा प्रमंडल के समस्तीपुर एवं मधुबनी जिला के पश्चिमी भाग में बोली जाने वली एक भाषा है। भारत में २००१ की जनगणना के अनुसार इन जिलों के लगभग १ करोड़ १५ लाख लोग बज्जिका बोलते हैं। नेपाल के रौतहट एवं सरलाही जिला एवं उसके आस-पास के तराई क्षेत्रों में बसने वाले लोग भी बज्जिका बोलते हैं। वर्ष २००१ के सर्वेक्षण के अनुसार नेपाल में २,३८,००० लोग बज्जिका बोलते है। उत्तर बिहार में बोली जाने वाली दो अन्य भाषाएँ भोजपुरी एवं मैथिली के बीच के क्षेत्रों में बज्जिका सेतु रुप में बोली जाती है। बज्जिका की प्राचीनता एवं गरिमा वैशाली गणतंत्र के साथ जुड़ी हुई है। लगभग २५०० वर्ष पूर्व भारत में स्थापित वैशाली गणराज्य ( महाजनपद) का राज्य-संचालन अष्टकुल के द्वारा होता है। ये अष्टकुल थे- लिच्छवी, वृज्जी ( वज्जि), ज्ञात्रिक, विदेह, उगरा, भोग, इक्ष्वाकु और कौरव। इनमें बज्जिकुल एवं लिच्छवी कुल सबसे प्रधान था। बज्जियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली बोली बज्जिका कहलाने लगी। विस्तार में...
त्रिआयामी होलोग्राफी ( अंग्रेज़ी: थ्री डी होलोग्राफ़ी) एक स्टेटिक किरण प्रादर्शी प्रदर्शन युक्ति होती है। यह शब्द यूनानी, ὅλος होलोस यानि पूर्ण + γραφή ग्राफ़ी यानि लेखन या आरेखन से निकला है। इस तकनीक में किसी वस्तु से निकलने वाले प्रकाश को रिकॉर्ड कर बाद में पुनर्निर्मित किया जाता है, जिससे उस वस्तु के रिकॉर्डिंग माध्यम के सापेक्ष छवि में वही स्थिति प्रतीत होती है, जैसी रिकॉर्डिंग के समय थी। ये छवि देखने वाले की स्थिति और ओरियन्टेशन के अनुसार वैसे ही बदलती प्रतीत होती है, जैसी कि उस वस्तु के उपस्थित होने पर होती। इस प्रकार अंकित छवि एक त्रिआयामी चित्र प्रस्तुत करती है और होलोग्राम कहलाती है। विस्तार में...
|
|
|
बन्धु प्रकल्प एवं अन्य भाषाओं में
|
|
|
|
|
विश्वज्ञानकोष
|
|
|
|
|