वज्जि

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वज्जि या वृजि प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक था। कई छोटे राज्यों को मिलाकर इसकी उत्पत्ति हुई थी। इसकी राजधानी वैशाली थी।[1] वैशाली के गणराज्य बनने के बाद इसका राज्य-संचालन अष्टकुल द्वारा होने लगा। उस समय वज्जि एवं लिच्छवी कुल सार्वाधिक महत्वपूर्ण हो गया। वज्जियों द्वारा बोली जाने वाली भाषा बज्जिका कहलाने लगी जो आज भी बिहार के वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर एवं समस्तीपुर के अलावे नेपाल के सरलाही तथा रौतहट जिला में लगभग २ करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. नाहर, डॉ रतिभानु सिंह (1974). प्राचीन भारत का राजनैतिक एवं सांस्कृतिक इतिहास. इलाहाबाद, भारत: किताबमहल. प॰ 112. 


यह भी देखें[संपादित करें]