बेतला राष्ट्रीय उद्यान

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बेतला राष्ट्रीय उद्यान झारखंड प्रान्त के हजारीबाग में स्थित है।

बेतला/पालामऊ राष्ट्रीय उद्यान
स्थिति मानचित्र
स्थिति लातेहर जिला, झारखंड, भारत
निकटतम शहर लातेहर
क्षेत्रफ़ल १,०२६ वर्ग किलोमीटर
स्थापित १९७४
प्रशासन Forest Department of Jharkhand

पलामू व्याघ्र आरक्षित वन झारखंड के छोटा नागपुर पठार के लातेहर जिले में स्थित है। यह १९७४ में बाघ परियोजना के अंतर्गत गठित प्रथम ९ बाघ आरक्षों में से एक है।पलामू व्याघ्र आरक्ष १,०२६ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें पलामू वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्रफल 980 वर्ग किलोमीटर है। अभयारण्य के कोर क्षेत्र 226 वर्ग किलोमीटर को बेतला राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया है।पलामू आरक्ष के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं बाघ, हाथी, तेंदुआ, गौर, सांभर और चीतल।

पलामू ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सन १८५७ की क्रांति में पलामू ने अहम भूमिका निभाई थी। चेरो राजाओं द्वारा निर्मित दो किलों के खंडहर पलामू व्याघ्र आरक्ष में विद्यमान हैं।पलामू में कई प्रकार के वन पाए जाते हैं, जैसे शुष्क मिश्रित वन, साल के वन, और बांस के झुरमुट, जिनमें सैकड़ों वन्य जीव रहते हैं।पलामू के वन तीन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करते हैं। ये नदियां हैं उत्तर कोयल, औरंगा और बूढ़ा।२०० से अधिक गांव पलामू व्याघ्र आरक्ष पर आर्थिक दृष्टि से निर्भर हैं। इन गांवों की मुख्य आबादी जनजातीय है। इन गांवों में लगभग १,००,००० लोग रहते हैं।पलामू के खूबसूरत वन, घाटियां और पहाड़ियां तथा वहां के शानदार जीव-जंतु बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

इतिहास[संपादित करें]

चित्र:Betla1.jpg
पलामू का किला

पलामू में वैज्ञानिक संरक्षण प्रयासों का इतिहास काफी लंबा है। देश में बाघों की गणना पहली बार पलामू में ही सन १९३२ को हुई थी।

प्रथम प्रबंध योजना

पलामू की प्रथम प्रबंध योजना (१९७४-७५ से १९७८-७९) भारतीय वन सेवा के श्री बी. एन. सिन्हा ने तैयार की। आप उस समय रांची कार्यालय में दक्षिणी अंचल के योजना अधिकारी के पद पर कार्य कर रहे थे। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य थे जल-स्रोतों का विकास, अवैध शिकार की रोकथाम, जंगल में मवेशियों की चराई नियंत्रित करना, अग्नि सुरक्षा प्रबंध और आरक्ष के लिए बेहतर संरचनात्मक सुविधाएं प्राप्त करना।

द्वितीय प्रबंध योजना

यह श्री आर. सी. सहाय, तत्कालीन क्षेत्र निदेशक, पलामू आरक्ष, द्वारा तैयार की गई। इसकी कालावधि १९८७-८८ से १९९६-९७ तक थी। इस योजना के उद्देश्यों में शामिल थे, वैज्ञानिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिकीय संतुलन हेतु बाघ और अन्य वन्य जंतुओं और आरक्ष के पेड़-पौधों की उपयुक्त संख्या बनाए रखना।इस योजना के दौरान आरक्ष में चौमुखी प्रगति देखी गई। पानी के मामले में आरक्ष लगभग आत्मनिर्भर हो गया। कोर क्षेत्र में चराई और मानव-जनित आग को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया। जहां भी खरपतवार हटाए गए, वहां साल और खैर का सफल पुनरुत्पादन हुआ। जंगली जानवरों की संख्या भी बढ़ी।पालतू पशुओं के टीकाकरण पर काफी ध्यान दिया गया, विशेषकर मुंह-खुर रोग के विरुद्ध। इसके कारण इस भयंकर बीमारी के कारण गौरों के मरने की घटनाएं नियंत्रित हुईं।शाकाहारी प्राणियों और बाघ की गणना नियमित रूप से होती रही।

वन्यजीव गणना के आंकड़े[संपादित करें]

वर्ष बाघ तेंदुआ हाथी गौर चीतल
१९९२ ५५ ६० ११५ ७२७ १५,६८८
१९९३ ४४ ६० ११९ ७२१ १५,२३२
१९९४ ४९ ६० १४० ७४० १५,३१८
१९९५ ५० ६१ १५५ ५९३ १५,८५९
१९९६ ४० ६० १५८ ५१७ १३,०१४
१९९७ ४४ ६४ - - -
१९९९ ३७-४६ ५३-५५ २०१ ३६१ १३,१३४
२००० ३७ ५३-५५ १७५ ३२२ १२,९६९
२००२ ३८-४० ५९-६० १८१-१९९ २४६ १४,३७५
२००३ ३६-३८ ६२ २०५-२१५ २४९ १२,५८६
२००४ ३८ ६२ २६० २६० १३,१४७

वन्यजीवन[संपादित करें]

चित्र:Betlapic.jpg
बेतला के बाघ

पलामू जैविक विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। पलामू में हैं :

  • पौधों की लगभग ९७० जातियां, जिनमें शामिल हैं :
    • १३९ जड़ी-बूटियां
    • घासों की १७ जातियां
  • स्तनधारियों की ४७ जातियां
  • पक्षियों की १७४ जातियां
  • छोटे जीवधारियों की असंख्य जातियां

पलामू के इस विविध जीव-समुदाय को सहारा देने के लिए वहां वास-स्थलों और पारिस्थितिक तंत्रों की पर्याप्त विविधता है।

पलामू के स्तनधारी[संपादित करें]

भारत में पाए जानेवाले लगभग सभी बड़े स्तनधारी प्राणी, मसलन बाघ, हाथी, गौर, तेंदुआ, सोन कुत्ता, सांभर और तेंदुआ पलामू में विद्यमान हैं। कुल मिलाकर पलामू में स्तनधारियों की ४७ जातियां हैं। इनमें से कुछ प्रमुख स्तनधारियों के बारे में

पलामू के स्तनधारियों की सूची
अंग्रेजी नाम वैज्ञानिक नाम हिंदी नाम
Barking Deer Muntiacus muntjak काकड़
Chital Axis axis चीतल
Chowsingha Tetraceros quadricornis चौसिंगा
Common Langur Presbytis entellus लंगूर
Common Mongoose Herpestes edwardsi नेवला
Common Palm Civet Paradoxurus hermaphroditus मुसंग
Elephant Elephas maximus हाथी
Fruit Bat Rousettus leschenaulti गादुर
Gaur Bos gaurus गौर
Grey Musk Shrew Suncus murinus छछुंदर
Indian Bush Rat Golunda ellioti चूहा
Indian Field Mouse Mus booduga मूस
Indian Flying Fox Pteropus giganteus बड़ा चमगादड़
Indian Fox Vulpes bengalensis लोमड़ी
Indian Gerbille Tatera indica मरु मूषक
Indian Giant Squirrel Ratufa indica भारतीय विशाल गिलहरी
Indian Hare Lepus nigricollis खरगोश
Indian Pangolin Manis crassicaudata वज्रशल्क
Indian Porcupine Hystrix indica सेही
Indian Wild Dog Cuon alpinus सोनकुत्ता, ढोल
Jackal Canis aureus गीदड़, सियार
Jungle Cat Felis chaus जंगली बिल्ली
Leopard Panthera pardus तेंदुआ
Long-tailed Tree Mouse Vendeleuria oleracea लंबी पूंछवाला तरु मूषक
Mouse Deer Tragulus meminna पिसूरा, मूषक मृग
Nilgai Boselaphus tragocamelus नीलगाय
Ratel Mellivora capensis बिज्जू
Rhesus Macaque Macaca mulatta बंदर
Sambhar Cervus unicolor सांभर
Short-nosed Fruit Bat Cynopterus sphinx चपटी नाकवाला गादुर
Sloth Bear Melursus ursinus भालू
Small Indian Civet Viverricula indica खटास
Small Indian Mongoose छोटा नेवला
Striped Hyena Hyaena hyaena लकड़बग्घा
Three-striped Palm Squirrel Funambulus palmarum गिलहरी
Tiger Panthera tigris बाघ
Wild Pig Sus scrofa जंगली सूअर
Wolf Canis lupus भेड़िया

पक्षी[संपादित करें]

पलामू जैसे किसी वन के सबसे आकर्षक एवं रंगबिरंगे निवासी पक्षी ही होते हैं। पलामू में १७४ प्रकार के पक्षी हैं। इनमें शामिल हैं डोगरा चील, शिकरा आदि शिकारी पक्षी, मोर, तीतर, लाल जंगली मुर्गी जैसे जमीन पर रहनेवाले पक्षी, छपका, उल्लू, चुगद आदि रात्रिचर पक्षी, जलमोर, बगुले आदि जलपक्षी। कुछ अन्य सुंदर पक्षियों में शामिल हैं दूधराज, धनेश, किलकिला और कोयल। कोयल झारखंड का प्रतीक पक्षी है। पलामू के पक्षियों की पूर्ण सूची

पलामू के पक्षियों की सूची
अंग्रेजी नाम वैज्ञानिक नाम हिंदी नाम
Alexandrine Parakeet, Large Indian Parakeet Psittacula eupatria हीरामन तोता
Ashy Swallow Shrike Artamus fuscus
Ashy Wren Warbler Prinia socialis सलेटी फुदकी
Bank Myna Acridotheres ginginianus गंगा मैना
Barn Owl, Screech Owl Tyto alba करैल
Barred Jungle Owlet Glaucidium radiatum
Baya, Weaver Bird Ploceus philippinus बया
Baybacked Shrike Lanius vittatus पचनक लटोरा
Black Bird Turdus merula
Black Drongo, King Crow Dicrurus adsimilis कोतवाल, भुजंगा
Black Ibis Pseudibis papillosa मुंडा, काला बुज्जा
Black Partridge Francolinus francolinus काला तीतर
Blackbellied Finch Lark Eremopterix grisea दियोरा
Blackbreasted Quail, Rain Quail Coturnix coromandelica चनक, चीनी बटेर
Blackbreasted Weaver Bird Ploceus benghalensis सरबो बया
Blackheaded Cuckoo Shrike Coracina melanoptera कलसिरी कसाया
Blackheaded Munia Lonchura Malacca नकलनूर
Blackheaded Oriole Oriolus xanthornus टोपीदार पीलक
Blacknecked Stork Ephippiorhynchus asiaticus लोहारजंग
Blackwinged Kite Elanus cairuleus कपासी
Blackwinged Stilt Himantopus himantopus गजपांव
Blossomheaded Parakeet Psittacula cyanocephala टुइयां तोता
Blue Jay, Indian Roller Coracias benghalensis चाष
Bluelegged Bustard Turnix suscitator गुलु
Bluetailed Bee-eater Merops philippinus नीलपूंछ पतरिंगा
Bluethroated Barbet Megalaima asiatica कुदरू
Brahminy Kite Haliastur Indus ब्राह्मणी चील
Brahminy Myna, Blackheaded Myna Sturnus pagodarum पवई
Brown Fish Owl Bubo zeylonensis मुआ
Cattle Egret Bubulcus ibis गाय बगुला
Chestnut Bittern Ixobrychus cinnamomeus लाल बगुली
Chestnutbellied Nuthatch Sitta castanea सिरि
Chestnutheaded Bee-eater Merops leschenaulti
Collared Scopes Owl Otus bakkamoena थरकावी चुगद
Common Babbler Turdoides caudatus चिलचिल
Common Green Pigeon Treron phoenicoptera हिरियल
Common Grey Hornbill Tockus birostris लामदार धनेश
Common Hawk Cuckoo, Brain Fever Bird Cuculus varius पपीहा
Common Indian Nightjar Caprimulgus asiaticus जंगली छपका
Common Pariah Kite Milvus migrans चील
Common Peafowl Pavo cristatus मोर
Common Quail Couturnix coturnix बटेर
Common Sandgrouse Pterocles exustus कुहार भटतीतर
Common Sandpiper Tringa hypoleucos पनेवा
Common Swallow Hirundo rustica अबाबील
Common Teal Anas crecca चैती, छोटी मुर्गाबी
Common Wood Shrike Tephrodornis pondicerianus खरकटा लटोरा
Crested Hawk Eagle Spizaetus cirrhatus शाहबाज
Crested Lark Galerida cristata चंडूल
Crested Serpent Eagle Spilornis cheela डोगरा चील
Crested Tree Swift Hemiprocne longipennis ताजदार अबाबील
Crimsonbreasted Barbet, Coppersmith Megalaima haemacephala ठठेरा
Crow Pheasant, Coucal Centropus siensis महोख
Curlew Numenius arquata गुलिंदा
Golden Oriole Oriolus oriolus पीलक
Goldenbacked Woodpecker Dinopium bengalense सोनपिठा कठफोड़
Goldfronted Chloropsis Chloropsis aurifrons हरेवा
Goldmantled Chloropsis Chloropsis cochinchinensis
Green Munia Estrilda Formosa हरी मुनिया
Grey Heron Ardea cinerea अंजन
Grey Partridge Francolinus pondicerianus तीतर
Grey Tit Parus major रामगंगरा
Grey Wagtail Motacilla caspica भूरा खंजन
Greyheaded Flycatcher Culicicapa ceylonensis पिलपेटी मछमरनी
Greyheaded Myna Sturnus malabaricus गलार
Hoopoe Upupa epops हुदहुद
House Crow Corvus splendens कौआ
House Sparrow Passer domesticus गौरैया
House Swift Apus affinis बतासी
Indian Great Horned Owl घुग्घू
Indian Myna Acridotheres tristis मैना
Indian Pipit Anthus novaeseelandiae रूगेल
Indian Pitta Pitta brachyuran सतरंगा
Indian Quail Turnix tanki लव्वा
Indian Robin Saxicoloides fulicata कलचिड़ी
Indian Small Skylark Alauda guagula भरुही
Indian Whiskered Tern Chilidonias hybrida कुररी
Indian Wren Warbler Prinia subflava फुदकी
Iora Aegithina tiphia सुभागी
Jungle Babbler Turdoides stiatus सतभैया
Jungle Bush Quail Perdicula asiatica गिरजा बटई
Jungle Crow Corvus macrorhynchos जंगली कौआ
Jungle Myna Acridotheres fuscus जंगली मैना
King Vulture Torgos calvus राजगिद्ध
Koel Eudynamys scolopacea कोयल
Large Cuckoo Shrike Coracina novaehollandiae कसाया
Large Grey Babbler Turdoides malcolmi गौगाई
Large Pied Wagtail Motacilla maderaspatensis ममोला, खंजन
Little Brown Dove Streptopelia senegalensis टुटरू फाख्ता
Little Egret Egretta garzetta करछिया बगुला
Little Green Bittern Butorides striatus हरी बगुली
Little Ringed Plover Charadrius dubius कंठिया टिट्टिभ
Little Stint Calidris minutus पनलवा
Lorikeet Loriculus vernalis
Magpie Robin Copsychus saularis दहियल
Mahratta Woodpecker Picoides mahrattensis मराठा कठफोड़ा
Malabar Pied Hornbill Authracoceros coronatus मलबार अबलख धनेश
Night Heron Nycticorax nicticorax वाक
Painted Sandgrouse Pterocles indicus भटबन
Palm Swift Cypsiurus parvus ताड़ी अबाबील
Paradise Flycatcher Terpsiphone paradise दूधराज
Pied Bushchat Saxicola caprata काला पिद्दा
Pied Kingfisher Ceryle rudis कौड़िल्ला
Pied Myna Sturnus contra अबलख मैना
Pigmy Woodpecker Picoides nanus छोटा कठफोड़
Pintail Duck Anas acuta सींखपर
Pond Heron, Paddy Bird Ardeola grayii अंधा बगुला
Purple Sunbird Nectarinia asiatica शक्करखोरा
Purplerumped Sunbird Nectarinia zeylonica जुगजुगी
Quaker Babbler Alcippe poioicephala
Racket-tailed Drongo Dicrurus paradiseus भीमराज
Red Jungle Fowl Gallus gallus लाल जंगली मुर्गी
Red Munia, Waxbill Estrilda amandava लाल मुनिया
Red Spurfowl Galloperdix spadicea
Redrumped Swallow, Striated Swallow Hirundo मसजिद अबाबील
Redshank Tringa totanus सूरमा
Redvented Bulbul Pycnonotus cafer बुलबुल
Redwattled Lapwing Vanellus indicus टिटिहरी
Redwhiskered Bulbul Pycnonotus jocosus सिपाही बुलबुल
Redwinged Bush Lark Mirafra erythroptera अगिया
Ring Dove Streptopelia Decaocto धवर फाख्ता
River Tern Sterna aurantia बड़ी कुररी
Roseringed Parakeet Psittacula krameri तोता
Rufous Woodpecker Micropternus brachyurus लालपिठा कठफोड़
Rufousbacked Shrike Lanius schach कजला लटोरा
Rufousbellied Babbler Dumetia hyperythra
Rufoustailed Finch Lark Ammomanes phoenicurus भरदूल, रेतल
Scarlet Minivet Pericrocotus flammeus सहेली
Shama Copsychus malabaricus शामा
Shikra Accipiter badius शिकरा
Short-toed Eagle Circaetus gallicus सांपमार
Sirkeer Cuckoo Taccocua reschenaultii सरकीर
Slatyheaded Scimitar Babbler Pomatorhinus schisticeps वन कचपचिया
Small Blue Kingfisher Alcedo atthis कौड़िल्ली
Small Green Bee-eater Merops orientalis पतेना
Small Minivet Pericrocotus cinmamomeus बुलालचश्म
Spotted Babbler Pellorneum ruficeps
Spotted Dove Streptopelia chinensis चित्ता फाख्ता
Spotted Munia Lonchura punctulata तेलिया मुनिया
Stone Curlew Burhinus oedicnemus बरसिरी
Streaked Fantail Warbler Cisticola juncidis घास फुदकी
Streaked Weaver Bird Ploceus manyar तेलिया बया
Tailor Bird Orthotomus sutorius दर्जी
Tawny Eagle Aquila rapax उकाब
Thickbilled Flowerpecker Dicaeum agile फुलसूंघी
Tickell’s Blue Flycatcher Muscicapa thalassina अधरंग
Tickell’s Flowerpecker Dicaeum erythrorhynchos
Tree Pie Dendrocitta vagabunda महालट
Verditer Flycatcher Terpsiphone paradise नीलकटकटिया
White Eye Zosterops palpebrosa बबूना
White Ibis Threskiormis aethiopica सफेद बुज्जा
White Scavenger Vulture Nephron percnopterus गोबर गिद्ध
White Stork Ciconia ciconia गैबर
White Wagtail Motacilla alba धोबन
Whitebacked Munia Lonchura malabarica शाकारी मुनिया
Whitebacked Vulture Gyps bengalensis चमर गिद्ध
Whitebellied Drongo Dicrurus caerulescens केशराज, पहाड़ी भुजंगा
Whitebreasted Kingfisher Halcyon smyrnensis किलकिला
Whitebreasted Waterhen Amaurornis phoenicurus डाउक
White-eyed Buzzard Butastur teesa टीसा
Whitenecked Stork Ciconia episcopus लगलग
Whitespotted Fantail Flycatcher Rhipidura albicollis छतरदुमा
Wiretailed Swallow Hirundo smithii लीशरा
Wood Sandpiper Tringa glareola वन जलरंक
Yellow Wagtail Motacilla flava
पन पीलक Yelloweyed Babbler Chrysomma sinense
गुलबाचश्म Yellowheaded Wagtail Motacilla citreola
श्वेतसिर पन पीलक Yellowthroated Sparrow Petronia xanthocollis
राजी Yellow-wattled Lapwing Vanellus malabaricus

सरीसृप[संपादित करें]

महासागरों में जीवन का उद्भव होने के बाद पृथ्वी के स्थल भागों को आबाद करनेवाले प्रथम जीवों में सरीसृप हैं। इसमें उन्हें मदद मिली उनकी शुष्क शल्कदार चमड़ी, कड़े खोलवाले अंडे जिन्हें जलीय परिवेश में रखना आवश्यक न था, और मजबूत पैरों से, जिनकी सहायता से वे जमीन पर चल सकते थे। पक्षियों और स्तनधारियों के विकास के पश्चात सरीसृपों का पराभव शुरू हो गया। आज डायनोसोर जैसे विशालकाय सरीसृप विलुप्त हो चुके हैं। फिर भी पृथ्वी में ४,००० से अधिक प्रकार के सरीसृप पाए जाते हैं। सरीसृपों के पांच मुख्य प्रकार होते हैं – छिपकली, सांप, मगर, कछुए और टुआटारा। पलामू के प्रमुख सरीसृपों में शामिल है अजगर, जो पलामू के वनों का सबसे बड़ा सरीसृप है। वह लंबाई में १० मीटर से भी अधिक हो सकता है। वह एक विषहीन सर्प है जो अपने शिकारों को कुंडलियों में भींचकर उनका दम घोंटकर मारता है। अजगर सामान्यतः चूहे आदि छोटे प्राणियों का शिकार करता है, परंतु वह चीतलों के छौने, सूअरों के बच्चे आदि बड़े प्राणियों को मारने में भी सक्षम है। पलामू के विषैले सर्पों में शामिल हैं करैत, नाग और दबोइया। पलामू में कई प्रकार की छिपकलियां भी पाई जाती हैं, जिनमें से सबसे बड़ी गोह है जो मरे हुए जानवरों का अवशेष भी खाती है और खुद भी छोटे जीवों का शिकार करती है। पलामू के सरीसृपों की सूची

अंग्रेजी नाम वैज्ञानिक नाम हिंदी नाम
Red Sand Boa Eryx johnii दुमुंहा
Indian Cobra Naja naja naja नाग
King Cobra Ophiophagus hannah नागराज
Banded Krait Bungarus fasciatus धारीदार करैत
Common Krait Bungarus caeruleus करैत
Indian Python Python molurus अजगर
Rat Snake Ptyas mucosus धामन
Russel’s Viper दबोइया
Chameleon Chameleon calcarata बहुरूपिया, गिरगिट
Indian House Gecko Hemidactylus flaviviridus छिपकली
Rock Lizard Agama buberculatus चट्टानी छिपकली
Monitor Lizard Varanus monitor गोह

पेड़ पौधे[संपादित करें]

पेड़-पौधों की दृष्टि से पलामू अत्यंत समृद्ध है। यहां लगभग ९७० प्रकार के पेड़-पौधे हैं, जिनमें शामिल हैं १३९ जड़ी-बूटियां। पलामू के प्रमुख वनस्पतियों में शामिल हैं साल, पलाश, महुआ, आम, आंवला और बांस। बांस हाथी और गौर समेत अनेक तृणभक्षियों का मुख्य आहार है।

झारखंड के प्रतीक

साल झारखंड राज्य का प्रतीक वृक्ष है। झारखंड राज्य का प्रतीक पुष्प पलाश है। पलाश गर्मियों में फूलता है और तब उसके बड़े आकार के लाल फूलों से सारा जंगल लाल हो उठता है, मानो जंगल में आग लग गई हो। इसीलिए पलाश को जंगल की ज्वाला के नाम से भी जाना जाता है। उसके अन्य नाम हैं टेसू और ढाक।

पलामू के वन[संपादित करें]

पलामू में निम्नलिखित प्रकार के वन पाए जाते हैं:

शुष्क मिश्रित वन

पहाड़ियों की खुली चोटियों में और पहाड़ों के दक्षिण और पश्चिम भागों में जहां कम बारिश होती है, ऐसे पेड़-पौधे पाए जाते हैं जो शुष्क जलवायु को बर्दाश्त कर सकते हैं। मैदानों में बेल वृक्ष के वन हैं। इन वनों में अन्य प्रकार के वृक्ष कम ही होते हैं। यह झूम खेती के कारण है। इन मिश्रित वनों में साल के पेड़ लगभग नहीं होते। चूंकि पेड़ों की डालें बार-बार काटी जाती हैं और अति चराई और आग का खतरा बराबर बना रहता है, इसलिए पेड़ बौने और मुड़े-तुड़े होते हैं और उनकी ऊंचाई ६-७ मीटर से अधिक नहीं होती।

साल वन

तीन प्रकार के साल वन पलामू में मौजूद हैं।

  • शुष्क साल वन

मैदानों, नीची पहाड़ियों और पहाड़ों के पूर्वी और उत्तरी भागों में मिलते हैं। यद्यपि इन वनों में साल वृक्ष का आधिपत्य है, फिर भी वृक्ष २५ मीटर से अधिक ऊंचाई नहीं प्राप्त करते।

  • नम साल वन

पहाड़ों की निचली ढलानों, विशेषकर कोयल नदी के दक्षिण में स्थित बरेसांद वनखंड की घाटियों में मिलते हैं। इन वनों में साल अच्छी तरह बढ़ता है और ३५ मीटर से अधिक ऊंचा होता है। इन वनों के बीच में जगह-जगह खाली स्थान नजर आते हैं। यहां पहले खेत हुआ करते थे।

  • पठारी इलाकों का साल वन

नेत्रहाट पठार में १,००० मीटर की ऊंचाई पर मिलता है। यहां केवल साल वृक्षों के विस्तृत वन हैं। यह वन मूल वन के काटे जाने के बाद उग आया वन है।

नम मिश्रित वन

इस प्रकार के वन घाटियों के निचले भागों और बड़ी नदियों के मोड़ों के पासवाले समतल इलाकों में मिलते हैं। यहां सब मिट्टी में अतिरिक्त नमी रहती है जो गर्मियों के दिनों भी बनी रहती है। यहां वृक्षों की घटा पूर्ण होती है इसलिए जमीन तक अधिक रोशनी नहीं पहुंचती, जिससे जमीन पर घास कम होती है।