चकराता
| चकराता | |
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |
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| राज्य | उत्तराखंड |
| ज़िला | देहरादून |
| जनसंख्या | 3,497 (2001 के अनुसार [update]) |
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) |
• 2,118 मीटर (6,949 फी॰) |
निर्देशांक: उत्तराखंड में स्थित चकराता अपने शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह नगर देहरादून 98 किमी. दूर है। चकराता प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग में रूचि लेने वालों के लिए एकदम उपयुक्त स्थान है। यहां के सदाबहार शंकुवनों में दूर तक पैदल चलने का अपना ही मजा है। चकराता में दूर-दूर फैले घने जंगलों में जौनसारी जनजाति के आकर्षक गांव हैं। यह नगर उत्तर पश्चिम उत्तराखंड के जौनसर बवार क्षेत्र के अंतर्गत आता है। चकराता का स्थापना कर्नल ह्यूम और उनके सहयोगी अधिकारियों ने की थी। उनका संबंध ब्रिटिश सेना के 55 रेजिमेंट से था। यहां के वातावरण को देखते हुए अंग्रेजों ने इस स्थान को समर आर्मी बेस के रूप में इस्तेमाल किया। वर्तमान में यहां सेना के जवानों को कमांडों की ट्रैनिंग दी जाती है।
अनुक्रम |
पर्यटन [संपादित करें]
टाइगर फॉल [संपादित करें]
चकराता से 5 किमी पैदल चलने पर 50 मीटर ऊंचा टाइगर फॉल है। उंचें जगह से एक छोटे तालाब में गिरता हुआ झरने का दृश्य बडा खूबसूरत लगता है। समुद्र तल से 1395 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झरना चकराता के उत्तर पूर्व में है।
लाखमंडल [संपादित करें]
मसूरी-यमुनोत्री रोड़ पर स्थित लाखमंडल का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। यह स्थान विशेषरूप से महाभारत काल से संबधित है। कहा जाता है कि कौरवों ने पाड़ंवों के लिए लाक्षागृह बनवाया था और उन्हें जिंदा जलाने का षडयन्त्र रचा था। लाखमंडल यमुना नदी से 30 किमी. की दूरी पर है। देहरादून यहां से 128 किमी. दूर है। यहां पांडवों, परशुराम, केदार और दिवा को समर्पित अनेक मंदिर भी बने हुए हैं। भीम और अर्जुन की आकृति को यहां बेहद खूबसूरती से पत्थर पर उकेरा गया है।
मोईगड झरना [संपादित करें]
देहरादून से 69 किमी. दूर दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर यह शांत और स्वच्छ झरना स्थित है। यमुनोत्री जाते वक्त यहां स्नान करके तरोताजा हुआ जा सकता है।
कानासर [संपादित करें]
ऊंची पहाड़ियों और घने बरसाती वनों से घिरा यह स्थान पर्यटकों के लिए आदर्श जगह है। यहां ठहरने के लिए फोरेस्ट रेस्ट हाउस की व्यवस्था है जिसके चारों ओर के नजारे काफी आर्कषक हैं। कानासर चकराता से 26 किमी. दूर चकराता-ट्यूनी मार्ग पर स्थित है।
रामताल गार्डन [संपादित करें]
चकराता से 9 किमी.दूर चकराता-मसूरी मार्ग पर रामताल गार्डन है। यह गार्डन 30 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा है। सुंदर और हरा भरा यह गार्डन पिकनिक मनाने के लिए बेहतरीन जगह है।
देव वन [संपादित करें]
चकराता से 16 किमी. की दूरी पर स्थित यह स्थान घने जंगलों से घिरा हुआ है। देव वन समुद्र तल से 9500 फीट की ऊंचाई पर है। यहां से हिमालय की विशाल पर्वत श्रृंखलाएं देखी जा सकतीं हैं।
आवागमन [संपादित करें]
- वायुमार्ग-
नजदीकी एयरपोर्ट जौली ग्रान्ट एयरपोर्ट है जो देहरादून से 25 किमी. दूर स्थित है। यह एयरपोर्ट चकराता से तकरीबन 123 किमी. दूर है। चकराता जाने के लिए यहां से बस या टैक्सी की सेवाएं ली जा सकती हैं।
- रेलमार्ग-
देहरादून रेलवे स्टेशन से चकराता राज्य परिवहन या निजी वाहन के माध्यम से पहुंचा जा सकता है।
- सड़क मार्ग-
मसूरी से चकराता जाने के लिए राज्य राजमार्ग से केम्पटी फॉल, यमुना पुल और लखवाड़ होते हुए चकराता पहुंचा जा सकता है। देहरादून से राष्ट्रीय राजमार्ग 72 से हरबर्टपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग 123 से कालसी और वहां से राज्य मार्ग की सड़क के माध्यम से चकराता पहुंचा जा सकता है।
भ्रमण समय [संपादित करें]
मार्च से जून और अक्टूबर से दिसंबर में यहां जाना उपयुक्त होगा। जून के अंत और सिंतबर के मध्य यहां बरसात होती है। सर्दियों में यहां बहुत ठंड पड़ती है।
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संदर्भ [संपादित करें]
बाहरी कड़ियां [संपादित करें]
- Chakrata Tahsil & Town, The Imperial Gazetteer of India, v. 10, p. 125., 1909
- विकिमैपिया पर चकराता
- देव वन - जंगल में रहते हैं देवता ( हेलो हिमालय, हिन्दी चिट्ठा)
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