अल्मोड़ा जिला
| अल्मोड़ा जिला | |||||||
| — जिला — | |||||||
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| समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०) | |||||||
| देश | |||||||
| राज्य | उत्तराखण्ड | ||||||
| मण्डल | कुमाऊँ | ||||||
| जनसंख्या • घनत्व |
630,567 (2001 के अनुसार [update]) • 205 /कि.मी.२ (531 /वर्ग मी.) |
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| लिंगानुपात | ८६२ ♂/♀ | ||||||
| क्षेत्रफल • ऊँचाई (AMSL) |
3,082 km² (1,190 sq mi) • 1,646 मीटर (5,400 फी॰) |
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| मौसम तापमान • ग्रीष्म • शीत |
ऑलपाइन आर्द्र अर्ध-उष्णकटिबन्धीय (कॉपेन) • 28 - -2 °C (84 °F) • 28 - 12 °C (70 °F) • 15 - -2 °C (61 °F) |
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विभिन्न कोड
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| आधिकारिक जालस्थल: almora.nic.in | |||||||
निर्देशांक: अल्मोड़ा भारत के उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ का एक जिला है। इस जिले का मुख्यालय अल्मोड़ा में है। अल्मोड़ा अपनी सांस्कृतिक विरासत, हस्तकला, खानपान, और वन्य जीवन के लिए प्रसिद्ध है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] इतिहास
प्राचीन अल्मोड़ा कस्बा, अपनी स्थापना से पहले कत्यूरी राजा बैचल्देओ के अधीन था। उस राजा ने अपनी धरती का एक बड़ा भाग एक गुजराती ब्राह्मण श्री चांद तिवारी को दान दे दिया।[1] बाद में जब बारामण्डल चांद साम्राज्य का गठन हुआ, तब कल्याण चंद द्वारा १५६८ में अल्मोड़ा कस्बे की स्थापना इस केन्द्रीय स्थान पर की गई।[2] कल्याण चंद द्वारा चंद राजाओं के समय मे इसे राजपुर कहा जाता था। 'राजपुर' नाम का बहुत सी प्राचीन ताँबे की प्लेटों पर भी उल्लेख मिला है।
६० के दशक में बागेश्वर जिले और चम्पावत जिले नहीं बनें थे और अल्मोड़ा जिले के ही भाग थे।
[संपादित करें] भूगोल
अल्मोड़ा कस्बा पहाड़ पर घोड़े की काठीनुमा आकार के रिज पर बसा हुआ है। रिज के पूर्वी भाग को तालिफत और पश्चिमी भाग को सेलिफत के नाम से जाना जाता है। यहाँ का स्थानीय बाज़ार रिज की चोटी पर स्थित है जहाँ पर तालिफत और सेलिफत संयुक्त रूप से समाप्त होते हैं।
बाज़ार २.०१ किमी लम्बा है और पत्थर की पटियों से से ढका हुआ है। जहाँ पर अभी छावनी है, वह स्थान पहले लालमंडी नाम से जाना जाता था। वर्तमान में जहाँ पर कलक्टरी स्थित है, वहाँ पर चंद राजाओं का 'मल्ला महल' स्थित था। वर्तमान में जहाँ पर जिला अस्पताल है, वहाँ पर चंद राजाओं का 'तल्ला महल' हुआ करता था।
सिमलखेत नामक एक ग्राम अल्मोड़ा और चमोली की सीमा पर स्थित है। इस ग्राम के लोग कुमाँऊनी और गढ़वाली दोनो भाषाएँ बोल सकते हैं। पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर है, भैरव गढ़ी।
गोरी नदी अल्मोड़ा जिले से होकर बहती है।
अल्मोड़ा में एक प्रसिद्ध नृत्य अकादमी है, डांसीउस - जहाँ बहुत से भारतीय और फ्रांसीसी नर्तकों को प्रक्षिक्षण दिया गया था। इसकी स्थापना उदय शंकर द्वारा १९३८ में की गई थी। अल्मोड़ा नृत्य अकादमी को कस्बे के बाहर रानीधर नामक स्थान पर गृहीत किया गया। इस स्थान पर से हिमालय और पूरे अल्मोड़ा कस्बे का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
"इन पहाड़ों पर, प्रकृति के आतिथ्य के आगे मनुष्य द्वारा कुछ भी किया जाना बहुत छोटा हो जाता है। यहाँ हिमालय की मनमोहक सुंदरता, प्राणपोषक मौसम, और आरामदायक हरियाली जो आपके चारों ओर होती है, के बाद किसी और चीज़ की इच्छा नहीं रह जाती। मैं बड़े आश्चर्य के साथ ये सोचता हूँ की क्या विश्व में कोई और ऐसा स्थान है जो यहाँ की दृश्यावली और मौसम की बराबरी भी कर सकता है, इसे पछाड़ना तो दूर की बात है। यहाँ अल्मोड़ा में तीन सप्ताह रहने के बात मैं पहले से अधिक आश्चर्यचकित हूँ की हमारे देश के लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए यूरोप क्यों जाते है।" - महात्मा गांधी
[संपादित करें] जनसांख्यिकी
२००१ की भारतीय जनगणना के अनुसार, अल्मोड़ा जिले की जनसंख्या ६,३०,५६७ है।
[संपादित करें] यातायात
[संपादित करें] वायु
यहाँ से निकटतम विमानतल पंतनगर (नैनीताल) में है, जिसकी दूरी है, १२७ किमी।
[संपादित करें] रेल
सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन रामनगर में है, जो यहाँ से ९० किमी दूर स्थित है, औए वहाँ से दिल्ली, लखनऊ, और आगरा के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। काठगोदाम का स्टेशन भी वहाँ से कुछ दूरी पर स्थित है। काठगोदाम से कुछ मुख्य रेलें हैं:
- शताब्दी ऐक्स्प्रैस
- हावड़ा ऐक्स्प्रैस (३०१९/३०२०)
- रानीखेत ऐक्स्प्रैस (५०१३/५०१४)
- रामपुर पैसेंजर (१/२ आर॰के॰ पैसेंजर और ३/४ आर॰के॰ पैसेंजर)
- नैनीताल ऐक्स्प्रैस (५३०८/५३०७)
[संपादित करें] सड़क
अल्मोड़ा सड़क मार्ग द्वारा इस क्षेत्र के प्रमुख केन्द्रों से जुड़ा है। विभिन्न केन्द्रों की दूरियाँ:
- दिल्ली ३७८ किमी
- लखनऊ ४६० किमी
- नैनीताल ६६ किमी (रानीखेत के रास्ते १०३ किमी)
- काठगोदाम ९० किमी
[संपादित करें] संदर्भ
- ↑ कुमाँऊ अल्मोड़ा जिले की आधिकारिक वेबसाइट।
- ↑ अल्मोड़ा का इतिहास
[संपादित करें] बाहरी कड़ियां
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