उत्तराखण्ड सरकार
राज चिह्न |
|
| सरकार | देहरादून |
|---|---|
| कार्यपालिका | |
| राज्यपाल | मार्गरेट अल्वा |
| मुख्य मंत्री | रमेश पोखरियाल "निशंक" |
| विधायिका | |
| विधान सभा | उत्तराखण्ड विधानसभा |
| स्पीकर | हरबंस कपूर |
| डिप्टी स्पीकर | विजय बर्थवाल |
| विधान सभा सदस्य | ७० |
| न्यायपालिका | |
| उच्च न्यायालय | उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय |
| मुख्य न्यायाधीश | जे.एस. खेहर[1] |
उत्तराखण्ड सरकार, उत्तराखण्ड, भारत की राज्य सरकार को कहते हैं। स्थानीय तौर पर राज्य सरकार भी कह दिया जाता है। यह उत्तराखण्ड राज्य का सर्वोच्च शासन प्राधिकरण है। इसमें राज्यपाल, कार्यकारिणी, न्यायपालिका, और वैधानिक शाखा सम्मिलित हैं।
भारत के अन्य राज्यों के समान ही, उत्तराखण्ड राज्य का प्रमुख राज्यपाल होता है, जिसकी नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति केन्द्र सरकार से विमर्श कर करता है। राज्यपाल का पद केवल आनुष्ठानिक है। मुख्यमंत्री राज्य सरकार का मुखिया होता है और जिसके पास अधिकांश कार्यकारिणी शक्तियाँ होती हैं। देहरादून राज्य की राजधानी है, जहाँ पर राज्य विधासभा और सचिवालय स्थित हैं। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल में स्थित है और जिसका न्यायक्षेत्र पूरा उत्तराखणड राज्य है।
उत्तराखण्ड की वर्तमान एकविधाई विधानसभा में ७० सदस्य हैं जिन्हें विधायक कहा जाता है। सरकार का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है या फिर सरकार को पाँव वर्षों से पहले भी भंग किया जा सकता है।
[संपादित करें] यह भी देखें
[संपादित करें] संदर्भ
- ↑ "माननीय श्री. न्यायाधीश जे. एस. खेहर". उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय आधिकारिक जालस्थल. http://highcourtofuttarakhand.gov.in/sitting_judges/jskhehar.htm. अभिगमन तिथि: २० दिसंबर २००९.
[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ
- उत्तराखण्ड सरकार का आधिकारिक जालपृष्ठ (अंग्रेज़ी)