| कोलकाता मेट्रो रेल |
| जानकारी |
| क्षेत्र |
कोलकाता, भारत |
| यातायात प्रकार |
त्वरित यातायात |
| लाइनों की संख्या |
२ |
| स्टेशनों की संख्या |
२१ (१५ भूमिगत, १ भूमि एवं ५ ऊपर) |
| प्रतिदिन की सवारियां |
२३५६ यात्री (लगभग) |
| प्रचालन |
| प्रचालन आरंभ |
१९८४ |
| संचालक |
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| तकनीकी |
| प्रणाली की लंबाई |
२२.३ कि.मी. |
| पटरी गेज |
१,६७६ मि.मि. (५ फी. ६ इं.) (ब्रॉड गेज) |
| रूट का नक्शा |
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कोलकाता मेट्रो (बांग्ला: কলকাতা মেট্রো) पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक भूमिगत रेल प्रणाली है। इसे मंडलीय रेलवे का स्तर प्रदान किया गया है। यह भारतीय रेल द्वारा संचालित है। १९८४ में आरंभ हुई यह भारत की प्रथम भूमिगत एवं मेट्रो प्रणाली थी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो २००२ में आरंभ हुई थी।
आरंभ में ५ लाइनों की योजाना थी, किंतु बाद में ३ ही चुनीं गईं:-
| कुल रूट लंबाई |
२२.३ कि.मी. |
| स्टेशन |
२१ (१५ भूमिगत, १ भूमि एवं ५ ऊपर) |
| गेज |
५’६" (१६७६ मि.मि) ब्रॉड गेज |
| कोच प्रति ट्रेन |
८ |
| अधिकतम अनुमत गति |
५५ किमि./घंटा |
| औसत गति |
३० किमि./घंटा |
| वोल्टेज |
७५० वोल्ट डी.सी |
| वर्तमान कलेक्षन विधि |
त्रितीय रेल, ७५० वोल्ट डी.सी |
| यात्रा समय: दम दम से कबि नजरूल |
४१ मिनट (लगभग) |
| कोच क्षमता |
२७८ खड़े, ४८ बैठे यात्री |
| ट्रेन क्षमता |
२५९० यात्री (लगभग) |
| ट्रेनों के बीच अंतराल |
७ मिनट दफतर समय एवं १०-१५ मिनट अन्य समय |
| परियोजना की कुल अनुमानित लागत |
रु.१८२५ करोड़ (लगभग) |
| पर्यावरण नियंत्रण |
धुली एवं प्रशीतित वायु से फोर्स्ड वेन्टीलेशन |
इस गलियारे में स्टेशन हैं:-
| क्षेत्र |
दूरी (कि.मी) |
किराया (रु.) |
| १ |
५ तक |
४.०० |
| २ |
५-१० |
६.०० |
| ३ |
१०-१५ |
८.०० |
| ४ |
१५-२० |
१०.०० |
| ५ |
२० एवं अधिक |
१२.०० |