रेल गेज

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रेल गेज, किसी रेलवे लाइन की दो समानांतर भार वहन पटरियों के शीर्षों के भीतरी पक्षों के बीच की दूरी को परिभाषित करती है। दुनिया की लगभग साठ प्रतिशत रेलवे 1,435 मि.मी. (4 फीट 8½ इंच) मिमी (4 फुट 8 में 1/2) की मानक गेज का उपयोग करती हैं। चौड़े गेज को ब्रॉड गेज या बड़ी लाइन कहा जाता है, छोटे गेज को नैरो गेज या छोटी लाइन कहते हैं, व एक मीटर चौड़े गेज को मीटर गेज या मीटर लाइन कहते हैं। जहां भिन्न गेज आपस में मिलते हैं, उसे गेज भंग (ब्रेक ऑफ गेज) कहते हैं। कुछ रेल ट्रैक दोहरे या तिहरे गेज के होते हैं, जिनमें तीन या चार पटरियां होती हैं। इन पर एक से अधिक गेज की गाड़ियां जा सकती हैं।

गेज सह्य सीमा से पता चलता है कि वास्तविक गेज का नाप मानक नाप से सुरक्षा में रहते हुए कितना अंतर तक हो सकता है। उदाहरणतः यू.एस. फेडरल रेलरोड एडमिनिस्ट्रेशन (एफ़ आर ए) कहता है, कि एक 60 मील/घंटा (96.6 किमी/घंटा) के लिए बनाए गए ट्रैक का गेज 4 फीट 8 इंच (1,422 मि.मी.) और 4 फ़ुट 9 12 इंच (1,461 मिमी) के बीच ही होना चाहिए।

रेल गेज
ब्रॉड गेज
मानक गेज
नैरो गेज
मिनिमम गेज
रेल गेज की सूची
ब्रेक ऑफ गेज
डुअल गेज
गेज अंतरण
रेल ट्रैक
ट्रामवे ट्रैक
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प्रधान गेज[संपादित करें]

फीट' इंच" मि.मी.
5' 6" 1676
5' 5.85" 1668
5' 3" 1600
5' 1524
4' 11.85" 1520
4' 8.5" 1435
4' 6" 1372
3' 6" 1067
3' 5.35" 1050
3' 3.37" 1000
3' 4.1" 950
3' 914
2' 6" 762
2' 5.55" 750
2' 610
1' 11.6" 600
प्रत्येक देश में प्रधान रेल गेज दर्शित


गेज नाम स्थापना प्रयोग
1,676 मिमी (5 फ़ुट 6 इंच) भारतीय गेज भारत (युनिगेज परियोजना - 42,000 किमी), पाकिस्तान, अर्जेंटीना, चिली
1,668 मि.मी. (5 फीट 5⅔ इंच) आइबेरियन गेज 14,337.2 किमी (2007)

+ 21 किमी स्पेन में मिश्रित गेज (आइबेरियन+UIC, एक ही स्लीपर पर तीन रेल पटरियां)

पुर्तगाल, स्पेन
1,600 मिमी (5 फ़ुट 3 इंच) आयरिश गेज 9,800 किमी आयरलैंड एवं ऑस्ट्रेलिया में महत्वपूर्ण माइनर गेज -विक्टोरियन गेज (4,017 किमी), ब्राज़ील (4,057 km)
1,524 मिमी (5 फ़ुट) रशियन गेज 7,000 km फिनलैंड, एस्टोनिया
1,520 मि.मी. (4 फीट 11⅞ इंच) 220,000 km CIS राज्य, लैट्विया, लिथुआनिया, मंगोलिया
1,435 मि.मी. (4 फीट 8½ इंच) मानक गेज 720,000 km यूरोप, उत्तरी अमरीका, चीन, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मध्य-पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, मेक्सिको, क्यूबा, पनामा, वेनेज़्यूला, पेरू, युरुग्वे (विश्व की रेलवे का ६०%) साथ ही जापान एवं स्पेन की उच्च-गति रेल लाइनें।
1,067 मिमी (3 फ़ुट 6 इंच) केप गेज 112,000 km दक्षिणी एवं मध्य अफ्रीका, इंडोनिशिया, जापान, ताइवान, फिलिपींस, न्यू ज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया (खुछ भाग)
1,000 मि.मी. (3 फीट 3⅜ इंच) मीटर गेज 95,000 km दक्षिण पूर्व एशिया, भारत (17,000 किमी, कुछ गेज अंतरण की प्रक्रिया में युनीगेज परियोजना के अधीन, भारतीय गेज को, ब्राज़ील (23,489 किमी), बोलीविया, उत्तरी चिली, केन्या, युगांडा

स्थापना तिथि फोरम1520 से, सिवाय आयरिश के।

पूर्ण ब्यौरे हेतु देखें: रेल गेज की सूची

टिप्पणी: रशियन गेज 1524 मिमी या 1520 मिमी हो सकता है।

इतिहास[संपादित करें]

मानक गेज[संपादित करें]

जो आज मानक गेज कहलाता है, 4 फीट 8½ इंच (1,435 मि.मी.) उसको प्रथम मुख्य-लाइन रेलवे से लिया गया है; जो लिवरपूल एवं मैनचेस्टर रेलवे (L&MR) थी, एवं जिसको ब्रिटिश अभियंता जॉर्ज स्टीफनसन ने कोयला खानों के लिए बनाया था। इसका नाप 4 फीट 8 इंच (1,422 मि.मी.) था। चाहे ये मूल रेल नाप हो, किंतु ना अधिक चौड़ा, ना अधिक संकरा ही था। अतएव इसे मानक अपना लिया गया।


ब्रॉड गेज[संपादित करें]

मानक गेज या 1,435 मि.मी. (4 फीट 8½ इंच) से चौड़े किसी भी गेज को ब्रॉड गेज कहा गया। रशियन, भारतीय, आयरिश एवं आइबेरियन गेज, सभी ब्रॉड गेज होते हैं। ब्रॉड गेज रेलवे का प्रयोग बंदरगाहों पर क्रेन इत्यादि के लिए भी होता है। इससे बेहतर स्थिरता आती है। साथ ही ये पतले गेजों की अपेक्षा कहीं बेहतर है।

रशियन गेज[संपादित करें]

रशियन गेज 1,520 मि.मी. (4 फीट 11⅞ इंच) होता है, व विश्व में दूसरा अधिकतम प्रयोगनीय गेज है।


आइबेरियन गेज[संपादित करें]

स्पेन एवं पुर्तगाल के मुख्य रेलवे जाल छः कॅस्टिलियन फीट (1,672 मि.मी. (5 फीट 556 इंच)) तथा पांच पुर्तगाली फीट (1,664 मि.मी. (5 फीट 5½ इंच)) के होते हैं। दोनो गेज पर्याप्त रूप से इतने समान होते हैं, कि इनके बीच रेल आवागमन कर सकतीं हैं। हाल के वर्षों में इन दोनों को व्यवस्थित कर एक मानक गेज, "आइबेरियन गेज" बनाया गया है, जिसे (ancho ibérico या trocha ibérica स्पेनिश, bitola ibérica पुर्तगाली) भाषा में कहते हैं। इसका नाप 1,668 मि.मी. (5 फीट 5⅔ इंच) रखा गया है। हालांकि इस गैर-मानक गेज को अपनाने की मूल वजह फ्रांसीसी हमले से बचाव बताया गया था।[1].

भारतीय गेज[संपादित करें]

भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान तथा श्रीलंका ने कई गेजों की भिन्नता होते हुए भी उन्हें अपनाया, जिसमें से 1,676 मिमी (5 फ़ुट 6 इंच) सर्वाधिक था। भारतीय रेल ने युनिगेज परियोजना आरंभ की, जिसके अधीन एक व्यवस्थित ढंग से अधिकांश संकरे गेजों को 1,676 मिमी में बदला जा रहा है।

भारत में प्रचलित गेजों की मानक गेज से तुलना


आयरिश गेज[संपादित करें]

आयरलैंड में रेलवे का मुख्य गेज 5 फीट 3 इंच (1,600 मि.मी.) है। यह कई ऑस्ट्रेलियाई राज्यों में भि मिलता है, जैसे विक्टोरिया, दक्षिणी न्यू साउथ वेल्स, एवं दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया।


ऑस्ट्रेलियाई गेज[संपादित करें]

नैरो गेज[संपादित करें]

अधिकांश क्षेत्रों में प्रयोगनीय नैरो गेज है:

  • 1,067 मिमी (3 फ़ुट 6 इंच) केप गेज (उदा० दक्षिणी एवं मध्य अफ्रीका, इंडोनेशिया एवं जापान, ताईवान, फिलिपींस, कुछ ऑस्ट्रेलिया तथा न्यू ज़ीलैंड)
  • 1,000 मि.मी. (3 फीट 3⅜ इंच) मीटर गेज (उदा० दक्ष्ण पूर्वी एशिया, 17,000 किमी भारत में, किंतु युनिगेज परियोजना के अधिन गेज अंतरण को अग्रसर है) पूर्वी अफ्रीका, दक्षिणी अमरीका)

यह भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी सूत्र[संपादित करें]