भारतीय गेज
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भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान तथा श्रीलंका ने कई गेजों की भिन्नता होते हुए भी उन्हें अपनाया, जिसमें से 1,676 मिमी (5) सर्वाधिक था। भारतीय रेल ने युनिगेज परियोजना आरंभ की, जिसके अधीन एक व्यवस्थित ढंग से अधिकांश संकरे गेजों को 1,676 मिमी में बदला जा रहा है।
भारत में [संपादित करें]
भारत में गवर्नर जनरल डल्हौज़ी ने, जो कि एक स्कॉटिश था; यह महसूस किया, कि यहां की तेज हवाओं में भी स्थिरता रखने हेतु, तथा एक बड़े फायरबॉक्स के लिए भी, मानक गेज से बड़ा गए ही सही रहेगा। तब उसने चौड़ा गेज चुना जो स्कॉटलैंड में पहले ही प्रचलन में था।
बीसवीं शताब्दी के अंत तक भारत ने युनीगेज परियोजना अपनाई, जिसके अंतरगत सभी छोटे गेजों का ब्रॉडगेज में अंतरण किया गया।
यह भी देखें [संपादित करें]
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