वाराणसी
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| वाराणसी | |
| बनारस के घाट | |
| प्रदेश - जिला |
उत्तर प्रदेश - वाराणसी |
| स्थान | 25.20° N 83.0° E |
| क्षेत्रफल | 1550.3 वर्ग कि.मी. |
| समय मण्डल | IST (UTC+5:30) |
| जनसंख्या (२००१) - घनत्व |
२५,०८,११० - १,६१८/वर्ग कि.मी. |
| महापौर | कौशलेन्द्र |
| नगर पालिका अध्यक्ष | |
| संकेतक - डाक - दूरभाष - वाहन |
- २२१०xx - +९१-५४२ - UP-65 |
वाराणसी, काशी अथवा बनारस भारत देश के उत्तर प्रदेश का एक प्राचीन और धार्मिक महत्ता रखने वाला शहर है । इसका पुराना नाम काशी है । वाराणसी विश्व का प्राचीनतम बसा हुआ शहर है। यह गंगा नदी किनारे बसा है और हजारो साल से उत्तर भारत का धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र रहा है। दो नदियों वरुणा और असि के मध्य बसा होने के कारण इसका नाम वरुणा+असि=वाराणसी पडा ।
बनारस या वाराणसी का नाम पुराणों,रामायण, महाभारत जैसे अनेकानेक ग्रन्थों में मिलता है। संस्कृत पढने प्राचीन काल से ही लोग वाराणसी आया करते थे । इस नगर ने संस्कृत को न केवल बढाया वरन इसका प्रचार प्रसार भी किया । संस्कृत को बढाने में क्षेत्रेश चन्द्र चट्टोपाध्याय, वागीश शास्त्री, बलदेव उपाध्याय, विद्यानिवास मिश्र,रेवा प्रसाद द्विवेदी का बहुत योगदान है।
बनारस के घरानों की हिन्दुस्तानी संगीत मे अपनी ही शैली है। बनारस के विख्यात संगीतज्ञ, दार्शनिक, कवि मे कबीर, प्रेमचन्द, जयशंकर प्रसाद, पं. रवि शंकर, बिस्मिल्लाह ख़ान, किशन महाराज, गिरिजा देवी नाम प्रमुख है।
वाराणसी के घाटगंगा नदी के धनुष की आकृति होने के कारण मनोहारी लगते हैं । सभी घाटों के पूर्वार्भिमुख होने से सूर्योदय के समय घाटों पर पहली किरण दस्तक देती है । उत्तर दिशा में राजघाट से से प्रारम्भ होकर दक्षिण में अस्सी घाट तक सौ से अधिक घाट हैं। इनमें से दशाश्वमेध, केदार, हरिश्चंद्र, मणिकर्णिका आदि प्रमुख घाट हैं । मणिकर्णिका घाट पर चिता की अग्नि कभी शांत नहीं होती, क्योंकि बनारस के बाहर मरने वालों की अन्त्येष्टी पुण्य प्राप्ति के लिये यहीं की जाती है । कई हिन्दू मानते हैं कि काशी में मरने वालों को मोक्ष प्राप्त होता है । यहाँ पर स्थित बी एच यू यानी बनारस हिन्दू युनिवर्सिटी भारत के पुराने एवं विख्यात विश्वविद्यालयों में से एक है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] मन्दिर
- विश्वनाथ मन्दिर्
- अन्नपुर्णा मन्दिर
- काल भेरव मन्दिर
- तुलसी मानस मन्दिर
- संकट मोचन मन्दिर
- दुर्गा मन्दिर , दुर्गाकुण्ड
- भारत माता मन्दिर
[संपादित करें] विश्वविद्यालय
[संपादित करें] यह भी देखें
| उत्तर प्रदेश प्रवेशद्वार |

