पुरुष

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पुरुष (♂) मानव के नरों का कहा जाता है । एक जीव का लिंग है जो की छोटे मोबाइल गमेट्स पैदा करता हैं जिसे की स्पर्म या शुक्राणू भी कहते हैं। हर एक शुक्राणू एक मादा अंडे के साथ क्रिया कर एक गर्भ के रूप में विकास कर सकता हैं।

हर कोई प्रजाति इस पुरुष और स्त्री के पहचान से नहीं जानी जा सकती है। इंसानों और जानवरों में लिंग जहा लिंग (अंग) से बताया जा सकता हैं वही अन्य जीवो में यह कई अन्य बातों पर निर्भर करता हैं।

मूल संस्कृत में[संपादित करें]

पुरुष शब्द का प्रयोग वैदिक साहित्य में कई जगह मिलता है । जीवात्मा (आत्मा) को कपिल मुनि कृत सांख्य शास्त्र में पुरुष कहा गया है - ध्यान दीजिये इसमें यह लिंग द्योतक न होकर आत्मा द्योतक है । वेदों में नर के लिए पुम् (पुंस, और पुमान) मूलों का इस्तेमाल मिलता है । इसके अलावे बृहदारण्यक उपनिषत में ईश्वर के लिए पुरुष शब्द का इस्तेमाल मिलता है ।