मधुसूदन सरस्वती

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मधुसूदन सरस्वती (१५४०-१६४०) अद्वैत वेदान्त के एक महान् दार्शनिक थे। उनकी विद्वत्ता अतुलनीय थी। उनकी महान् रचनायें इसमें प्रमाण हैं। वह तुलसीदास का मित्र थे - ऐसी धारणा है। उनका जन्म बंगाल में कमलनयन नाम से हुआ। उनकी शिक्षा नव्य-न्याय परम्परा में हुई। वे भक्तों में अग्रगण्य थे। उनकी अद्वैतसिद्धि, वेदान्तकल्पलतिका, सङ्क्षेपशारीरक की सारसङ्ग्रह टीका, गीता की गूढार्थदीपिका टीका, शिवमहिम्नस्तोत्र की हरिहरपरक व्याख्या, भागवत की परमहंसप्रिया टीका, आदि प्रसिद्ध हैं।