मधुसूदन सरस्वती

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मधुसूदन सरस्वती (१५४०-१६४०) अद्वैत वेदान्त के एक महान् दार्शनिक थे। उनकी विद्वत्ता अतुलनीय थी । उनकी महान् रचनायें इसमें प्रमाण हैं । वह तुलसीदास का मित्र थे - ऐसी धारणा है। उनका जन्म बंगाल में कमलनयन नाम से हुआ। उनकी शिक्षा नव्य-न्याय परम्परा में हुई। वे भक्तों में अग्रगण्य थे । उनकी अद्वैतसिद्धि, वेदान्तकल्पलतिका, सङ्क्षेपशारीरक की सारसङ्ग्रह टीका , गीता की गूढार्थदीपिका टीका , शिवमहिम्नस्तोत्र की हरिहरपरक व्याख्या, भागवत की परमहंसप्रिया टीका, आदि प्रसिद्ध हैं ।