नफ़्ल नमाज़

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

इस्लाम में, नफ़्ल नमाज़ (अरबी: صلاة نفل‎,सलात-अल-नफ़्ल ) या कर्त्तव्यातिक्ति नमाज़ (आवश्यकता से अधिक) एक प्रकार की ऐच्छिक नमाज़ है।

इस्लाम में पैग़म्बर मुहम्मद ने कभी कभी जो इबादत की उसे नफिल[1] कहते हैं।

सवाब (पुण्य,नेकी) बढ़ाने के लिए अतिरिक्त नफिल नमाज़ और नफिल रोज़े (उपवास) भी होते हैं। नफिल को फ़र्ज़ और सुन्नत की तरह अनिवार्य घोषित नहीं किया गया है।

नफिल नमाज़[2][संपादित करें]

हदीस में नफिल नमाज़ों को घर पर पढ़ना अच्छा बताया है। कब पढ़ते हैं?

इस्लाम में दैनिक पाँच नमाज़ों[3] में से तीन में साथ साथ नफिल नमाज़ पढ़ने का रिवाज है:

  1. जुहर की नमाज़ में 2 रकात नफिल अंत में
  2. मग़रिब की नमाज़ में 2 रकात नफिल अंत में
  3. ईशा की नमाज़ में 4 रकात नफिल अंत में

नफिल नमाजों की सूची:[संपादित करें]

  • नमाज़ ए इशराक - सूर्योदय के बाद की नमाज़
  • नमाज़ ए चास्त - ज़ुहर की नमाज़ से पहले की नमाज़
  • नमाज़ ए तहैतुल मस्जिद - मस्जिद में प्रवेश करने के बाद की नमाज़
  • नमाज़ ए खौफ़- भय के समय की नमाज़
  • नमाज़ ए कसुफ़ - ग्रहण के समय समय की नमाज़
  • नमाज़ ए सफर - यात्रा की नमाज़
  • नमाज़ सलातो अल्तसबिह - तस्बीह की नमाज़
  • नमाज़ हाजत - ज़रूरत की नमाज़
  • नमाज़े इस्ताखारा - फैसले में मस्वरे की नमाज़


इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Nafil meaning in english". https://www.urdupoint.com. External link in |website= (help)
  2. "Nafil namaz aur unke fajilat kya hai (हिंदी)". Cite journal requires |journal= (help)
  3. नसीम ग़ाज़ी. "नमाज़".