कविता कृष्णमूर्ति

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कविता कृष्णमूर्ति(जन्म:१९५८) भारतीय सिनेमा की एक महत्वपूर्ण पार्श्वगायिका है।कविता जब आठ साल की थीं तो उन्होंने एक गायन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता। तभी से वह बड़ी होकर एक मशहूर गायिका बनने का सपना देखने लगी थीं।

प्रारम्भिक जीवन[संपादित करें]

हिंदी सिनेमा जगत की लोकप्रिय पाश्र्वगायिका कविता का जन्म १९५८ में नई दिल्ली में हुआ। संगीत की प्रारंभिक शिक्षा उन्हें घर में ही मिली। उन्होंने बाद में बलराम पुरी से शास्त्रीय संगीत सीखा। नौ साल की उम्र में कविता को स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर के साथ बांग्ला भाषा में एक गीत गाने का मौका मिला। यहीं से उन्होंने पाश्र्वगायन के क्षेत्र में आने का फैसला किया।

गायकी[संपादित करें]

मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज में स्नातक करने के दौरान कविता हर प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। यही वक्त था, जब एक कार्यक्रम में मशहूर गायक मन्ना डे ने उनका गाना सुना और उन्हें विज्ञापनों में गाने का मौका दिया।

फिल्मो में गायन[संपादित करें]

साल १९७० में कविता ने अपना पहला पाश्र्व गीत काहे को ब्याही मांग भरो सजना गाया। हालांकि यह गाना बाद में फिल्म से हटा दिया गया था, लेकिन कविता की प्रतिभा दबने वाली नहीं थी। साल १९७५ में फिल्म प्यार झुकता नहीं के गानों ने उन्हें पाश्र्वगायिका के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद फिल्म मिस्टर इंडिया के गाने हवा हवाई और करते हैं हम प्यार ने उन्हें सुपरहिट गायिका का दर्जा दिलाया। ९० के दशक में कविता कृष्णमूर्ति हिंदी सिनेमा की अग्रणी पाश्र्वगायिका बनकर उभरीं। फिल्म '१९४२ ए लव स्टोरी' में गाए उनके गाने आज भी पसंद किए जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में आनंद मिलन, उदित नारायण, ए.आर. रहमान, अनु मलिक जैसे गायकों व संगीत निर्देशकों के साथ काम किया है। कविता ने एक बार एक साक्षात्कार में बताया था कि बचपन में उनको अभिनेता दिलीप कुमार बहुत पसंद थे। वह जब बड़ी हो रही थीं, तब अभिनेताओं में संजीव कुमार को पसंद करती थीं। उन्हें अमिताभ बच्चन और आमिर खान भी पसंद हैं। अभिनेत्रियों में श्रीदेवी, रानी मुखर्जी, काजोल और प्रीति जिंटा पसंद हैं। शबाना आजमी को वह बेहतरीन अभिनेत्री मानती हैं। कविता ने शबाना आजमी, श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, मनीषा कोइराला और ऐश्वर्या राय सरीखी शीर्ष की अभिनेत्रियों के लिए गाने गाए हैं। कविता वायलिन वादक एल. सुब्रमण्यम की पत्नी हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था एक बार उन्हें गायक हरिहरन के साथ मिलकर सुब्रमण्यम के लिए गाना गाना था, तब उनकी शादी नहीं हुई थी।

पुरुस्कार[संपादित करें]

फ़िल्मफ़ेयर पुरुस्कार[संपादित करें]