हनुमान जयंती

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भगवान हुनुमान जी की कथा – भगवान हनुमान, भारतीय महाकाव्य रामायण के एक केन्द्रीय पात्र, भगवान राम के प्रति उनकी अटूट भक्ति के लिए पूजनीय है। अपनी अद्वितीय शक्ति ,निष्ठा और बुद्धि के लिए जाने जाने वाले हनुमान जी को साहस और निस्वार्थता के प्रतीक के रूप मे जाना जाता है । उनके कारनामे विशेष रूप से माता सीता की खोज में और रावण के खिलाफ युद्ध में भगवान श्री। राम की सहायता करना , समर्पण ओर धार्मिकता के आदर्शों का प्रतीक है।https://taazakhabar27.com/hanuman-jayanti-celebration-of-devotion-and-birth-of-lord-hanuman/

बोल्ड टेक्स्ट

हनुमान जन्मोत्सव एक हिन्दू पर्व है। यह चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था यह माना जाता है।[1] हनुमान जी को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है।

माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान की पल्लव कालीन कांस्य प्रतिमा

विष्णु जी के राम अवतार के बाद रावण को दिव्य शक्ति प्रदान हो गई। जिससे रावण ने अपनी मोक्ष प्राप्ति हेतु शिवजी से वरदान माँगा की उन्हें मोक्ष प्रदान करने हेतु कोई उपाय बताए। तब शिवजी ने राम के हाथों मोक्ष प्रदान करने के लिए लीला रचि। {{शिवजी}} की लीला के अनुसार उन्होंने हनुमान के रूप में जन्म लिया ताकि रावण को मोक्ष दिलवा सके। इस कार्य में रामजी का साथ देने हेतु स्वयं शिवजी के अवतार हनुमान जी आये थे, जो की सदा के लिए अमर हो गए। रावण के वरदान के अनुसार उन्हे मृत्यु के साथ साथ उसे मोक्ष भी दिलवाया।

कार्यक्रम[संपादित करें]

हनुमान जन्मोत्सव को लोग हनुमान मन्दिर में दर्शन हेतु जाते है। कुछ लोग व्रत भी धारण कर बड़ी उत्सुकता और ऊर्जा के साथ समर्पित होकर इनकी पूजा करते है। हनुमान जन्मोत्सव 2024 शुभ मुहूर्त  यतः यह कहा जाता है कि ये बाल ब्रह्मचारी थे अतः इन्हे जनेऊ भी पहनाई जाती है। हनुमानजी की मूर्तियों पर सिन्दूर और चाँदी का वर्क चढ़ाने की परम्परा[2] है। कहा जाता है राम की लम्बी आयु के लिए एक बार हनुमान जी अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर चढ़ा लिया था और इसी कारण उन्हें और उनके भक्तो को सिन्दूर चढ़ाना बहुत अच्छा लगता है जिसे चोला कहते है। संध्या के समय दक्षिण मुखी हनुमान मूर्ति के सामने शुद्ध होकर मन्त्र जाप करने को अत्यन्त महत्त्व दिया जाता है। हनुमान जन्मोत्सव रामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड पाठ को पढना भी हनुमानजी को प्रसन्न करता है। सभी मन्दिरो में इस दिन तुलसीदास कृत रामचरितमानस एवं हनुमान चालीसा[3] का पाठ होता है। स्थान स्थान पर भण्डारे आयोजित किये जाते है। तमिलानाडु व केरल में हनुमान जयन्ती मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को तथा उड़ीसा में वैशाख महीने के पहले दिन मनाई जाती है। वहीं कर्नाटक व आन्ध्र प्रदेश में चैत्र पूर्णिमा से लेकर वैशाख महीने के 10वें दिन तक यह त्योहार मनाया जाता है।[4] हनुमान जयंती 2024 शुभ मुहूर्त

गुरु[संपादित करें]

भगवान् हनुमान के गुरु इनकी माता, भगवान् शंकर, भगवान् सूर्य और ऋषि मातंग थे। [5]

हनुमान जयंती के अवसर पर दर्शनार्थी
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ

हनुमान जी की पत्नी का क्या नाम था ?

हनुमान जी की पत्नी का नाम सुवर्चला था जो सूर्य देव की पुत्री थी |

हनुमान का नामकरण[संपादित करें]

इन्द्र के वज्र से हनुमानजी की ठुड्डी (संस्कृत में हनु) टूट गई थी। इसलिये उनको हनुमान का नाम दिया गया। इसके अतिरिक्त ये अनेक नामों से प्रसिद्ध है जैसे बजरंग बली, मारुति, अञ्जनि सुत, पवनपुत्र, संकटमोचन, केसरीनन्दन, महावीर, कपीश, शङ्कर सुवन आदि।[6]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "हनुमान जन्मोत्सव पुस्तक". मूल से 11 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 अप्रैल 2017.
  2. "हनुमान जन्मोत्सव कब है, जानिए कैसे मनाएं यह पर्व?". मूल से 11 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 अप्रैल 2017.
  3. "हनुमान चालीसा". मूल से 21 जनवरी 2021 को पुरालेखित.
  4. "हनुमान जयंती को कब और कैसे मनाते हैं". मूल से 11 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 अप्रैल 2017.
  5. "guru of hanuman | हनुमानजी के गुरु कौन थे?". hindi.webdunia.com. अभिगमन तिथि 2023-04-25.
  6. "हनुमान जी के 12 नाम". आज तक. मूल से 6 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित.

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