पौष पूर्णिमा

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यह विक्रम संवत के दसवें मास पौष के शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि है।

महत्वपूर्ण घटनाएँ[संपादित करें]

पर्व त्योहार[संपादित करें]

शाकंभरी जयन्ती[संपादित करें]

जैन धर्मावलंवियों द्वारा इस दिन को शाकंभरी जयंती के रूप में मनाया जाता है।

छेरता[संपादित करें]

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में रहने वाली जनजातियाँ पौष माह के पूर्णिमा के दिन छेरता पर्व बडे़ धूमधाम से मनाती हैं। सभी के घरों में नये चावल का चिवड़ा गुड़ तथा तिली के व्‍यंजन बनाकर खाया जाता है। गांव के बच्‍चों की टोलियाँ घर-घर जाकर परम्‍परानुसार प्रचलित बोल छेर छेरता काठी के धान हेर लरिका बोलते हैं और मुट्ठी भर अनाज मांगते हैं। रात्रि में ग्रामीण बालाएं टोली बनाकर घर में जाकर लोकड़ी नामक गीत गाती हैं।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]