रोमिला थापर

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रोमिला थापर
जन्म 30 नवम्बर 1931 (1931-11-30) (आयु 83)
लखनऊ, ब्रिटिश भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
अल्मा मेटर पंजाब विश्वविद्यालय
स्कूल ऑफ़ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज, लंदन विश्वविद्यालय
व्यवसाय इतिहासकार[1]
जाने–जाते हैं प्राचीन भारत पर अपने कार्य के लिए

रोमिला थापर रोमिला थापर भारतीय इतिहासकार है,[1] तथा इनके अध्ययन का मुख्य विषय "प्राचीन भारतीय इतिहास" रहा है। इनका जन्म ३० नवम्बर १९३१ में हुआ था।

इनके कार्य[संपादित करें]

पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद, इन्होनें लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज से ए . एल . बशम (A. L. Basham) के मार्गदर्शन में १९ ५ ८ में डॉक्टर की उपाधि अर्जित की। कालांतर में इन्होने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में प्रोफेसर के पद पर कार्य किया, फ़िलहाल अभी ये वहीँ पर प्रोफेसर एमारिता (Professor Emerita) के पद पर हैं। थापर के उल्लेखनीय कार्यों में कुछ "अशोक तथा मौर्य साम्राज्य का पतन ", "प्राचीन भारत का सामाजिक इतिहास: विवेचना", "समकालिक परिप्रेक्ष्य में प्रारंभिक भारतीय इतिहास (संपादिका)", "भारत का इतिहास - खंड १" तथा "प्रारंभिक भारत - उत्पत्ति से ई.१३०० तक "। इनके ऐतिहासिक कार्यों में हिन्दू धर्म की उत्पत्ति सामाजिक बलों के बीच एक उभरती परस्पर क्रिया के रूप में चित्रित किया है। हाल ही में इन्होने गुजरात के प्रसिद्ध "सोमनाथ मंदिर" के इतिहास के ऊपर लेख लिखा है।

मान्यता और सम्मान[संपादित करें]

थापर कॉर्नेल विश्वविद्यालय, पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय और पेरिस में कॉलेज डी फ्रांस में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। वह 1983 में भारतीय इतिहास कांग्रेस की जनरल प्रेसिडेंट और 1999 में ब्रिटिश अकादमी की कोर्रेस्पोंडिंग फेलो चुनी गयीं।[2]

इन्हे भी देखे[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "अयोध्या फ़ैसले पर बुद्धिजीवियों का बयान". बीबीसी हिन्दी. 1 अक्टूबर 2010 को 20:09 IST. http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/10/101001_ayodhya_intellectual_reax-ap.shtml. अभिगमन तिथि: 9 जुलाई 2013. 
  2. 1000031775,00.html "पेंगुइन प्रचार पृष्ठ रोमिला थापर" (अंग्रेज़ी में). पेंगुईन डॉट को डॉट यूके. http://www.penguin.co.uk/nf/Author/AuthorPage/0, 1000031775,00.html. अभिगमन तिथि: 9 जुलाई 2013.