बैजनाथ, उत्तराखण्ड

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बैजनाथ
—  नगर  —
View of बैजनाथ, भारत
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तराखण्ड
ज़िला बागेश्वर
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 1,130 मीटर (3,707 फी॰)

निर्देशांक: 29°55′N 79°37′E / 29.92°N 79.62°E / 29.92; 79.62

बैजनाथ उत्तराखण्ड राज्य के बागेश्वर जनपद में गोमती नदी के किनारे एक छोटा सा नगर है। यह अपने प्राचीन मंदिरों के लिए विख्यात है,[1] जिन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों के रूप में मान्यता प्राप्त है। [2] बैजनाथ उन चार स्थानों में से एक है, जिन्हें भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत 'शिव हेरिटेज सर्किट' से जोड़ा जाना है। [3][4]

बैजनाथ को प्राचीनकाल में "कार्तिकेयपुर" के नाम से जाना जाता था, और तब यह कत्यूरी राजवंश के शासकों की राजधानी थी। कत्यूरी राजा तब गढ़वाल, कुमाऊँ तथा डोटी क्षेत्रों तक राज करते थे।

इतिहास[संपादित करें]

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मंदिर साइट पर लगाया गया वर्णनात्मक बोर्ड.

इस क्षेत्र के सबसे पुराने अवशेषों में करवीरपुर या कबीरपुर नामक एक शहर शामिल है.[5][6] इस शहर के खंडहरों का प्रयोग करके ही कत्यूरी राजा नरसिंह देव ने अपनी राजधानी यहाँ बसाई थी। [7][8] ७वीं से १३वीं शताब्दी तक बैजनाथ कत्यूरी राजवंश की राजधानी थी, और तब इसे कार्तिकेयपुर कहा जाता था।

नेपाली आक्रमणकारी क्रंचलदेव ने ११९१ में बैजनाथ पर आक्रमण कर कत्यूरी राजाओं को पराजित कर दिया।[9] इस आक्रमण से कमजोर हुआ कत्यूरी राज्य १३वीं शताब्दी तक ८ अलग अलग रियासतों में विघटित हो गया।[10] विघटन के बाद भी १५६५ तक बैजनाथ में कत्यूरी राजवंश के मूल वंशजों का ही शाशन रहा, और उन्हें बैजनाथ कत्यूर कहा जाने लगा।  १५६५ में अल्मोड़ा के राजा बालो कल्याण चन्द ने बैजनाथ पर कब्ज़ा कर लिया और उसे अपने राज्य में ही मिला लिया।[11]

१७९१ में काली नदी के पूर्व की ओर अपने राज्य का विस्तार करते हुए गोरखा राजाओं ने अल्मोड़ा पर आक्रमण किया,[12] और सम्पूर्ण कुमाऊं राज्य पर अधिकार प्राप्त कर लिया। ईस्ट इंडिया कंपनी ने १८१४ के आंग्ल-नेपाल युद्ध में गोरखाओं को हरा दिया,[13][14][15][16] जिसके बाद १८१६ में  सुगौली संधि  के अनुसार यह अंग्रेजों को प्राप्त हुआ। [17]:594 [18]

१९०१ में बैजनाथ १४८ की आबादी वाला एक छोटा सा गाँव था। [19]

भूगोल[संपादित करें]

बैजनाथ झील

बैजनाथ बागेश्वर जनपद में  29°55′N 79°37′E / 29.92°N 79.62°E / 29.92; 79.62[20] पर जनपद मुख्यालय के २० किमी उत्तर में स्थित है। समुद्र तल से इसकी औसत ऊंचाई १,१३० मीटर (३,७०७ फीट) है। बैजनाथ कुमाऊँ हिमालय में स्थित कत्यूर घाटी में गोमती नदी के तट पर बसा है।

२००७-२००८ में मंदिर परिसर के पास एक कृत्रिम झील की घोषणा की गयी थी। [21] इस झील का उद्घाटन १४ जनवरी २०१६ को उत्तराखण्ड के तत्कालीन मुख्यमंत्रीहरीश रावत ने किया। [22] झील में मछलियां बहुतायत में हैं।  हालांकि मछली पकड़ने पर सख्ती से प्रतिबंध है, परन्तु झील में ये एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण हैऔर पर्यटकों  मछलियों को चना खिलाते हुए देखा जा सकता है। पास ही स्थित गरुड़ क्षेत्र के सबसे पुराने बाज़ारों में है।

आवागमन[संपादित करें]

पंतनगर में स्थित पंतनगर विमानक्षेत्र बैजनाथ से निकटतम हवाई अड्डा है, जबकि काठगोदाम रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन है। बैजनाथ बागेश्वर-ग्वालदाम और अल्मोड़ा-गोपेश्वर सड़कों के तिराहे पर स्थित है। यह उत्तराखंड परिवहन निगम की 'कुमाऊं दर्शन' बस सेवा द्वारा हल्द्वानी, भीमताल, अल्मोड़ा और रानीखेत से जुड़ा हुआ है। [23]

टनकपुर से बागेश्वर तक एक रेल पटरी प्रस्तावित है,[24][25][26] जिसके बन जाने के बाद २०२० से यह क्षेत्र और अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर पायेगा।

छवि गैलरी[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Kohli, M. S. (2002). Mountains of India : tourism, adventure and pilgrimage (अंग्रेज़ी में). New Delhi: Indus Publ. Co. पृ॰ 148. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788173871351.
  2. "List of Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains of Uttranchal - Archaeological Survey of India". asi.nic.in. अभिगमन तिथि 2016-11-18.
  3. Kala, Gaurav (12 October 2016). "Lord shiva's temple in kumaun will be refurnished". देहरादून: Dainik Jagran. अभिगमन तिथि 6 May 2017.
  4. Negi, Sunil (4 March 2017). "Picture of Baijnath lake will change by 32 Crore". www.jagran.com. Bageshwar: Dainik Jagran. अभिगमन तिथि 6 May 2017.
  5. Oakley, E. Sherman. Holy Himalaya: The Religion, Traditions and Scenery of a Himalayan Province (Kumaon and Garhwál) (अंग्रेज़ी में). Oliphant Anderson & Ferrier. पृ॰ 98.
  6. Handa, O. C. (2008). Panorama of Himalayan architecture (अंग्रेज़ी में). New Delhi: Indus. पृ॰ 217. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788173872129.
  7. Misra, N.N. (1994). Source materials of Kumauni history (अंग्रेज़ी में). Almora, U.P. Hills: Shree Almora Book Depot. पृ॰ 166. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788185865249.
  8. Epigraphia Indica (अंग्रेज़ी में). Manager of Publications. पृ॰ 114.
  9. Bruce, Charles Granville. Twenty Years in the Himalaya - Scholar's Choice Edition (अंग्रेज़ी में). Scholar's Choice. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781294961789. अभिगमन तिथि 8 September 2016.
  10. Kathoch,, Y.S. A New History of Uttarakhand.
  11. "Home to ancient Katyuri culture". अभिगमन तिथि 4 August 2016.
  12. Hamilton, Francis; Buchanan, Francis Hamilton. An Account of the Kingdom of Nepal: And of the Territories Annexed to this Dominion by the House of Gorkha (अंग्रेज़ी में). A. Constable. अभिगमन तिथि 2 September 2016.
  13. Lamb, Alastair (1986). British India and Tibet, 1766-1910 (2nd, rev. संस्करण). London: Routledge & Kegan Paul. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0710208723. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)|access-date= requires |url= (help)
  14. Cross, John Pemble ; foreword by J.P. (2008). Britain's Gurkha War : the invasion of Nepal, 1814-16 ([Rev. ed.] संस्करण). London: Frontline. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-84832-520-3. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)|access-date= requires |url= (help)
  15. Naravane, M.S. (2006). Battles of the honourable East India Company : making of the Raj. New Delhi: A. P. H. Pub. Corp. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-313-0034-3. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)|access-date= requires |url= (help)
  16. Gould, Tony (2000). Imperial warriors : Britain and the Gurkhas. London: Granta Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1-86207-365-1. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)|access-date= requires |url= (help)
  17. Martin, Robert Montgomery. The History of the Indian Empire (अंग्रेज़ी में). Mayur Publications.
  18. Summary of the operations in India: with their results : from 30 April 1814 to 31 Jan. 1823. Marquis of Hastings. 1824. |access-date= दिए जाने पर |url= भी दिया होना चाहिए (मदद)|access-date= requires |url= (help)
  19. Kartikeyapura The Imperial Gazetteer of India 1909, v. 6, p. 217.
  20. Falling Rain Genomics, Inc - Baijnath
  21. "साकार हुआ बैजनाथ में झील निर्माण का सपना : दास". Garur: Amar Ujala. अभिगमन तिथि 6 May 2017.
  22. "सीएम करेंगे बैजनाथ झील का लोकार्पण". Garur: Amar Ujala. अभिगमन तिथि 6 May 2017.
  23. "सात को कुमाऊं दर्शन को रवाना होगा पहला दल". Haldwani: Dainik Jagran. अभिगमन तिथि 6 May 2017.
  24. Prashant, Shishir. "Demand for Tanakpur-Bageshwar railway line resurfaces". देहरादून: Business Standard. अभिगमन तिथि 4 August 2016.
  25. Markuna, Rajendra S. "'Tanakpur-Bageshwar rail project need of the hour'". Haldwani: Daily Pioneer. अभिगमन तिथि 4 August 2016.
  26. "ex mp tamta demands three railway lines". Pithoragarh: The Tribune. अभिगमन तिथि 4 August 2016.