बूँदी जिला

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जनसंख्या
घनत्व
11,10,906[1] (2011 के अनुसार )
• 190/किमी2 (492/मील2)
क्षेत्रफल 5,850.5 km² (2,259 sq mi)
आधिकारिक जालस्थल: bundi.nic.in

निर्देशांक: 25°26′13″N 75°37′45″E / 25.4370714°N 75.6293033°E / 25.4370714; 75.6293033 शहर के बारे में पढ़ने के लिए बूँदी पर जाएँ |

बूंदी भारतीय राज्य राजस्थान का एक जिला है। जिले का मुख्यालय बूंदी है।

परिंदों का स्वर्ग "बूंदी "

छोटीकाशी के नाम से प्रसिद्ध बूंदी जिले का प्राकृतिक सौंदर्य अतुलनीय है सतरंगी संस्कृति, लोक परंपराएं और ऐतिहासिक धरोहर को अपने में समाहित किए हुए बूंदी जिला प्रवासी व स्थानीय पक्षियों की पसंदीदा सैरगाह के रूप में प्रसिद्ध रहा है! अरावली की पर्वत श्रृंखलाएं बूंदी को और भी मनोरम बनाती है ! वन एवं वन्य जीवो से बूंदी समृद्ध व इनके लिए प्रसिद्ध है! नैसर्गिक सुषमा से समृद्ध इस अंचल में जलाशयों के तटों व वृक्षों पर विचरण करते देशी विदेशी पक्षी और सघन वनाच्छादित क्षेत्रों में उन्मुक्त घूमते वन्यजीवों से बूंदी जिले की अपनी अलग ही पहचान बनती है ! बूंदी जिले में रणथंभौर बाघ परियोजना, मुकुंदरा टाइगर रिजर्व, रामगढ़ विषधारी अभ्यारण, चंबल घड़ियाल अभ्यारण व जवाहर सागर अभ्यारण का भाग सम्मिलित ह! जिले में वर्तमान में 1542.42 वर्ग किलोमीटर वन भूमि है जो कि जिले के भौगोलिक क्षेत्रफल का 26.70% है !

जिला मुख्यालय बूंदी सहित जिले के 9 विभिन्न जलाशयों में शीतकाल के आरंभ होते ही देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं ! इस दौरान इन जलाशयों में विचरते पक्षियों की चहचाहट यहां की आबोहवा में जीवंतता पैदा करती है! बूंदी जिले में मुख्य रूप से 9 बर्ड वाचिंग प्वाइंट है

1 जेट सागर

2अभय पुरा बांध

3 बरधा बांध

4 गुढा बांध

5 इंद्राणी बांध

6 कनक सागर बांध

7 नारायणपुर बांध

8 राम सागर बांध

9 रतन सागर झील

इन जलाशयों के साथ ही चंबल में जलभराव क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्षियों को विचरण करते हुए देखा जा सकता है!

इन जलाशयों में बार हेडेड गीज,

कॉमन टील,

पेलिकन ,

नार्दन पिनटेल,

इंडियन स्कीमर,

रिवर टर्न,

पर्पल हेरोन ,

पोण्ड हेरोन ,

कोम्ब डक,

पेंटेड स्टोर्क ,

वूली नेकेड स्टार्क,

डार्टर कॉरमाण्ट,

ग्रेटर स्पॉटेड ईगल,

नॉर्दन शावलेवर ,

स्पॉट बिल डक,

और भी विभिन्न प्रजाति के एग्रेट्स भी दिखाई देते हैं !

स्थानीय पक्षियों में कबूतर, तोता, मोर पक्षी ,सारस क्रेन आदि दिखाई देते हैं!

वन मंडल बूंदी द्वारा दिनांक 10 से 26 जनवरी 2018 तक वेटलैंड बर्ड सेंसस 2018 में बूंदी जिले के 9 वाटर पॉइंट पर पक्षी गणना का कार्य किया गया ! वेटलैंड बर्ड सेंसस 2018 के कार्यक्रम का समापन दिनांक 27-1 -2018 को बूंदी बर्ड्स फेस्टिवल 2018 के रूप में मनाया गया! वेटलैंड बर्ड सेंसस 2018 में गणना कार्यक्रम में श्री पृथ्वी सिंह राजावत, श्री विट्ठल सनाढ्य, श्री चंद्र विजय सिंह ,पूर्व मानद वन्य जीव प्रतिपालक के . नामा, किरण चौधरी ,श्री दुष्यंत सिंह व श्री सीताराम गुर्जर का सहयोग रहा!



दर्शन के स्थल[संपादित करें]

यहाँ चौरासी खंभों की छतरी एक बरामदा है जो 84 खंभों पर स्थित है। इसे राव अनिरुद्ध सिंह ने 1740 में नर्स(परिचारिका) देवा द्वारा की गई सेवाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने हेतु बनवाया था। [2]


सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Bundi District Population Census 2011, Rajasthan literacy sex ratio and density". Census2011.co.in. अभिगमन तिथि 2016-08-20.
  2. https://hindi.nativeplanet.com/bundi/attractions/chaurasi-khambon-ki-chhatri/#overview

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]