ग़ाज़ीपुर ज़िला

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साँचा:Infobox India district

गाजीपुर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला है जो इसके पूर्वी भाग में बिहार की सीमा से लगा हुआ है। जिले का मुख्यालय गाजीपुर है। गाजीपुर में 5 तहसीलें हैं। यहाँ का एक गांव गहमर पूरे देश का सबसे बड़ा गांव है।

गाजीपुर का प्राचीन नाम 'गाधिपुरी' था जिसे बदल कर गाजीपुर रखा गया। प्राचीन समय में इसे पवित्र स्थान के रूप में 'छोटी काशी' ( लहुरी काशी ) जाना जाता था और अभी भी कुछ लोग इसे इसी नाम से जानते हैं। गाजीपुर में अफीम फैक्ट्री है। यहाँ के मारकंडे महादेव जी के मंदिर की भी काफी मान्यताएँ हैं जो कीकिसैदपुर में है। गंगा नदी इस जिले से होकर बहती है।

गाजीपुर में लार्ड कार्नवालिस का मकबरा है। सैदपुर तहसील से उत्तर पूर्व की ओर स्थित भीतरी गाँव में स्कन्दगुप्तकालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं।

इस समय केंद्र सरकार में चार मंत्री हैं - राजनाथ सिंह , कलराज मिश्र , मनोज सिन्हा तथा डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डेय।

कृषि एवं उद्योग[संपादित करें]

गंगा किनारे होने के कारण यहाँ की मिट्टी बहुत उपजाऊ है। कृषि इस जिले का प्रमुख व्यवसाय है। गेहूं, धान और गन्ना यहाँ की मुख्य फसलें हैं।

प्रसिद्ध स्थल[संपादित करें]

कामाख्या धाम[संपादित करें]

यह शहर से 40 किलोमीटर दूर, गहमर पुलिस स्टेशन के तहत एक हिन्दू देवी, माँ कामाख्या का मंदिर है। यह मंदिर गदाईपुर गांव में स्थित है। संरक्षण और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए वहाँ एक पुलिस बूथ स्थापित किया गया है। यह अच्छी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। रामनवमी के समय यहाँ बहुत भीड़ रहती है।

महाहर धाम[संपादित करें]

यह शहर से 30 किलोमीटर दूर कासिमाबाद क्षेत्र में स्थित शहर का सबसे बड़ा तीर्थस्थल है। माना जाता है कि महाशिवरात्री के दिन काशी विश्वनाथ यहाँ पधारते हैं और निकट स्थित कुंड में स्नान करते हैं। चौरी और कराहिया और हथौरी के पास रेलवे लाइन और खमाया धाम माता मंदिर और वहाँ माँ दुर्गा मन्दिर है द्वारा निकट स्थित है।

यह भी माना जाता है कि भगवान श्री राम के पिता, दशरथ ने इसी स्थान पर श्रवण कुमार को वाण मारा था।

धामुपुर[संपादित करें]

यह गाजीपुर शहर से 37 किमी दूर एक छोटा सा गाँव है जो परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का जन्म स्थान भी है। वीर अब्दुल हमीद, भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना में एक सैनिक थे जिन्होंने पाकिस्तान की कई टैंकों को नष्ट किया था तथा देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

भीतरी (गाँव)[संपादित करें]

भीतरी, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सैदपुर से उत्तर-पूर्व की ओर लगभग पाँच मील की दूरी पर स्थित ग्राम है। ग्राम से बाहर चुनार के लाल पत्थर से निर्मित एक स्तंभ खड़ा है जिसपर गुप्त शासकों की यशस्वी परंपरा के गुप्त सम्राट स्कंदगुप्त का अभिलेख उत्कीर्ण है। यद्यपि लेख ऋतुघृष्ट है, पत्थर यत्र तत्र टूट गया है तथा बाईं ओर ऊपर से नीचे तक एक दरार सी है तथापि संपूर्ण लेख मूल स्तंभ पर पूर्णतया स्पष्ट है तथा उसका ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित सा है।

लेख की भाषा संस्कृत है। छठीं पंक्ति के मध्य तक गद्य में है, शेष पद्य में। लेख पर कोई तिथि अकित नहीं है। इसका उद्देश्य शार्ग्ङिन विष्णु की प्रतिमा की स्थापना का अभिलेखन तथा उस ग्राम को, जिसमें स्तंभ खड़ा है, विष्णु को समर्पित करना है। लेख में इस ग्राम के नाम का उल्लेख नहीं है।

भीतरी का स्तंभलेख ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उसमें गुप्त सम्राज्य पर पुष्पमित्रों तथा हूणों के बर्बर आक्रमण का संकेत है। लेख के अनुसार पुष्पमित्रों ने अपना कोष और अपनी सेना बहुत बढ़ा ली थी और सम्राट कुमारगुप्त की मरणासन्नावस्था में उन्होंने गुप्त साम्राज्य पर आक्रमण किया। युवराज स्कंदगुप्त ने सेना का सफल नेतृत्व किया। उसने युद्धक्षेत्र में पृथ्वीतल पर शयन किया। पुष्पमित्रों को परास्त कर पिता कुमारगुप्त की मृत्यु के अनंतर स्कंदगुप्त ने अपनी विजय का संदेश साश्रुनेता माता को उसी प्रकार सुनाया जिस प्रकार कृष्ण ने शत्रुओं के मारकर देवकी को सुनाया था।

हूणों की जिस बर्बरता ने रोमन साम्राज्य को चूर चूर कर दिया था वह एक बार यशस्वी स्कंदगुप्त की चोट से थम गई। स्कंदगुप्त की भुजाओं के हूणों के साथ समर में टकरा जाने से भयंकर आवर्त बन गया, धरा काँप गई। स्कंदगुप्त ने उन्हें पराजित किया। परंतु अनवरत हूण आक्रमणों से गुप्त साम्राज्य के जोड़ जोड़ हिल उठे और अन्त में साम्राज्य की विशाल अट्टालिका अपनी ही विशालता के खंडहरों में खो गई।

प्रसिद्ध महाविद्यालय[संपादित करें]

1- ग़ाज़ीपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग़ाज़ीपुर

2- स्वामी सहजानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग़ाज़ीपुर

3- डी ए वी इंटर कॉलेज ग़ाज़ीपुर

4- आदर्श संस्कृत महाविद्यालय वाजिदपुर ग़ाज़ीपुर

5-एस एन एस के इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपेथिक फार्मेसी भावराहा पांडेयपुर राधे गाज़ीपुर 6 -

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]