सामग्री पर जाएँ

लॉर्ड कॉर्नवालिस

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
लॉर्ड कॉर्नवालिस
थॉमस गेन्सबरो द्वारा लॉर्ड कॉर्नवालिस का चित्र, 1783
फोर्ट विलियम(बंगाल) का गवर्नर जनरल
कार्यकाल
सितम्बर 1786  अक्टूबर 1793
शासकजाॅर्ज तृतीय
पूर्वाधिकारी
उत्तराधिकारी
कार्यकाल
30 जुलाई 1805  5 अक्टूबर 1805
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म31 दिसम्बर 1738
मृत्यु5 अक्टूबर 1805(1805-10-05) (उम्र 66 वर्ष)

चार्ल्ज़ कॉर्नवॉलिस, प्रथम मार्क्विस कॉर्नवॉलिस (31 दिसंबर 1738 – 5 अक्टूबर 1805) फ़ोर्ट विलियम प्रेज़िडंसी के गवर्नर जेनरल रहे थे। वह बंगाल का गवर्नर जेनरल थे। इन्होंने 1793 ई. में, बंगाल में स्थायी बन्दोबस्त के रूप में एक नई राजस्व पद्धति की शुरूआत की। इनके समय में ज़िले के सभी अधिकार कलेक्टर को दिया गया और इसे ही भारतीय सिविल सेवा का जनक माना जाता है। इन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के व्यक्तिगत व्यापार पर प्रतिबन्ध लगा दिया। इन्होंने भारतीय न्यायाधीश युक्त ज़िला न्यायलयों को समाप्त कर उसके स्थान पर चार भर्मण करने वाली अदालतें, जिनमें तीन बंगाल के लिए और एक बिहार के लिए, नियुक्त की गईं। 1793 में, प्रसिद्ध कॉर्नवॉलिस कोड का निर्माण करवाया, जो शक्तियों के पृथकीकरण सिद्धान्तों पर आधरित थी। ज़िले में पुलिस थाना की स्थापना कर एक दारोगा को इसका इंचार्ज बनाया।[1]

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. Ed. R. C. Majumdar. History and Culture of Indian People - 8 Maratha Supremacy (Ed. R. C. Majumdar).


लार्ड कार्नवलिस एकमात्र गवर्नर थे जिनकी समाधि भारत में *गाजीपुर* (उत्तर प्रदेश) में स्थित है कानवलिस ने श्रीरंगपटनम की संधि की टिपु सुल्तान के साथ। इन्हीं के समय में तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध हुआ था 1790-1792 ।