भारत के राज्य सचिव

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
के भारत के राज्य सचिव
Royal Coat of Arms of the United Kingdom (HM Government).svg
उनकी महिमा की सरकार का शाही कुलांक
भारत कार्यालय
सदस्य ब्रिटिश मंत्रिपरिषद
उनकी महिमा की शाही परिषद्
अधिस्थान वेस्टमिंस्टर, लंदन
नियुक्तिकर्ता ब्रिटिश संप्रभु
प्रधानमंत्री की सलाह पर
अवधि काल कोई सीमा नहीं
गठनीय साधन भारत सरकार अधिनियम 1858
पूर्वाधिकारी निर्देशक परिषद के अध्यक्ष
गठन 2 अगस्त 1858
प्रथम धारक लॉर्ड स्टैनली
अन्तिम धारक विलियम हेयर, लिस्टॉवल के ५वे अर्ल
समाप्ति 14 अगस्त 1947
उपाधिकारी उप-राज्यसचिव
ईस्ट इंडिया कंपनी के निर्देशकपरिषद् के अध्यक्ष, एवं तत्पश्चात भारत सचिव की पारंपरिक कुर्सी

उनके (या उनकी) महिमा हेतु भारत के प्रधान राज्य सचिव, जिन्हें भारत सचिव या भारतीय सचिव के रूप में भी जाना जाता था, एक ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री और ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य, अदन और बर्मा के शासन हेतु जिम्मेदार "भारत कार्यालय" के राजनीतिक प्रमुख थे। यह पद 1858 में बनाया गया था जब बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हो गया था और सम्पूर्ण भारत, देशी रियासतों को छोड़कर, लंदन में व्हाइटहॉल स्थित ब्रिटिश सरकार के प्रत्यक्ष प्रशासन के तहत लाया गया था, और ब्रिटिश साम्राज्य के तहत आधिकारिक औपनिवेशिक काल की शुरुआत हुई थी।

1937 में, भारत कार्यालय को पुनर्गठित किया गया जिसमें बर्मा और अदन को नए बर्मा कार्यालय के तहत अलग कर दिया गया, लेकिन दोनों एक ही राज्यसचिव के अंतर्गत थे; बहरहाल इस पड़ को एक नया नाम दिया गया: महामहिमा हेतु भारत और बर्मा के प्रधान राज्य सचिव। अगस्त 1947 में भारत कार्यालय और राज्य सचिव के पद को समाप्त कर दिया गया, जब यूनाइटेड किंगडम ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के तहत भारत को छोड़ दिया, जिसने दो नए स्वतंत्र स्वायत्त्योपनिवेश (डोमिनियन), भारत अधिराज्य और पाकिस्तान अधिराज्य के को बनाया गया। बर्मा ने भी जल्द ही 1948 की शुरुआत में स्वतंत्रता हासिल कर ली।[1]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. बर्मा वर्ष १९४८ में ब्रिटिश राज से स्वतंत्र हुआ था

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]